Delhi

शराब ना पीने वाला शराबी ! भारतीय सिनेमा जगत में कामयाब शराबी का चरित्र निभाने वाला व्यक्ति जो शराब नहीं पीता था।

मुंबई की बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में वैसे तो बहुत से सितारे हुए है जिन्हे बतौर हीरो याद किया जाता है लेकिन कुछ ऐसे चरित्र कलाकार भी हुए हैं जिनकी एक्टिंग हीरो से भी ज्यादा याद रखी जाती हैं। ऐसे ही एक केशटो मुखर्जी कभी नहीं भूलते जिन्होंने सबसे ज्यादा शराबी होने के रोल अदा किए।...

अफगानिस्तान से चीन तक बदलते हालात ! भारत के लिए चुनौती, चेतावनी या खुद को सिद्ध करने का मौका !

पिछले चार दिनों में हुई हलचल से अफगानिस्तान से लेकर कश्मीर होते हुए तिब्बत तक की बदलती परिस्थितियों के बीच भारत के लिए चुनौती, चेतावनी या समझदारी से काम करने की आवश्यकता है ?...

Sophia Duleep Singh The great Punjaban will be honoured by Britishers

ਯੁ ਕੇ ਵਿੱਚ ਸਿੱਖ ਰਾਜ ਦੀ ਸੋਫੀਆ ਦਲੀਪ ਸਿੰਘ ਦਾ ਬੁੱਤ ਲਾਣ ਦਾ ਵਿਚਾਰ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਸਿੱਖ ਰਾਜ ਦੀ ਰਾਜਕੁਮਾਰੀ ਬਾਰੇ ਕੁਛ ਜਾਣਕਾਰੀ...

अंतरराष्ट्रीय मीडिया द्वारा पेगासस जासूसी कांड का खुलासा होने के बाद भारत की मोदी सरकार के विरूद्ध रोष बढ़ता जा रहा है।

वैसे तो भारत सहित दुनिया के कई देशों, विशेषकर थर्ड वर्ल्ड में फोन टैपिंग जैसे कांड होते रहे हैं बेशक यह असंवैधानिक एवम् मानवाधिकारों का हनन है। लेकिन जिस प्रकार पेगासस जासूसी मामले का खुलासा हुआ है एवम् इसे सख्ती से सरकार विरोधी अहम मुद्दा बना दिया गया है इससे शासक वर्ग में चिंता होना स्वाभाविक है। दिल्ली में युवा कांग्रेस द्वारा संसद की ओर प्रदर्शन करते हुए मार्च निकाला गया तो पत्रकारिता पर आंच आती देखकर पत्रकार संगठनों द्वारा भी अपना अपना विरोध दर्ज कराया गया।...

शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले... मगर क्या मालूम था कि उनकी कुर्बानी भुला देंगे।

बहुत सुना था कि आज़ादी की लड़ाई में लडने वालो और शहीदों को सम्मान के साथ आज़ाद हिंदुस्तान में सिर उठाकर जीने का मौका मिलेगा लेकिन भगत सिंह के साथी ने आज़ादी से पहले भी और बाद मे भी केवल संघर्ष का सामना किया।...

डिप्लोमेटिक नाटक का अंत जिसके कारण पाकिस्तान की सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा।

दो दिन पहले दुनियां भर के राजनयिक क्षेत्रो मे हलचल मच गई जब समाचार मिला कि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से अफगानिस्तान के राजदूत की बेटी का अपहरण हो गया है।...

भारतीय सिनेमा की प्लेबैक सिंगर की फेहरिस्त में एक नाम जिसे भुलाया नहीं जा सकता।

भारतीय सिनेमा जगत ने एक से बढ़कर एक नायाब सितारों से खुद को सजाया है और उन्हें तो विशेष रूप से याद रखना चाहिए जिन्होंने समाज को चुनौती देते हुए अपना मुकाम हासिल किया।...

