ग्रुप कैप्टन अभिनन्दन वर्धमान को वीर चक्र ! सैनिक परम्पराओं का उल्लंघन या अमेरिका को आइना !

कूटनीति या वोटनिती !

यह प्रश्न खड़ा किया है उन पूर्व सैन्यधिकरियों ने जो भारतीय सेना की उच्च परम्पराओं को जानते है और इस बार विवाद का विषय बना है भारतीय वायुसेना के ग्रुप कमांडर अभिनंदन वर्धमान को महामहिम राष्ट्रपति द्वारा वीर चक्र से सम्मानित करना।

सैनिक प्रशिक्षण में जमीन पर लड रहे सैनिकों को बताया जाता हैं कि अंतिम सांस तक दुश्मन का मुकाबला करना है लेकिन यदि कोई चारा न बचे और दुश्मन के इलाके में घिर जाओ तो मरने से बेहतर हैं कि युद्धबंदी बन जाओ लेकिन ऐसा तभी होता है जब घोषित युद्ध हो न कि किसी आप्रेशन के तहत शत्रु क्षेत्र में कोई कार्यवाही की जा रही हो। दूसरी ओर वायु सेना में वापिस लौट आने को प्राथमिकता दी जाती हैं।

25 फरवरी को भारत के प्रधान मंत्री ने पाकिस्तान में सफल वायुसैनिक स्ट्राइक की घोषणा करते हुए अपनी बुद्धिमत्ता का परिचय भी दिया था जिसके कारण बादलों में छिपकर भारतीय वायुसैनिक सफलता पूर्वक शत्रु क्षेत्र में कार्यवाही सम्पन्न कर सके थे बेशक उसमे पहले 450 आतंकियों के मारे जाने की खबर प्रचारित की गई थी जो बाद में लपेट कर 250 तक ले आई गई जबकि पाकिस्तान ने एक कौवे और दो पेड़ों के नुकसान की पुष्टि की ।

दो दिन बाद 27 फ़रवरी को पाकिस्तान ने दावा किया कि उसके फाइटर्स ने कश्मीर घाटी में भारतीय सीमा का उल्लंघन करके कुछ निशानों को लॉक कर दिया था जिसके उत्तर में भारतीय विमानों ने जवाबी कार्रवाई की और उसमे एक भारतीय हेलीकॉप्टर को नुकसान पहुंचा जिसमे भारत के छह जांबाज सवार थे।

दूसरी घटना में भारत का एक विमान पीछा करते हुए पाकिस्तान के क्षेत्र में घुस गया जिसे या तो हिट किया गया या वो दुर्घटनाग्रस्त हो गया किन्तु विमान उड़ा रहे विंग कमांडर अभिनंदन को पाकिस्तान में गिरफ्तार कर लिया गया।

शुरुआत में वहां के सैनिक प्रवक्ता ने दो पायलटों को गिरफ्तार करने का दावा किया जिसमे एक इजरायली था किन्तु बाद में केवल भारतीय पायलट ही चर्चा में आया और दूसरे पायलट पर चुप्पी साध ली गई।

भारतीय पक्ष की ओर से भारत सरकार के मंत्रियों द्वारा बहुत हास्यास्पद बयान जारी हुए जिसमे शत्रु क्षेत्र में मारे गए आतंकियों की गिनती से लेकर उनके एक्टिव मोबाइल कनेक्शन तक की गिनती बताई गई और इससे भी बढ़कर दावा किया गया कि पकड़े गए भारतीय विंग कमांडर ने पाकिस्तान का एक F16 विमान मार गिराया है जो पाकिस्तान को अमेरिका द्वारा इस शर्त पर मिला था कि उसका उपयोग भारत के विरूद्ध नहीं किया जा सकता।

क्योंकि अमेरिका निर्मित F 16 विमान का गिराया जाना हथियार विक्रेता यूएस के लिए भी साख का सवाल था तो पाकिस्तान में नियुक्त F 16 बेड़े के विमानों की गिनती से लेकर यूएस द्वारा जांच पड़ताल शुरू की गई और अमेरिका ने किसी भी विमान के गिरने के दावे का खंडन किया यद्धपि भारतीय वायु सेना अध्यक्ष द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में टूटे हुए विमान का टुकड़ा पेश किया गया था।

इस विवाद के इतर भी यह विश्व भर में सैनिक परम्परा है कि युद्ध बन्दी रहे या शत्रु पक्ष द्वारा पकड़े गए सैनिक अथवा सैन्याधिकरी को उसी ड्यूटी पर तैनात नहीं किया जाता क्योंकि सम्भावना जताई जाती हैं कि एक बार अपमानित होकर वापिस आए सैनिक की मनोस्थिति सामान्य नहीं होती।

यद्धपि यहां पकड़े गए अभिनन्दन की भारत वापसी के विषय पर चर्चा नहीं करनी चाहिए क्योंकि उसके पीछे के बहुत से राज और विदेशी दबावों के आरोप पाकिस्तान के विपक्षी दलों ने अपनी सरकार पर लगाए थे।

बहरहाल भारत के राष्ट्रपति द्वारा अभिनन्दन को विंग कमांडर से पदोन्नति देकर ग्रुप कैप्टन बनाया जाना और अमेरिकी विमान F 16 गिराए जाने की बहादुरी पर वीर चक्र से सम्मानित करना प्रश्नों के घेरे में जरूर आ गया है।

इसका अर्थ हुआ कि भारत सरकार स्वीकार करती हैं और दावा करती हैं कि उस दिन अमेरिका निर्मित F 16 विमान भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनन्दन द्वारा मार गिराया गया था !

यदि यह सत्य है तो अमेरिका और पाकिस्तान को इसे स्वीकार करना चाहिए और इसके लिए वीर चक्र देने का निर्णय स्वागत योग्य है लेकिन यदि यह मात्र एक मीडिया इवेंट है तो निश्चित रूप से दुखद भी है और भारत सरकार की साख एवम् भारत अमेरिका सम्बन्धों के लिए भी नुकसानदेह साबित हो सकता है।