भारतीय होने पर शर्म क्यों नहीं आयेगी ?

"क्या यार भारत भी कोई देश है ? यहां जन्म लेना तो जैसे कोई गुनाह हुआ है"

कुछ इसी प्रकार के शब्द भारत के प्रधान मंत्री श्री मोदी जी ने अपने विदेशी दौरे के समय कहे थे तथा भारत सांप सपेरों और मदारियों का देश रहा है इसको भी स्वीकार किया था।

लेकिन सभी स्थितियों की जानकारी होने के बावजूद हल क्या निकला ? यदि स्थितियां और भी बिगड़ी है तो उसके पीछे क्या कारण हैं ?

हिंदुस्तान में घोर दक्षिणपंथी विचारधारा या धर्मांध गुटो को जनता द्वारा कभी राजनीतिक रहबरों के रूप में स्वीकार नहीं किया गया चाहे वो पाकिस्तान हो या भारत। लेकिन सौ साल से भी अधिक की तपस्या के बाद पहली बार आरएसएस को भारत में मोदी जैसा रत्न प्राप्त हुआ जिसके नेतृत्व में सरकार बनी।

श्री नरेंद्र मोदी पहले आरएसएस के प्रचारक रहे थे और उन्होंने स्वीकार किया था कि वो लगभग अनपढ़ हैं लेकिन क्योंकि गुजरात के मुख्यमंत्री रहे हैं तो उनकी राजनीतिक सफलता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। बेशक वहां भी उन्होंने अपना राज काज विश्वासपात्र नौकरशाहों के भरोसे छोड़ रखा था।

केंद्र सरकार में आने के बाद भी अपनी नौकरशाह मंडली को कार्य व्यवहार करने की आज़ादी दे दी गई और जो अधिकारी संघी विचारधारा से तालमेल नहीं बैठा सके उन्हे या तो महत्वहीन स्थानों पर नियुक्त कर दिया गया या वो खुद ही वीआरएस लेकर बाहर निकल आए विशेषकर विदेश मंत्रालय से।

क्योंकि राजनीतिक प्रतिबद्ता एवम् विशेष दृष्टिकोण के कारण अधिकारियों की नियुक्ति की गई तो करेले ने नीम पर चढ़ना ही था उस पर भी विदेश मंत्रालय तथा भारतीय दूतावासों में नियुक्त अधिकारियों के सामंती दुर्व्यवहार की शिकायते हमेशा से आती रही हैं।

यह घटना अमेरिका के न्यूयार्क स्थित भारतीय काउंसलेट की है जहां एक भारतीय मूल की अमेरिकी महिला भारत में अपने पिता की मृत्यु के कारण वीजा आवेदन लेकर गई।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि महिला ने सभी आवश्यक दस्तावेज एवम् वीजा फीस जमा करा दी थी लेकिन शायद हजूर ए अनवर अफसर साहेब वजीर ए खारजा या वजीर ए आज़म के खास मूंह लगे दरबारी थे या फरियादी महिला ने उनकी शान में गुस्ताखी करते हुए सिर झुका कर फर्शी सलाम नहीं बजाया था।

बहरहाल अफसर साहब ने उनके कागज मूंह पर मारते हुए हुक्म सुनाया कि वो अपने वीजा के पैसे वापस लेकर निकल जाए।

महिला के साथ खड़े सज्जन ने अपने फोन से इसकी वीडियो बना कर वायरल कर दी तो लानत पड़ती देख भारत सरकार ने फोटो में दिख रहे अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

हालांकि सभी जानते है कि इस सरकार में इतनी हिम्मत नहीं है कि यूएस में तैनात दूतावास अफसरों के विरूद्ध कोई कार्यवाही कर सके वैसे भी हज़ारों गलतियां होने और प्रधान मंत्री जी के माध्यम से अनेकों बार देश को शर्मिंदगी झेलने बाद भी पीएमओ के प्रोटोकॉल अफसर को दण्डित किया गया हो ऐसा कभी सुना नहीं है।

 

 

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