Delhi

टाटा, बिरला से लेकर अंबानी तक धनकुबेर होने के बदलते प्रतीक चिंह !

देश की आज़ादी से पहले भी नगर सेठ होते थे और दिल्ली में लाला छुन्नामाल जैसे बहुत से नाम इज्जत से इतिहास का हिस्सा हैं जो मुगलिया तख्त को भी पैसा उधार देने की कुव्वत रखते थे।...

खोखले होते भारतीय लोकतंत्र के लिए जिम्मेदार कौन ?

भारत में कथित रूप से लोकतंत्र का उत्सव मनाया जा रहा है और पांच राज्यों के चुनावों के साथ ही भारतीय राजनेता खुलकर अपनी छिपी घृणित सोच के साथ सामने आ रहे हैं।...

भारत तो क्या हिंदुस्तान ( अविभाजित हिंदुस्तान ) की जनता के बारे में ऐसा सोचना भी कल्पना से उपर की बात है लेकिन तर्को के आधार पर झुठलाया भी नहीं जा सकता।

क्या कोई कल्पना कर सकता है कि विश्व को शांति और अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाला हिन्दुस्तानी समाज बुद्ध, महावीर, नानक, गांधी और अपने पीर पैगम्बर की शिक्षाएं भुलाकर रवांडा की तरह अपने ही बहन भाइयों और बच्चो के खून से रंगे हाथ लेकर उत्सव मनाने की मानसिकता रख सकता है ?...

शहीदों की चिताओं पर भी खड़े होंगे झमेले, ये तो कभी सोचा भी ना था !

शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पे मिटने वालों का यहीं आखिर निशान होगा ! बहुत सुनते थे हाल ए दिल मगर काटा तो कतरा ए खू ना निकला। कुछ ऐसे ही शब्दो के साथ अपनी आबरू के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिक शहीदों की आत्मा चीत्कार रही होगी जब मालूम पड़ेगा कि 1972 से उनके बलिदान के सम्मान में निरन्तर जल रही अमर जवान ज्योति को भारत सरकार ने बुझाने का निर्णय लिया है।...

नेजेबंदी अर्थात टेंट पेगिंग ! घोड़े की पीठ पर बैठकर खेला जाने वाला प्राचीन खेल जो पंजाब में आज भी लोकप्रिय है।

यद्धपि विश्व में घोड़े की पीठ पर बैठकर खेले जाने वाले खेलों में पोलो अधिक प्रसिद्ध हैं लेकिन आज भी पंजाब विशेषकर पश्चिमी पंजाब ( पाकिस्तान ) में नेजेबंदी अपनी लोकप्रियता कायम रखे हुए है।...

NewsNumber एक मिशन है सोशल जर्नलिज्म को नई दिशा देने का और इसी कड़ी में एक आलेख जिसके अल्फ़ाज़ दिल की गहराई तक छु जाते है।

NewsNumber.Com सोशल पत्रकारिता को नई दिशा और नई ऊंचाइयां देने के सामाजिक मिशन के साथ कार्य करता है। किसी भी वेब चैनल से बहुत अधिक सबस्क्राइबर होने के बावजूद हम निरर्थक विज्ञापन स्वीकार नहीं करते।...

भारत रत्न खान अब्दुल गफ्फार खान उर्फ सरहदी गांधी की पुण्य तिथि पर विशेष।

खान अब्दुल गफ्फार खान जिन्हे सरहदी गांधी के नाम से भी जाना जाता है आज उनकी पुण्यतिथि है और यदि गांधी का अर्थ सत्य और अहिंसा है तो उसको व्यवहार में सिद्ध करने का नाम भारत रत्न खान अब्दुल गफ्फार खान है।...

सदात अली मंटो अर्थात एक ऐसा आइना जो सामने वाले चेहरे पर लगा कलंक न केवल दिखाता था अपितु चीख चीख कर बताने की सलाहियत भी रखता था।

सदात अली मंटो अर्थात एक ऐसा आइना जो सामने वाले चेहरे पर लगा कलंक न केवल दिखाता था अपितु चीख चीख कर बताने की सलाहियत भी रखता था। बेशक वो सिर्फ इतना ही मुसलमान था कि उसका नाड़ा खोलकर उसे दंगो की भेंट चढ़ा दिया जाता।...