एक चुटकी सिंदूर की कीमत सुनते ही जो चेहरा याद आता है उसका नाम है राजेश खन्ना। भारतीय सिनेमा का पहला सुपर स्टार।

भारतीय सिनेमा का युग वैसे तो दादा साहब फाल्के और सोहराब मोदी से लेकर पृथ्वीराज कपूर और दिलीप कुमार से होता हुआ यहां तक पहुंचा है लेकिन अभी को जनता द्वारा व्यापक समर्थन मिलने के बावजूद किसी को सुपर स्टार नहीं कहा गया । फिर 1942 में जन्मा एक ऐसा कलाकार मुंबई पहुंचा जिसकी हेयर स्टाइल और पैंट्स के उपर कुर्ता पहनना एक ट्रेंड बन गया। उस कलाकार को दुनिया राजेश खन्ना के नाम से जानती है।...

18 जुलाई नेल्सन मंडेला दिवस के रूप में विश्व के उस महामानव के नाम जिसने रंगभेद के विरूद्ध अपने जीवन को दांव पर लगा दिया।

सभे की जात एके पहचानबो, और एक नूर से सब जग उपज्यो जैसे महामंत्रों को जीवन में उतारने और इनके लिए संघर्ष करने वाले यदि किसी महामानव का वर्तमान काल में उल्लेख किया जाना चाहिए तो निसंदेह वो नेल्सन मंडेला ही है जिन्हे पहले विदेशी नायक के रूप में भारत सरकार ने भारत रत्न सम्मान से सम्मानित किया था उनके जीवन चरित्र पर कुछ शब्द उर्मिलेश उर्मिल साहब के सहयोग से।...

यदि दक्षिण भारत को छोड़ दिया जाए तो हिंदुस्तान में सिर ढकना आदर और अदब माना जाता रहा है। टोपियों का इतिहास !

वैसे तो सदियों से उत्तर भारत की सभ्यताओं में विध्यांचल से लेकर हिंदुकुश तक सिर ढकना सम्मान एवम् संस्कृति का हिस्सा रहे है लेकिन पहले पगड़ी के नाम पर लंबा कपड़ा लपेट लिया जाता था फिर टोपियां प्रचलन में आई जिनके विभिन्न प्रकार प्रचलन में हैं। उसी की रोचक जानकारी एवम् इतिहास।...

आजादी की लड़ाई का एक ऐसा अध्याय जिसकी चर्चा बहुत कम होती हैं लेकिन यह नेहरू जी के जीवन का अटूट हिस्सा है।

अंग्रेजी साम्राज्य के विरूद्ध चली आज़ादी की लड़ाई का एक ऐसा अध्याय जो सिद्ध करता है कि कैसे हिन्दुस्तानियों ने जान की बाजी लगाकर भी इसमें जीत हासिल की।...

एक ऐसे जांबाज योद्धा के जन्मदिन पर बधाई जिसने 1971 के युद्ध में दशम पिता की वाणी को सत्य कर दिखाया।

1971 का भारत पाक युद्ध और श्रीनगर पर पाकिस्तानी वायुसेना का हमला जिसकी उम्मीद नहीं थी लेकिन लुधियाना में जन्मे गुरसिख ने इतिहास कायम करके दिखा दिया।...

एक भारतीय जर्नलिस्ट की मौत और मृतक को अमर शहीद या उसकी मौत पर हसने का कुकृत्य।

एक दुखद घटना में भारत के प्रतिष्ठित पत्रकार दानिश सिद्दीकी को अफगानिस्तान में गोली लगने के कारण अपनी जान कुर्बान करनी पड़ी। बेशक यह उसका उसके प्रोफेशन के प्रति समर्पण था और इसी वजह से उसे विश्व का प्रतिष्ठित पुरस्कार भी मिला था। लेकिन उसकी मौत से भी ज्यादा दुखद और शर्मनाक भारत सरकार तथा रेडिकल सोच वालो का रवैया रहा।...

