वृहत हिंदुस्तान के टूटने का सिलसिला सदियों से चला आ रहा है और हमेशा इस टूट के पीछे हिटलर जैसी सोच रही है कि वो ही सर्वश्रेष्ठ है।

कहते है जब बाबर हिंदुस्तान में आया तो उसने लिखा कि धरती पर यदि कुदरत ने अपना सबसे ज्यादा खजाना लुटाया है तो वो हिंदुस्तान की सरजमीं है। बेशक उसके बाद शाहजहां ने कश्मीर को देखकर बोला था कि यदि कहीं स्वर्ग है तो वो यहीं है, यहीं है। 

यहां यह भी याद रखना चाहिए कि कश्मीर से लेकर लेह लद्दाख और पेशावर तक पंजाब साम्राज्य था जिसे अंग्रेज़ो ने अपनी धूर्तता से बर्बाद कर दिया क्योंकि पंजाबी बेशक बहादुर कौम होती लेकिन इस कौम की एक सबसे बड़ी कमी है कि ये भावुक होकर बहुत जल्दी भरोसा करने लगते है।

अंग्रेज़ जानते थे कि पंजाब को धर्म और जाति के आधार पर बांट कर राज नहीं किया जा सकता तो उन्होंने सबसे पहला काम पंजाब को ही बांटने का किया और पंजाबी संस्कृति को खत्म करने की साजिशें रचने लगे।

1947 में विभाजन का दर्द सहकर भी पंजाबियों ने देश निर्माण में अपना सब कुछ झोंक दिया बेशक वो इधर का पंजाब हो या उधर का। आज भी दोनों मुल्कों की सरहदों पर सबसे ज्यादा कुर्बानी देने वाले पंजाबी बेटे ही होते है।

विभाजन के बाद वर्तमान पाकिस्तान पर 7% उर्दू भाषी मुहाजिरों ने सत्ता पर कब्जा कर लिया और उनकी प्राथमिकता भी पंजाबियत को खत्म करना ही रही जिसके नतीजे में वहां सिंधी, ब्लोची और पश्तून भाषा में तो पढ़ाई सम्भव है लेकिन स्कूलों में पंजाबी बोलना गुनाह है।

अंग्रेजी साम्राज्य के पिट्ठू धर्मांध टोलो ने पंजाब और पंजाबियत को नेस्तनाबूत करने में कोई कसर बाकी नहीं रखी हालांकि अब नई पीढ़ी समझ रही हैं कि जड़ों से टूट कर कोई दरख़्त या तहज़ीब जिंदा नहीं रह सकती।

इसी तर्ज पर भारत में आरएसएस ने आज़ादी के बाद से ही हिंदी, हिन्दू की मुहिम शुरू रखी जिसके नतीजे में हम अस्सी के दशक का काला इतिहास देख चुके है और किस प्रकार हमारे बच्चो को नशे का आदि बनाया गया, संस्कृति पर चोट पहुंचाई गई और कैसे वीर जी की जगह बन्धु, भ्राता श्री जैसे शब्दो को घुसाया गया। ( मीडिया में बोली जाने वाली पंजाबी का अंतर यदि बारीकी से करे तो आसानी से समझ सकते है )

संस्कृति के विनाश क्रम को आगे बढ़ाते हुए इन चुनावों में दिल्ली से एक और सांस्कृतिक हमला बोला गया है।

लाला केजरीवाल की आम आदमी पार्टी हो या आरएसएस की ए टीम बीजेपी दोनों ने इस चुनावी शोर शराबे में जो महीन खेल खेला है उसको समझा ज्यादा जरूरी हैं नहीं तो वो दिन ज्यादा दूर नहीं जब पंजाबियों को पंजाबी बचाने के लिए मोर्चा लगाना पड़ेगा।

बीजेपी ने विधान सभा चुनावों में अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। केवल एक कष्ट करें कि उनके उम्मीदवारों के नाम पढ़ ले और अपने आप से पूछे कि इसमें कितने पंजाबी है, कितनी पंजाबियत है कितने बन्धु, भ्राता श्री है।

यदि वक्त रहते नहीं जागे तो यकीनन बहुत देर हो चुकी होगी।

घिनौनी सियासी साजिशों का शिकार होता पंजाब और पंजाबियत आज भी जिंदा क्यों है और कब तक रहेगी ?

रूहें जमीन पर दक्षिण एशिया और भारतीय उपमहाद्वीप का एक हिस्सा जिसे पंजाब के नाम से जाना जाता है निसंदेह सबसे खूबसूरत और प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है। ...