ਜਿੱਥੋਂ ਦੀ ਖੋਤੀ, ਓਥੇ ਆ ਖਲੋਤੀ ! अफगानिस्तान को भारत सरकार द्वारा भेजे जाने वाली मानवीय मदद सियासी दांवपेंचों में फसी !

23 नवम्बर 2021 को NewsNumber.Com पर भारत सरकार द्वारा अफगानिस्तान को 50 हजार टन गेंहू भेजने की घोषणा के साथ पाकिस्तान द्वारा सम्भावित प्रतिक्रिया की रिपोर्ट सच साबित हुई।...

ਅਵੇਸਲੇ ਨਹੀਂ ਹੋਣਾ, ਦਿੱਲੀ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਫ਼ੈਸਲਾ ਬਦਲੇਆ ਹੈ, ਸੋਚ ਨਹੀਂ ਬਦਲੀ।।

एक साल से भी अधिक की तपस्या के नतीजे में भारतीय किसानों की पहली बड़ी जीत दर्ज हुई और भारतीय संसद के दोनों सदनों से खेती विरोधी बिल वापिस ले लिए गए लेकिन जिस प्रकार धक्केशाही से बिल पास हुए थे वैसे ही वापस भी हो गए।...

दूसरे धर्मों एवम् धार्मिक भावनाओं का ध्यान रखना ही इंसानियत है और यदि कोई गलती करे तो उसे नोटिस लेना वहां की सरकार की तारीफ करने लायक है।

एक नूर से सब जग उपज्यों, कौं भले कौ मंदे का दर्शन मानने वाले धन गुरु नानक देव जी के विश्राम स्थल पाकिस्तानी पंजाब के गुरुद्वारा करतार पुर साहिब में मॉडलिंग करना विवादों के घेरे में।...

ਯੂਪੀ, ਪੰਜਾਬ ਦੀਆ ਚੋਣਾਂ ਜਾ ਕਿਸੀ ਵੱਡੀ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ ਦੀ ਆਹਟ ! ਸਿਆਸੀ ਪਾਰਟੀਆਂ ਤੇ ਕਿੰਨਾ ਕ ਭਰੋਸਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ?

और इस प्रकार उत्त प्रदेश एवम् पंजाब की सड़को, गली, चौराहों पर चुनावी बिगुल बज चुका है जिसमे दो ऐसे बिंदु है जिन्हे नजरंदाज करना ऐसी ही भूल हो सकती हैं जैसी सावरकर और जिन्ना के उदय के समय हिंदुस्तान ने की थी।...

भारतीय होने पर शर्म क्यों नहीं आयेगी ?

"क्या यार भारत भी कोई देश है ? यहां जन्म लेकर तो जैसे कोई गुनाह हुआ है" कुछ इसी प्रकार के शब्द भारत के प्रधान मंत्री श्री मोदी जी ने अपने विदेशी दौरे के समय कहे थे तथा भारत सांप सपेरों और मदारियों का देश रहा है इसको भी स्वीकार किया था।...

जिन्ना की चर्चा और बाहर से अंदर तक तनाव ही तनाव है। कारण सिर्फ एक और वो यूपी का चुनाव है।।

इसमें कोई शक नहीं है कि यदि राजनीति के घटिया स्तर और सियासी साजिशों को छोड़ दिया जाए तो हिंदुस्तान से बेहतर मुल्क कुर्रा ए अर्श पर दूसरा नहीं है। उसमे भी बहुल संस्कृति और सभ्यताओं वाला भारत लेकिन ........

