गुरु रामदास सह होई सहाय । चौथे नानक और श्री अमृतसर साहब के निर्माता गुरु रामदास जी के प्रकाश उत्सव दिया लख लख बधाइयां।

पंजाब ( अविभाजित ) का केंद्र लाहौर और लाहौर का अंदरून हिस्सा। दिल्ली गेट से प्रवेश करते छोटी सी तंग सड़क सीधी चलती जाती हैं जिसका नाम है "चूना मंडी" दोनों ओर कपड़े और लेडीज सूट्स के थोक विक्रेता आओ जी से आने वालो का स्वागत करते हैं कि अचानक एक बड़ा सा पीले रंग का लोहे का दरवाजा नजर आता है।

बाहरी व्यक्ति ठिठक कर पूछता है कि अचानक बाज़ार के बीचोबीच गुरुद्वारा कैसे और उसे बताया जाता हैं कि यह चौथे नानक श्री गुरु रामदास जी का जन्मस्थान है जहां गुरु जी ने कार्तिक बदी दो, संवत 1591 को बाबा हरिदास सोढ़ी के घर माता दया जी की कोख से प्रकाश किया था।

गुरु रामदास जी के माता पिता इन्हे केवल 7 वर्ष की आयु में ही विछोड़ा देकर चलाना कर गए थे और सांसारिक ग़रीबी से लडने के साथ साथ संसार की गरीबी दूर करने का जिम्मा सौंप गए थे। तंग दस्ती और अकेले होने के कारण आप जी को आपकी नानी अपने साथ ले आई और आप संसार तथा अध्यात्म के रास्ते पर चल पड़े।

गुरु सेवा तथा ज्ञान का आधार या आपका जन्म ही सरवत के भले के लिए हुआ था जिसके कारण आप जी को चौथी गुरु गद्दी प्राप्त हुई।

क्योंकि पंजाब का मुख्य केंद्र लाहौर था और लंबे समय तक मुगलों एवम् आक्रमकारियों के निशाने पर भी यह शहर था तो अपने दूर दर्शिता से या भविष्य का अहसास करते हुए नया शहर बसाने का निश्चय किया जो भविष्य में सिख समुदाय का केंद्र होगा और सब प्रकार की साम्प्रदायिकता एवम् नफरतों से दूर होगा।

क्योंकि जल ही जीवन है तो सबसे पहले चक रामदास में सरोवर बनाया गया तथा रामदास सर नामक शहर की स्थापना की जिसे आज श्री अमृतसर साहब के नाम से जाना जाता है।

गुरु नानक देव जी परम्परा को आगे बढ़ाते हुए आप जी ने पाखंड एवम् सामाजिक बुराइयों के विरूद्ध अपने प्रयास जारी रखे एवम् समाज को नई दिशा दी।

क्योंकि दक्षिण एशिया के समाज में शादी के नाम पर दिखावा, दहेज एवम् फ़िज़ूल खर्ची सदैव से एक बड़ा अभिशाप माना जाता रहा है तो आप जी ने आंनद कारज के चार लांवा फेरो का परिचय कराया तथा समाज को सादगी से विवाह परम्परा को निभाने हेतु दिशा दिखाई।

श्री गुरु रामदास जी ने 30 रागो में 638 शब्दों की रचना भी की जो श्री गुरु ग्रंथ साहिब में शोभित है। यह आप जी की विद्धता को भी सिद्ध करता है।

संवत गणना के अनुसार आज गुरु रामदास जी का प्रकाश पर्व मनाया जा रहा है अतः इस अवसर पर NewsNumber.Com परिवार समस्त साध संगत जी को दिल से शुभकामनाएं प्रेषित करता है तथा गुरु चरणों में अरदास करता है कि सत्य के रास्ते पर चलने की हिम्मत बख्शे।

वैश्विक शक्तियों की कठपुतली बनते दक्षिण एशिया में अशांति की लहर आने की आशंका !

मिडल ईस्ट के तेल भंडार, तानाशाही सल्तनत के नाम पर काबिज परिवार और सीरिया, लेबनान, यमन से लेकर मिस्र तक फैली अशांति एवं गृह युद्ध या गृह युद्ध जैसे हालात। ...

कुर्बानियों के कुछ निशान जिन्हे न सरहदों में बांटा जा सकता है ना ही छुपाने की कोशिश कामयाब हो सकती हैं।

धन गुरु नानक देव, बाबा बुल्लेशाह, शेख फरीद, महाराजा रणजीत सिंह, भगत सिंह, सर गंगाराम सहित कभी खत्म न होने वाली लिस्ट बन सकती है जिन्हे भारत पाकिस्तान की सरहदों में नहीं बांटा जा सकता। इसी प्रकार ननकाना साहिब, करतारपुर, हसन अब्दाल, लायलपुर, लाहौर, अमृतसर, दिल्ली, अजमेर जैसे बहुत से शहर है जो इस पार से उस पार दिलों में परवाज़ करते रहते है क्योंकि आंखो का वीज़ा नहीं लगता। ...