ਯੂਪੀ, ਪੰਜਾਬ ਦੀਆ ਚੋਣਾਂ ਜਾ ਕਿਸੀ ਵੱਡੀ ਸਾਜ਼ਿਸ਼ ਦੀ ਆਹਟ ! ਸਿਆਸੀ ਪਾਰਟੀਆਂ ਤੇ ਕਿੰਨਾ ਕ ਭਰੋਸਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ?

और इस प्रकार उत्त प्रदेश एवम् पंजाब की सड़को, गली, चौराहों पर चुनावी बिगुल बज चुका है जिसमे दो ऐसे बिंदु है जिन्हे नजरंदाज करना ऐसी ही भूल हो सकती हैं जैसी सावरकर और जिन्ना के उदय के समय हिंदुस्तान ने की थी। ...

पंजाब चुनाव प्रचार या पंजाबियत को खत्म करने की साज़िश ?

कुल पांच राज्यों के चुनावों में भारत के सभी बड़े राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण उत्त प्रदेश एवम् पंजाब ही है क्योंकि बीजेपी की केंद्र सरकार के लिए भी अलग अलग कारणों से इनकी महत्ता समझी जा रही है। ...

तब्दीली सरकार ! भारत और पाकिस्तान में बंटे पंजाब की सरहदों के दोनों ओर बदलाव की बयार का अहसास तो हो रहा है लेकिन उल्टा !

1947 हिंदुस्तान की आज़ादी के साथ बटवारा जो देखा जाए तो देश से अधिक पंजाब का बटवारा था क्योंकि बंगाल तो पहले ही बांटा जा चुका था। ...

Candles in the wind ! तरक्की और समृद्धि के लिए दी गई कुर्बानियों की कहानी।

हिन्दी सिनेमा का एक यादगार सीन था जिसमे गांव वाले रेल गाड़ी का विरोध करते है और रेल गाड़ी तथा तांगे के बीच दौड़ का आयोजन किया जाता हैं कि परम्परागत मानव श्रम और मशीनी युग मे प्रतियोगता से किसे विजेता घोषित किया जाए। ...

भारतीय पंजाब को कश्मीर बनाने की साज़िश या किसी अनहोनी की आशंका !

अचानक लिए गए निर्णय के अनुसार भारतीय पंजाब के सीमा से 50 किमी रेडियस में बीएसएफ को अतिरिक्त शक्तियां देते हुए अधिकार दिए गए हैं जिसके अनुसार बीएसएफ कर्मी/अधिकारी किसी को भी गिरफ्तार कर सकते है, तलाशी ले सकते हैं और जांच पड़ताल कर सकते है। ...

पाकिस्तान के प्रधानमन्त्री इमरान खान और सिद्धू साहब की रहस्यमय समानता !

पंजाब दो हिस्सों में बटा हुआ है और दोनों ओर के पंजाबी दिलखुश तो है ही साथ भी प्रत्येक हलचल तथा घटनाओं के प्रति सचेत भी रहते है। 3 साल पुरानी इमरान खान की तब्दीली हकूमत का विश्लेषण वहां की जनता ने शुरू कर दिया है लेकिन इस बार आइने के दूसरी ओर नवजोत सिंह सिद्धू को दिखाया जा रहा। बेशक यह ऐतिहासिक तथ्य है या नहीं लेकिन निसंदेह अर्थपूर्ण तो है ही। ...

कनाडा और भारत दुनियां के दो ऐसे देश है जहां बहुत सी सभ्यताएं बसती हैं और साथ साथ चलती हैं दूसरी समानता यह है कि पंजाबियों ने अपने खान पान से सबको प्रभावित किया है।

भारत बेशक विभिन्न सभ्यताओं और संस्कृतियों का संगम है लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि भारत ( विशेषकर गौ पट्टी क्षेत्र ) को खाने की विविधता और स्वाद पंजाब ने ही दिया है। ...

शासन और साम्राज्य चलाने की कला सीखनी हो तो शेर ए पंजाब महाराजा रणजीत सिंह का साम्राज्य काल देखना चाहिए।

दूरदर्शिता और शासन कला के साथ साथ बहादुरी एवम् धर्म निरपेक्षता जैसे सिद्धांत किताबो से बाहर यदि जीवन में देखने हो तो महाराजा रणजीत सिंह जी के जीवन में देखे जा सकते हैं जिनकी आज पुण्य तिथि है। ...

अकाली दल एवम् बीएसपी का गठबन्धन क्या सिख राजनीति में आत्मघाती कदम होगा ?