कला और फिल्म जगत की दादी सा 75 बसंत देखकर अलविदा कह गई

दिल्ली में जन्म लेने के बाद अल्मोड़ा और नैनीताल की वादियों में पली बढ़ी सुरेखा सिकरी ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से पढ़ाई के बाद पत्रकारिता करने की सोची लेकिन फिल्म इंडस्ट्री ने इन्हे अपने आगोश मे समेट लिया और इज्जत, शोहरत तथा इतने अवॉर्ड्स ने नवाजा कि ये भूल गई अपने अतीत को।...

India reunification मुहिम, बेशक एक सुनहरा ख्वाब है लेकिन किसी ने देखने की हिम्मत तो की !

अपने बेबाक बयानात के लिए प्रसिद्ध भारतीय सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मार्कंडेय काटजू साहब ने एक ख्याल पेश किया है कि क्यों न भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश फिर से इकट्ठे होकर वृहद हिंदुस्तान बन जाए।...

तालिबान अफगानिस्तान के बढ़ते कदम पाकिस्तान और ईरान के लिए एक बड़ा खतरा !

जिस तेजी से और सामरिक योजना से तालिबान आगे बढ़ रहे है और सम्भावना जताई जा रही है कि वो काबुल फतह कर लेंगे तो क्या इसके बाद क्षेत्र में शांति स्थापित हो जाएगी या एक नया खतरा बढ़ जाएगा।...

आकाश यदि लक्ष्य हो और हौंसले की उड़ान हो तो आसमान को धरती पर उतार लाना न मुश्किल है न असम्भव।

यकीनन यदि हिम्मत और हौंसले से एक पत्थर भी उछाला जाए तो वो आसमान में छेद कर सकता है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया जोधपुर की महिला सफाईकर्मी ने जिसने राजस्थान प्रशासनिक सेवा 2018 के अंतिम रिजल्ट के साथ सफलता प्राप्त करके एक कीर्तिमान स्थापित किया।...

छद्म विश्व युद्ध का एशियाई थियेटर और भारत सरकार की नीतियां !

वर्तमान स्थितियों में चल रहे छद्म विश्व युद्ध के मैच में फिलहाल कोशिश की जा रही है कि बाल दूसरे के पाले में कैसे धकेली जाए और कैसे नए सहयोग संगठन खड़े किए जाए जिनका अंत इस क्षेत्र में भारत में ही होने की सम्भावना है।...

बिना दर्द हुए दर्द महसूस करने और उसे बेखौफ होकर अल्फ़ाज़ देने का दूसरा नाम इस्मत चुग़ताई ही हो सकता है।

हिंदुस्तान ने कला के क्षेत्र में अनमोल हीरे जवाहरात से दुनियां को नवाजा है जिनमे से एक गर्म हवा वाली इस्मत आपा जिन्होंने पार्टिशन और औरत के दर्द को महसूस भी किया और अल्फ़ाज़ भी दिए।...

फिल्मी कलाकार जिनके किरदार जीवंत हो उठते थे और जिनका चेहरा एवम् आंखे ही डायलॉग बोलती थी।

वैसे तो अतीत कैसा भी हो लेकिन उसकी स्मृतियां मधुर ही होती हैं लेकिन फिल्म इंडस्ट्री में जितना पीछे लौटते जाते है उतना ही बेहतरी का अहसास होता है।...

कौन जाए जौक दिल्ली की गलियां छोड़कर ! चार दिन पहले पीने के पानी को तरसती दिल्ली आज डूबने को तैयार है।

सिर्फ चार दिन पहले दिल्ली के अधिकांश हिस्सों में बहुत जरूरी कामों के लिए भी पानी उपलब्ध नहीं था और नेता सिर्फ एक दूसरे पर आरोप लगा रहे थे। लेकिन केवल एक रात की बारिश से उसी दिल्ली की गलियां और सड़कें तालाब बन गई। दिल्ली के इतिहास और वर्तमान पर एक विश्लेषण।...

