हिमाचल में एशिया का सबसे ऊंचा पुल तैयार

एशिया में सबसे अधिक ऊंचाई पर बने पुलों में हिमाचल प्रदेश ने बाजी मार ली है। लाहौल स्पीति में नवनिर्मित किब्बर-चिच्चम पुल ने ऊंचाई के मामले में सभी पुलों को पीछे पछाड़ दिया है। हिमाचल के लोक निर्माण विभाग ने यह कीर्तिमान अपने और देश के नाम दर्ज किया है। स्पीति उपमंडल में चीन सीमा के नजदीक एशिया के दो सबसे ऊंचे गांवों को आपस में जोडऩे के बाद विभाग ने सर्वाधिक ऊंचाई पर पुल बनाने का कारनामा कर दिखाया है। हालांकि करीब 15 वर्ष बाद पुल का निर्माण कार्य मुकम्मल किया गया है। लाहौल स्पीति में किब्बर व चिच्चम बेहद ऊंचाई पर स्थित गांव हैं। किब्बर लगभग 14000 फुट की ऊंचाई पर स्थित होने के चलते दुनिया का तीसरा सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित गांव है। ऐसे में दोनों गांवों के बीच सांबा-लांबा नाला पड़ता है, जिसकी घाटी बेहद संकरी और गहरी है। इसी नाले पर इस पुल को बनाया गया है, जिसने एशिया में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस पुल के बनने से बौद्ध गोंपा में आने वाले सैलानी अब आसानी से चिच्चम गांव तक पहुंच सकेंगे।

इस पुल का लोकार्पण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा किया गया। पहले किब्बर से चंद्रताल पहुंचने में लगभग पूरा दिन लग जाता था, लेकिन अब इस पुल के बन जाने से यहां का सफर बेहद कम हो गया है। इससे पहले इस नाले को एक तार पर चलने वाली ट्रॉली के सहारे पार किया जाता था। बेशक यह क्षेत्र कई महीने बर्फ से ढका रहता है, लेकिन लोगों को पैदल भी सफर करने में अब बेहद आसानी होगी। तिब्बत से लगती सीमा पर यह क्षेत्र देश के अंतिम छोर पर स्थित है और यहां के गांव सबसे ऊंचाई पर स्थित ऐसे गांव हैं जिनमें लोग रहते हों। हालांकि यहां ऑक्सीजन भी बेहद कम है, लेकिन यहां के लोगों को इसमें जीने की आदत पड़ चुकी है।