एक कहानी जिसे कोई शीर्षक नहीं दिया जा सका क्योंकि जिसकी कहानी है उसका नाम मालूम नहीं है।

Shashank Humanist द्वारा बताई गई एक कहानी जिसके किरदार कौन है और कहां से है कोई नहीं जानता।

7 साल पहले, एक महिला को एक दोस्त ने मेरे पास भेजा था, जब मैं एक सरोगेसी होम में काम कर रही थी वह एक सरोगेट की तलाश में थी। महिला ने मुझे अपनी रिपोर्ट दिखाई और कहा, मेरे 3 गर्भपात हो चुके हैं। हम एक बच्चा चाहते हैं, हमारे परिवार हम पर दबाव बना रहे हैं।

वे इतना किराए का खर्च नहीं उठा सकते थे - इसकी कीमत 5.5 लाख थी।उसने पूछा कि क्या मैं उसे कम खर्च पर एक सरोगेट खोजने मे मदद कर सकती हुँ।

मैंने हर उस सरोगेट से पूछा जिसे मैं जानती थी लेकिन कोई आगे नहीं आया। तभी मैंने सोचा,मैं उनकी मदद क्यों नहीं कर सकती? मैं उनका सपना सच कर दूँगी! मैं शादीशुदा थी और मैंने पहले भी दो बार बच्चों को जन्म दिया था, मैं माता-पिता होने की खुशी को जानती थी। मैंने महिला को फोन किया और उससे कहा कि मैंने उसे मुफ्त में सरोगेट पाया है! वे बहुत प्रसन्न हुए और पूछा कि यह कौन है, मैंने उल्लासपूर्वक कहा, 'मैं'! वे रोने लगे और मुझे गले से लगा लिया!

लेकिन,मेरे पति को मनाना आसान नहीं था। उन्होंने कहा,मैं आपको बच्चे के लिए मातृ भावनाओं को विकसित करने में सक्षम नहीं हूं! मैंने उनसे यह सोचने के लिए कहा कि दंपति कितने खुश होंगे। अंत में, वह मान गये, लेकिन उसने मुझे हमारे ससुराल वालों को नहीं बताने के लिए कहा।

मैंने और मेरे पति ने क्लिनिक का दौरा किया और अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। मैंने अपने परीक्षण करवाए और मेरे अंदर भ्रूण को रखने के लिए एक ऑपरेशन किया। मैंने इच्छित परिवार से कहा, मैं तुम्हें अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगी।वे बहुत आभारी थे।

मैं डरी हुयी थी मैं 35 वर्ष की थी और आशा करती थी कि मेरा शरीर सामना कर सकता है। सरोगेट होने का झूठ मेरे दिमाग में भी चल रहा था, मैं नहीं चाहती थी कि समाज मेरे इरादों की गलत व्याख्या करे और मेरे परिवार को जज करे।

मैंने सामाजिक समारोहों में जाना बंद कर दिया, महीनों तक अपने परिवार से नहीं मिली और ढीले कपड़े पहने। जब मैं बाहर निकलती थी तब भी मैं अपनी कार में छिप जाती थी। जैसे ही मेरा पेट बाहर निकला, मेरे बच्चों ने मुझसे सवाल किया, मैं उनसे कहती, मैं बहुत खा रही हूं इसलिए मेरा पेट निकल रहा हैँ,मैं जिस महिला के लिए ये कर रहीं थी,उसने अपने परिवार को यह समझाने के लिए बंप बैंड पहनना शुरू कर दिया कि वह गर्भवती है।

मुझे बच्चे से जुड़ाव महसूस हुआ,मैं यह गिनती हूं कि बच्चे ने कितनी बार लात मारी, दंपति ने मुझे उपहार दिए और कहा, हम एक परिवार बनने का और इंतजार नहीं कर सकते।

और फिर... मैंने उनके बच्चे को जन्म दिया। क्या आप विश्वास कर सकते हैं कि उन्होंने अस्पताल का कमरा बुक किया और प्रसव का नाटक किया? उनके परिवार के सदस्य खुश थे!

कुछ घंटों के बाद, दंपति अपने बच्चे के साथ मेरे कमरे में दाखिल हुए। जब मैंने बच्चे को चूमा, तो मुझे एहसास हुआ कि मेरे मन में उसके लिए कोई मातृ भावना नहीं है, लेकिन मुझे वास्तविक चिंता थी। मैंने उनसे कहा, मुझसे वादा करो कि आप उसे सबसे अच्छा जीवन देंगे।उन्होंने किया, अलविदा कहते ही हम रो पड़े।

और आज भी जब मैं उनके और उनके बच्चे के बारे में सोचती हूं तो मुस्कुरा देती हूं। जबकि मैं खुश हूं कि मैं उनकी मदद करने में सक्षम थी, मुझे इस बात का भी दुख है कि हम दोनों को कुछ इतना सामान्य छिपाना पड़ा। क्योंकि अंत में, यह सिर्फ एक माँ का दूसरे के लिए होना था…

समाज इसे उसी तरह क्यों नहीं देख सकता है?

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