तीसरा विश्व युद्ध ! होगा या हो रहा है ? बेशक युद्ध की परिभाषा और तरीका बदल गया हो !

पिछले दशक से लगातार सुना जा रहा है कि तीसरे विश्वयुद्ध का आगाज हो चुका है और साउथ चाइना सी से शुरू होकर अमेरिका एवम् चीन के वर्चस्व का फैसला होने वाला है लेकिन वास्तव मे ऐसी किसी आशंका के सच होने की सम्भावना है या फिलहाल दुनियां किसी युद्ध में शामिल हो चुकी हैं ?...

अंग्रेज़ो ने कैसे हिंदुस्तान का न केवल इतिहास और संस्कृति बदली अपितु हमारी सोच और भाषा भी बदल दी।

ब्रिटिश साम्राज्य ने अपने फायदे के लिए किस प्रकार हिन्दुस्तानी तहजीब में बदलाव किया और कुछ जातियों को अपराधी कबीले घोषित कर दिए तो कुछ क्रांतिकारियों के नाम ही गाली बना दिए गए। ऐसा ही एक शब्द है "गुंडा" इसका इतिहास और इसके पीछे की असलियत।...

भारत के संविधान की हस्तलिखित कॉपी जिसका अक्सर उल्लेख नहीं होता।

आजादी के बाद पहली जरूरत थी देश के संविधान की और इसको तैयार किया संविधान सभा ने जिसके अध्यक्ष बाबा भीमराव अम्बेडकर थे। लेकिन संविधान की एक प्रति हाथ से भी लिखी गई थी और उसके लिए नेहरूजी ने रायजादा साहब की सेवाए प्राप्त की।...

तमिल सिनेमा की एक ऐसी फिल्म जिसकी कल्पना भारतीय समाज में सम्भव नहीं लगती थी।

कला या सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम ही नहीं होता अपितु समाज का आईना भी होता है। भारतीय समाज में अछूत कहलाने वाली सामाजिक बुराई के अतिरिक्त ऐसी जातियां भी होती होगी जिनका दिखाई देना भी अशुभ माना जाता था।...

एक ऐसा लेखक जिसके शब्दो से मानवता विरोधी पाठको की रूह कांपती है।

एक कालजयी सम्पूर्ण व्यक्तित्व और रावलपिंडी से लाहौर होते हुए दिल्ली तक की उसकी यात्रा ! हिन्दुस्तानी साहित्य के भीष्म पितामह भीष्म साहनी जी की जीवन यात्रा।...

खुदी को कर बुलंद इतना कि हर तकदीर से पहले खुदा बंदे से खुद पूछे, बता तेरी रज़ा क्या है।

मुंबई की कचरा चुनने वाले परिवार की महिला रेशमा की कहानी जिनके लिए खाना ही सबसे बड़ी अलामत हो उनकी शिक्षा के प्रति लगन बहुत से लोगों के लिए प्रेरणा बन सकती हैं।...

गायिका से नायिका बनी और दर्शकों के दिल पर राज करने वाली अतुलनीय टुनटुन जी।

उमा देवी से टुनटुन और गायिका से नायिका बनी भारतीय सिनेमा की अतुलनीय महिला कॉमेडियन को उनके जन्मदिन पर सादर स्मरण।...

भारतीय उपमहाद्वीप के सबसे सुंदर समझे जाने वाले हीरो दिलीप कुमार साहब के जीवन से प्रेम प्रसंग।

दिलीप कुमार साहब ने वैसे तो अपने जीवन यात्रा को खुद ही खुली किताब की तरह सबके सामने रख दिया था लेकिन उनके रोमांटिक जीवन का कुछ हिस्सा निकाल कर दिया गया है।...

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