भारत के हिन्दुत्व प्रभावित क्षेत्र जहां दो प्रकार के हिन्दू रहते है। एक जो मन्दिर भी जा सकते हैं और घोड़ी पर बारात भी निकाल सकते है, दूसरे जो ये सब नहीं कर सकते।

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने एक कार्यक्रम में बोला कि भारत में दो प्रकार के हिन्दू रहते हैं एक वो जिन्हे मन्दिर प्रवेश, घोड़ी पर बारात और युवकों को मुछे रखने की अनुमति होती है और दूसरे जिनके लिए यह सब सामाजिक अपराध माना जाता है।...

किसान आंदोलन और बिल वापसी ! कितना सियासी, कितना मजबूरन ?

19 नवम्बर को भारत के प्रधानमन्त्री द्वारा खेती विरोधी कहे जा रहे पूंजीपति मित्रों की मदद वाले कानून वापिसी की घोषणा कर दी गई लेकिन किसानों ने आंदोलन वापिस लेने से इंकार कर दिया।...

और इसी के साथ विश्व इतिहास में अहिंसक आंदोलन का इतिहास कायम हो गया !

26 नवम्बर एक ओर भारत सरकार संविधान दिवस के नाम पर उत्सव आयोजित करते हुए माननीय राष्ट्रपति से लेकर प्रधान मंत्री तक लोकतंत्र और संविधान के गुणगान में व्यस्त थे दूसरी ओर मुंबई हमले में शहीदों के परिवार अपनों को याद कर रहे थे तो दिल्ली की सरहदों पर असंख्य किसानों की उपस्थिति तानाशाही को चुनौती दे रही थी।...

वर्तमान से भूतकाल की ओर धकेलने का प्रयत्न या कुछ और ?

दिल्ली के निकट नोएडा में एक पुस्तक का विमोचन करते हुए आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने बयान दिया कि हिंदुस्तान का बटवारा एक ऐतिहासिक गलती थी और अब समय आ गया है कि इसे निरस्त किया जाए।...

दक्षिण एशिया ( अविभाजित हिंदुस्तान ) का एक ऐसा सितारा जिसे 1947 के पार्टिशन ने बांट दिया।

कला और संस्कृति के क्षेत्र में हिंदुस्तान बिना किसी शक और सुबाह के दुनियां का सबसे बेहतर मुकाम रहा है लेकिन आज़ादी के साथ ही बटवारा और उसके साथ ही धर्म के आधार पर राजनीति के लिए ध्रुवीकरण इस क्षेत्र के माथे पर केवल कलंक ही कहला सकता है।...

तेल का खेल या सरकार हुई फेल ! भारत सरकार द्वारा स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व से 50% निकालने का फैसला।

हम बेचेंगे, हम बेचेंगे ! देश की सारी सम्पत्ति हम बेचेंगे, छुपा कर रखी सम्पत्ति या बचा कर रखी सम्पत्ति हम बेचेंगे।...

हिटलर ने आत्महत्या क्यों की थी और उस्मानिया सल्तनत के अंतिम ख़लीफा ने फ्रांस में जीवन क्यो बिताया था ?

लगभग एक साल से दिल्ली की सरहदों पर चल रहा किसान आंदोलन और भारत सरकार की हठधर्मिता के बीच 19 तारीख को भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा टीवी पर घोषणा की गई कि भारत सरकार तीनों किसान विरोधी कानूनों को वापिस लेने का निर्णय कर चुकी है।...

ग्रुप कैप्टन अभिनन्दन वर्धमान को वीर चक्र ! सैनिक परम्पराओं का उल्लंघन या अमेरिका को आइना !

कूटनीति या वोटनिती ! यह प्रश्न खड़ा किया है उन पूर्व सैन्यधिकरियों ने जो भारतीय सेना की उच्च परम्पराओं को जानते है और इस बार विवाद का विषय बना है भारतीय वायुसेना के ग्रुप कमांडर अभिनंदन वर्धमान को महामहिम राष्ट्रपति द्वारा वीर चक्र से सम्मानित करना।...

