Conflict between Russian forses and Ukrainian army. Ground report for NewsNumber.Com

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा युद्ध की घोषणा के साथ ही रूसी सैनिकों के यूक्रेन पर धावा बोलने के समाचारों के साथ साथ स्वाभाविक रूप से प्रोपेगंडा मशीनरी भी काम कर रही है और विभिन्न विरोधाभाषी खबरे आ रही है। 

NewsNumber.Com के लिए मॉस्को से अनिल जनविजय की ग्राउंड रिपोर्ट।

उक्रअईना और उससे जुड़ी परिस्थिति

शुक्रवार , 25 फ़रवरी की सुबह भारतीय समयानुसार साढ़े चार बजे

उक्राअईना की सेना पीछे हटते हुए लुगांस्क और दनेत्स्क प्रदेशों के गाँवों और बस्तियों में मकानों और घरों में आग लगा रही है या बम-विस्फोट कर रही है। इन धमाकों में बड़ी संख्या में शान्तिपूर्ण नागरिक मारे जा रहे हैं। पीछे हटते हुए उक्रअईनी की सेना जगह-जगह बारुदी सुरंगे भी बिछा रही है। बड़ी संख्या में आम नागरिक इन बारुदी सुरंगों के शिकार हो सकते हैं।

फ़ेसबुक ने रूसी मीडिया के एकाउण्टों पर बैन लगा दिया है और उन्हें बन्द कर दिया है ताकि रूसी मीडिया अपने फ़ेसबुक एकाउण्टों के ज़रिए रूसी नज़रिए का प्रचार-प्रसार न कर सके।

यूरोप को अचानक यह होश आ गया है कि रूस के साथ-साथ बेलारूस पर भी प्रतिबन्ध लगाए जाने चाहिए। यूरोप के देशों ने उन प्रतिबन्धों पर विचार करना शुरू कर दिया है, जो बेलारूस पर लगाए जाएँगे।

ब्रिटेन ने रूसी एयरलाईन एयरोफ़्लोत की उड़ानें बन्द कर दी हैं।

फ़्रांस के राष्ट्रपति मकरों ने कहा है कि जी-७ के सभी देश रूस के इस क़दम की निन्दा कर रहे हैं और यह एकजुटता बड़ी बात है।

बायडन ने कहा है कि रूस के चार बैंकों के खिलाफ़ वित्तीय प्रतिबन्ध लगा दिए गए हैं। अब इन बैंकों के ग्राहक अपने वीज़ा और मास्टर क्रेडिट कार्डों का इस्तेमाल नहीं कर पाएँगे। ये चार बैंक हैं - स्बेरबांक, व त ब बैंक, बैंक रस्सिया और प्रोमस्वयाज़ बैंक।

रूसी सेना उक्रअईनी सेना के सभी गढ़ों, दफ़्तरों, छावनियों और केन्द्रों को नष्ट कर रही है। कीव से कुछ ही किलोमीटर दूर स्थित उक्रअईनी सेना की एक छावनी को रूसी सेना ने जलाकर ख़ाक कर दिया है। उधर उक्रअईनी सेना के बहुत से सैनिकों और अफ़सरों ने उक्रअईनी सैन्य सेवा छोड़कर रूसी सेना में काम करने की इच्छा व्यक्त की है। ये लोग उक्रअईना को छोड़कर सीमा पार करके रूस में आ गए हैं।

उक्रअईनी सैनिक मुख्य तौर पर अमेरिकी मोबाइल प्रक्षेपास्त्र ज़ेवेलिन का इस्तेमाल कर रहे हैं और इन्हीं राकेटों से लुगांस्क और दनेत्स्क के सैनिकों पर हमले कर रहे हैं।इसके अलावा उक्रअईना तुर्की से ख़रीदे गए ड्रोन विमानों का भी अपने हमलों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहा है।

रूस के २ मार्च तक के लिए अपने दक्षिणी इलाकों के ११ एयरपो र्टों को भी बन्द कर दिया है। लेकिन इन इलाकों की यात्रा पर गए पर्यटक इन्हीं शहरों में फँस गए है। पूतिन ने रूसी परिवहन मन्त्रालय को रेलों का इस्तेमाल करके इन शहरों से पर्यटकों को निकालने का आदेश दिया है।

रूसी उदारवादी लोकतान्त्रिक पार्टी के नेता व्लदीमिर झिरिनोव्स्की ने २१ दिसम्बर २०२१ को रूसी संसद ’दूमा’ में दिए गए अपने भाषण में यह घोषणा कर दी थी कि २२-२३ फ़रवरी २०२२ को रूसी सेना उक्रअईना में घुसकर उसे ऐसा सबक सिखाएगी कि वो फिर से उबर नहीं पाएगा और धीरे-धीरे कई हिस्सों में बँट जाएगा। जब २२ फ़रवरी को संसद में पूतिन के उस प्रस्ताव पर चर्चा हो रही थी, जिसमें उक्रअईना में रूसी सेना के प्रवेश की इजाज़त देने का अनुरोध किया गया था, तो झिरिनोवस्की के उस भाषण की रिकार्डिंग सुनवाई गई क्योंकि ख़ुद झिरिनोवस्की उस समय संसद में उपस्थित नहीं थे। झिरिनोव्स्की कोरोना ग्रस्त हैं और अस्पताल में भरती हैं। मैं (अनिल जनविजय) वह रिकार्डिंग सुनकर दंग रह गया। झिरिनोवस्की की यह भविष्यवाणी भी उनकी पहले की गई और सच उतरी भविष्यवाणियों की तरह एकदम सच निकली।

उक्रअईना के उन सब सैनिकों को रूस ने अपराधी घोषित कर दिया है, जिन्होंने आज तक दनबास के नागरिकों पर गोलाबारी और उनकी हत्याओं में भागीदारी की है। रूस ने इन सभी को नरसंहार के लिए दोषी ठहराने के बाद इन पर मुक़दमा चलाने की तैयारी प्रकट कर दी है। उन उक्रअईनी सैनिकों को गिरफ़्तार किया जा रहा है, जिनपर मुक़दमा चलाया जाएगा।

रूस की सरकार ने घोषणा कर दी है कि उक्रअईनी राष्ट्रवादियों के विभिन्न गुटों के उन सदस्यों पर भी अदालत में मुक़दमा चलाया जाएगा, जिन्होंने विभिन्न घटनाओं में रूसी लोगों की हत्याएँ की हैं। इन लोगों को भी उक्रअईना में तलाश करके गिरफ़्तार किया जाएगा। रूस की सरकार ने ऐसे ४३० से ज़्यादा अपराधियों के नामों की एक सूची जारी कर दी है, जिन्हें गिरफ़्तार किया जाना है।

पाकिस्तान के प्रधानमन्त्री इमरान ख़ान के साथ मुलाक़ात करते हुए रूस ने साफ़-साफ़ कह दिया है कि उक्रअईना के फ़ौजीकरण को रोककर, उसे विदेशी यूरोपीय और अमेरिकी प्रभाव से मुक्त कराकर उसे एक स्वतन्त्र देश के रूप में विकसित होने का मौक़ा दिया जाएगा।

 अमेरिका से मुक़ाबला करने के लिए लातिनी अमेरिका में, क्यूबा में, वेनेजुएला और निकरागुआ में रूसी असर को फिर से बढ़ाने और लातिनी अमेरिकी देशों के साथ मैत्री का विकास करने का फ़ैसला किया गया है। रूसी संसद के अध्यक्ष वलोदिन को इस काम की शुरुआत करने के लिए लातिनी अमेरिकी देशों की यात्रा पर भेजा गया है।