चीन द्वारा भारतीय सीमा में लगातार घुसपैठ जारी।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से आयोजित विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस द्वारा नक्शे और सबूत जारी करते हुए आरोप लगाया गया कि

चीन द्वारा अरूणांचल प्रदेश के अंदर भारतीय क्षेत्र ( GOI के नक्शे पर आधारित ) में घुस कर गांव बसा लिया गया है।

यह पूर्व में अमेरिकी सेटेलाइट द्वारा दिखाए गए गांव के अतिरिक्त दूसरी जगह है और पहली से लगभग 93 किमी दूर है।

क्योंकि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेता श्री मधु सिंघवी ने न केवल भारत सरकार द्वारा प्रकाशित नक्शे दिखाए अपितु पेंटागन द्वारा जारी सेटेलाइट इमेजेज भी जारी करते हुए भारत सरकार से इनकी पुष्टि या खंडन करने का अनुरोध किया।

यदि लगाए गए आरोप सत्य है तो निश्चित रूप से यह भारतीयों के लिए चिंता का विषय होना चाहिए।

पंजाब चुनाव प्रचार या पंजाबियत को खत्म करने की साज़िश ?

कुल पांच राज्यों के चुनावों में भारत के सभी बड़े राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण उत्त प्रदेश एवम् पंजाब ही है क्योंकि बीजेपी की केंद्र सरकार के लिए भी अलग अलग कारणों से इनकी महत्ता समझी जा रही है। ...

भारत सरकार द्वारा मनाया गया संविधान दिवस और संविधान एवम् समाज का विरोधाभास !

भारत सरकार या दूसरे शब्दो में कहे तो भारतीय जनता पार्टी ने आज संविधान दिवस मनाया और संकेत दिए कि 26 जनवरी को मनाए जाने वाले गणतंत्र दिवस के स्थान पर 26 नवम्बर को संविधान दिवस मनाया जाना ज्यादा बेहतर होगा क्योंकि इतिहास, परमपराएं और धर्म निरपेक्ष संविधान बदलने का लक्ष्य बीजेपी नेता बता चुके है। ...

और इसी के साथ विश्व इतिहास में अहिंसक आंदोलन का इतिहास कायम हो गया !

26 नवम्बर एक ओर भारत सरकार संविधान दिवस के नाम पर उत्सव आयोजित करते हुए माननीय राष्ट्रपति से लेकर प्रधान मंत्री तक लोकतंत्र और संविधान के गुणगान में व्यस्त थे दूसरी ओर मुंबई हमले में शहीदों के परिवार अपनों को याद कर रहे थे तो दिल्ली की सरहदों पर असंख्य किसानों की उपस्थिति तानाशाही को चुनौती दे रही थी। ...

वर्तमान से भूतकाल की ओर धकेलने का प्रयत्न या कुछ और ?

दिल्ली के निकट नोएडा में एक पुस्तक का विमोचन करते हुए आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने बयान दिया कि हिंदुस्तान का बटवारा एक ऐतिहासिक गलती थी और अब समय आ गया है कि इसे निरस्त किया जाए। ...

शतरंज एक खेल या स्ट्रेटिक प्लानिंग ?

शतरंज एक ऐसा खेल जिसकी शुरुआत हिंदुस्तान की जमीन से मानी जाती हैं और कुछ आलोचक इसे हिंसक मानसिकता को बढ़ावा देने वाला भी कहते है लेकिन इसका इतिहास और विवरण कृष्णा रूमी ने बेहतर तरीके से समझाया है। ...