किसान विरोधी कानूनों की वापसी की घोषणा के बाद भारतीय प्रधान मंत्री को किसान नेताओ का खुला पत्र।

19 नवम्बर सुबह नौ बजे भारत के अभी सूचना और प्रसारण माध्यमों पर भारतीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी अवतरित हुए। आशा की जा रही थी कि श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व की शुभकामनाए देने के लिए उनका संबोधन होगा क्योंकि शीघ्र ही पंजाब में चुनाव भी होने है।हालांकि उससे दो दिन पहले ही उनके निकटतम माने जाने वाले अमित शाह ने करतार पुर कॉरिडोर को दोबारा शुरू करने की घोषणा कर दी थी।...

बिकी हुई अदालतें और नेताओ की कठपुतली बन रहे जज साहब !

किसी भी लोकतंत्र के चार प्रमुख स्तम्भ माने जाते है और उसमे भी ज्यूडिशरी को इसलिए अहमियत दी जाती हैं कि जब भी मानवाधिकारों और लोकतंत्र को खतरा होने का अहसास होता है तो न्यायालय ही जनता की अंतिम उम्मीद होती हैं।...

बाबा नानक आलम दा फकीर मुस्लिम दा पीर ।।

गुरु नानक देव सिखो का गुरु, आलम का फकीर और मुस्लिम का पीर ! यह लोकोक्ति पाकिस्तानी पंजाब के गवर्नर ने अपने भाषण में बोली जब वो धन गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव पर उपस्थित श्रद्धालुओं का स्वागत करने के लिए उपस्थित थे।...

भारत - पाकिस्तान की तुलना करना कितना अतार्किक और कितना अनैतिक !

भारत और पाकिस्तान एक से बने दो देश जिनकी हमेशा से तुलना की जाती रही है बेशक पाकिस्तान भारत के मुकाबले बहुत छोटा सा देश है लेकिन भारतीय राजनीतिक दलों और चुनावों के अतिरिक्त भी उसकी महत्वपूर्ण उपस्थिति से इंकार नहीं किया जा सकता।...

विश्व इतिहास के सबसे लंबे चले अहिंसक किसान आंदोलन ने अहंकार को झुकने के लिए मजबूर तो किया लेकिन क्यों ?

समस्त मानव समाज और इंसानियत को मानने वाले जन जन को धन गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव की असंख्य शुभकामनाएं एवम् भारत में चल रहे विश्व इतिहास के सबसे लंबे अहिंसक किसान आंदोलन में अपना सर्वोच्च बलिदान देकर शहादत प्राप्त करने वाले किसानों को प्रणाम।भारतीय प्रधान मंत्री जी के टीवी संबोधन पर विचार करते हुए बहुत से किन्तु परन्तु मूंह बाए खड़े हो जाते हैं।...

और वली कंधारी जिंदा हो गया ! क्योंकि नेक ख्यालात को इब्लीश कितना भी कोशिश कर ले मार नहीं सकता।

दिल्ली की सरहदों पर चल रहे किसान आंदोलन को लगभग एक साल होने वाला है और जाबर को रहम नहीं आया बेशक वहां से चार - पांच सौ किमी से भी दूर से धरने पर बैठे कई किसान आज तक लौट कर घर वापस नहीं गए।...

पंजाब केसरी लाला लाजपतराय जी की पुण्यतिथि पर विशेष।

लाल - बाल - पाल, आज़ादी की लड़ाई के समय कांग्रेस के ये तीन नाम गर्म दल के नाम से जाने जाते थे और उस समय अंग्रेज़ सरकार इनकी तस्वीर से भी खौफ खाती थी।...

Star Wars या स्ट्रेटिजिक डिफेंस सिस्टम ! अमेरिकी महत्वाकांक्षाओं द्वारा जनित युद्ध उसी को दहलाने लगा।

जहां और भी है सितारों से आगे ! शायराना अंदाज में बोली गई पंक्ति बेशक उस सन्दर्भ मे न कहीं गई होगी जिस सन्दर्भ मे परसो रूस ने अपने ही उपग्रह को अपनी ही मिसाइल से नष्ट कर दिया लेकिन उसकी धमक से अमेरिका, फ्रांस और नासा से नाटो तक गूंज उठा।...

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