NewsNumber.Com पांच साल पहले मार्शल मैक्लुहान की सोच और प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए सफलता की सीढ़ियां चढ़ता हुआ संगठन।

आज ही के दिन पांच साल पहले एक कदम आगे रखा गया था जिसे नाम दिया गया NewsNumber. और यह उस समय social journalism की शुरुआत  थी। आज कुल मिलाकर लगभग दस लाख ( One Million ) से भी अधिक सदस्यों वाले परिवार के साथ हम कौन है ? क्या है ? और हमारी पत्रकारिता क्या है इस पर एक नजर।

लेकिन उससे पहले मार्शल मैक्लुहान का छोटा सा परिचय। मैक्लुहान का जन्म 21 जुलाई 1911 को कनाडा के एडमंटन ( अल्बर्टा ) में हुआ और इनकी दादी के उपनाम से जोड़कर ये मार्शल मैक्लुहान कहलाने लगे। 

कनाडा के मेनेटोबा प्रोविंस के विनिपेग में ये बड़े हुए तथा वहीं पढ़ाई पूरी की जिसके बाद इन्हे जन संवाद एवम् संचार का दार्शनिक, प्रोफेसर होने का सम्मान प्राप्त हुआ। 

1964 में इनकी एक पुस्तक बहुत प्रसिद्ध हुई  "Understanding Media, The extension of man"

इस पुस्तक में इन्होंने सोशल पत्रकारिता का मूल मंत्र दिया " संदेश ही माध्यम है" 

वास्तव में तो पत्रकारिता सिर्फ सूचना नहीं होनी चाहिए क्योंकि माइक लेकर चीखना और सूचित करना कि देखो सड़क पर तेजी से दौड़ रहा गधा एक घोड़े से टकराया को पत्रकारिता नहीं कह सकते।

प्रतिदिन की सूचना और संचार का विश्लेषण ही हमारी पत्रकारिता का मूल है और NewsNumber.Com मानकर चलता है कि प्रतिदिन का रोजनामचा या रिपोर्टिंग सिर्फ सूचना नहीं होती अपितु यह इतिहास लिखा जा रहा होता है।

वैसे भी मार्शल के अनुसार संचार माध्यम ही अध्ययन का प्राथमिक फोकस होना चाहिए,  The medium is the message. और इसका अगला माध्यम अथवा कदम चेतना का विस्तार होगा।

इसी विस्तार और अध्ययन को नया आयाम देने का एक प्रयास देते हुए NewsNumber के नाम से पांच साल पहले एक आंदोलन खड़ा किया था और सफलता से सिद्ध करने का प्रयत्न किया गया कि संसार एक गांव के समान है जिसमे सबको जोड़ना और साथ लेकर बेहतरीन विचारो को सामने लाना भी मानवता के हित में किसी यज्ञ से कम नहीं है।

Global village की अवधारणा देने वाले मार्शल मैक्लुहान को स्मरण करते हुए समस्त शुभचिंतकों का NewsNumber परिवार हार्दिक आभार व्यक्त करता है और निकट भविष्य में एक नए मुकाम तक सोशल जर्नलिजम को ले जाने का वायदा करता है।

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यद्धपि विश्व में घोड़े की पीठ पर बैठकर खेले जाने वाले खेलों में पोलो अधिक प्रसिद्ध हैं लेकिन आज भी पंजाब विशेषकर पश्चिमी पंजाब ( पाकिस्तान ) में नेजेबंदी अपनी लोकप्रियता कायम रखे हुए है। ...