दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में चर्च में तोड़फोड़ और नुकसान पहुंचाया गया

भारतीय समाज में धार्मिकता या धर्मांधता के बोए गए बीजो से अंकुर फूटने शुरू हो चुके है और कब ये अमरबेल बनकर हरियाली को निगल ले इससे पहले ही सचेत हो जाना चाहिए।

प्राप्त समाचार के अनुसार दक्षिण पश्चिम दिल्ली के द्वारका क्षेत्र के मटियाला रोड पर एक निजी गोदाम को चर्च के रूप में बदल दिया गया था।

इस रविवार को उसमे प्रार्थना सभा भी हुई और शांति से सभी उपस्थित जन वापस लौट गए लेकिन आज 29 नवम्बर पुलिस के अनुसार उन्हे सुबह 9:30 बजे सूचना प्राप्त हुई कि कुछ दंगाईओ ने चर्च के बाहर पहुंचकर तोड़फोड़ की है।

स्थानीय प्रत्यदर्शियों के अनुसार दंगाई इसके माध्यम से धर्म परिवर्तन करने जैसे खतरो से आगाह करते हुए इसे वहां से खत्म करने की बात कह रहे थे और इसमें एक व्यक्ति घायल भी हुआ है किन्तु पुलिस ने किसी व्यक्ति के घायल होने से इंकार किया है।

दिल्ली पुलिस के अनुसार जांच जारी है, दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही होगी लेकिन गोदाम मालिक के विरूद्ध नियम विरूद्ध गोदाम के उपयोग करने के दोष में शिकायत दर्ज की जा चुकी है।

मुस्लिम अल्पसंख्यकों के विरूद्ध कई भड़काऊ भाषण आदि के कारण अरेबिक मुस्लिम देशों में भारत की छवि को जो धक्का लगा है यदि चर्च पर हमले को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गम्भीरता से लिया गया तो यह वर्तमान भारत सरकार के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

अभी भी यूरोपियन देशों में धार्मिक स्वतंत्रता आदि विषयों को प्रमुखता दी जाती है और पश्चिमी समाज में ईसाई धर्म के अनुयाई तो है ही उसके अतिरिक्त चर्च का भी अपना अलग महत्व है।

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