आखिरकार आज शिरोमणि अकाली दल एवम् बहुजन समाजवादी पार्टी ने सांझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगामी चुनावों में गठबन्धन की घोषणा कर दी लेकिन क्या इसे अकाली दल द्वारा अपनी राजनीतिक आत्महत्या समझा जा सकता है ? ...

समय से पहले यूपी, पंजाब में चुनावों की सम्भावना। क्या केंद्र सरकार कैप्टन अमरिंदर सिंह के सहयोग से समय से पूर्व ही चुनाव कराने का विचार कर रही है ?

2022 के पहले क्वाटर में प्रस्तावित पंजाब एवम् उत्तर प्रदेश के चुनाव क्या समय से पहले कराए जा सकते हैं। ...

पंजाबी संस्कृति में दुल्हन को लाल चूड़ा पहनाने के पीछे का इतिहास और पंजाबियत द्वारा सबको आदर सम्मान देने की परम्परा ।

पंजाबी संस्कृति में दुल्हन को मामा द्वारा चूड़ा पहनाने के पीछे का इतिहास जो सूफी संत दाता दरबार से जुड़ा है ...

दक्षिण एशिया की शांति और समृद्धि का एक मजबूत स्तंभ जिसे कभी धर्म की आड़ में तो कभी सियासत के लिए तोड़ दिया गया।

दक्षिण एशिया को धीरे धीरे वैश्विक महाशक्तियों का अखाड़ा बनने की आशंका जताई जा रही हैं लेकिन भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध और शांति के झुलो के बीच एक संस्कृति ऐसी भी है जो क्षेत्र में शांति की गारंटी बन सकती हैं बशर्ते दोनों देश अपनी अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखकर भी पॉजिटिव सोच रख ले। ...

लहंदे पंजाब ( पाकिस्तान पंजाब ) के मशहूर सूफी गायक जिन्हे प्राइड ऑफ पंजाब का समान प्राप्त था लीवर की तकलीफ़ से लड़ते हुए इस दुनियां फानी से पर्दा कर गए।

पंजाबी लोक संगीत के जाने पहचाने चेहरे शौकत अली खान लीवर की बीमारी से लड़ते हुए आखिरकार इस दुनिया से विदा हो गए। ...

महिला दिवस को इतिहास की नजरो से देखते हुए पंजाब की पवित्र धरती को धन्य करने वाली कुछ महिलाओं को सलाम

महिला दिवस और पंजाबी संस्कृति में महिलाओं का स्थान यद्धपि दोहराने लायक बहुत कुछ है लेकिन धन गुरु नानक देव जी की वाणी ही पूर्ण कर देती हैं जो फरमाते है "सो क्यों मंदा आखिए, जिन जम्मे राजां" ( उसे कमतर कैसे कह सकते है जिसने राजाओं को जन्म दिया है) ...

10 हजार करोड़ का कारोबार कर चुका है पंजाब ग्रामीण बैंक : अरूण शर्मा

पंजाब ग्रामीण बैंक के 13वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में रीजन स्तरीय समारोह अबोहर पैलेस में सम्पन्न हुआ, जिसमें जिला फाजिल्का व फिरोजपुर के अन्तर्गत आने वाली सभी शाखाओं के प्रबन्धकों, कर्मचारियों व ग्राहकों ने भाग लिया। ...

भाखड़ा नहर की सफ़ाई पर अधिकारियों ने दिए विभिन्न बयान, लोगों में हलचल

आज़ादी के समय से पंजाब में बने हुए भाखड़ा नहर की हालत आज तरस योग्य हो चुकी है, जिसके कारण कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ...

प्राइवेट स्कूलों और पी.एस.ई.बी. के बीच आया मनमोटाव

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की तरफ से हर प्राइवेट स्कूल को 9वीं कक्षा में स्कूल छोड़ कर जाने वाले बच्चों का सारा डाटा भेजने के आदेश जारी किए गए हैं, जिस पर स्कूल मैनेजमेंट ने बोर्ड से बहुत नाराज़गी दिखाई है और हर दिन किसी ना किसी स्कूल की नाराज़गी से यह मनमोटाव बढ़ता जा रहा है। ...

पेंशनर्स यूनियन पंजाब राज्य पावरकॉम ने मांगों को लेकर की बैठक

जिला नवांशहर के पेंशनर्स यूनियन पंजाब राज्य पावरकॉम ने अपनी मांगों को लेकर दोआबा सीनियर सैकेंडरी स्कूल सलोह में एक बैठक की। ...