कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के शताब्दी समारोह पर क्षी जिंगपिंग का संबोधन।

XI JINPING SAYS NO MORE "BULLYING" AND LECTURE AGAINST CHINA: CHINA CELEBRATES 100-YEARS OF COMMUNIST PARTY

इसे प्रीमियर शी जिनपिंग का आक्रमण रुख समझा जा सकता जो विश्व शांति को भी चुनौती के रूप में देखा जा सकता है।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कम्यूनिसट पार्टी के सौ साल के जश्न मनाते हुऐ कहा है कि "दुनियॉ के कुछ देश चीन के विरूद्ध "गुंडा गर्दी" और लेक्चर देना बंद करे और अब कोई भी देश ताईवान को चीन से अलग कर आजादी नही दिला सकता"

आज थेयानमन चौराहे (Tiananmen Square) पर भाषण देते हुऐ शी जिनपिंग ने कहा "चीन का इतिहास 5000 साल से भी ज्यादा पुराना है और चीन ने दुनिया के मानव सभायता मे बहुत बडा योगदान दिया है।मगर 1840 के ओपियम वार (Opium War) के बाद चीन बहुत बरबाद हो गया और चीन के लोगो ने बहुत दुख और परिशानी उठाई और चीनी सभ्यता अंधकार के दौर से गुज़री"

शी जिंगपिंग ने कहा सौ साल कम्यूनिसट पार्टी और उस के बूद्धिजिवी नेता माओ, डेंग शियापिंग, जियांग ज़ामिन वगैरह ने चीन की तकदीर बदल दी। अब यह शताबदी चीन का है। 

CHINA RISE IS "SHOCK AND AWE" FOR AMERICA AND EUROPE

मेरा मानना है कि 20वी सदी दुनिया मे 1973 (अरब-इस्राईल वार) तक यूरोप का था। 1989 से एशिया के देश खास कर चीन, मलेशिया, साऊथ कोरिया, सऊदी अरब, यूऐई ने कम समय मे चुप चाप बहुत ज्यादा तरक्की किया। 

2013 के बाद चीन, मिडिल ईस्ट, तुर्की, कजाकिस्तान, मिस्र वगैरह ने तरक्की कर 21वी सदी एशिया का बना दिया। इन देशो की तरक्की अर्थशास्त्र मे सुनहरे वर्क़ मे लिखा जाये गा।हम लोगो की दो पुश्त इस तरक्की को देखे गी और फायदा उठाये गी।

यूरोप और अमेरिका की तरक्की सौ साल की है मगर एशिया के कुछ देशो ने अपने देश मे peace, political stability and visionary leaderships के कारण तीस साल (30) मे तरक्की कर यूरोप और अमेरिका के ताज को उडा दिया। 

(#नोट: Shock and Awe, अमेरिका के रक्षा मंत्री Donald Rumsfeld का शब्द और स्ट्रेटेजी 2001 मे टावर गिरने के बाद रहा जो अमेरिका और यूरोप के बरबादी की वजह बनी। रमस्फेल्ड कल 88 साल की उम्र में गुज़र गए )

अफ़ग़ानिस्तान कार्यवाहक सरकार की घोषणा और इसका भारत पर असर !

अंतरराष्ट्रीय राजनीति और दुनियां के बदलते समीकरण की बात करते ही सबसे महत्वपूर्ण घटना अमेरिकी एवम् नाटो फोर्सेज का बीस साल की जद्दोजहद के बाद अफगानिस्तान को छोड़ कर निकल जाना है। ...

काबुल से अंतिम अमेरिकी सैनिक की विदाई के साथ अफ़गान समस्या समाप्त या शुरुआत ?

20 साल तक जमीन के छोटे से टुकड़े और क़बीलाई संस्कृति वाले दिलेर लोगो की बस्ती पर विश्व के 40 देशों एवम् महाशक्ति अमेरिका की फोर्सेज कोशिश करती रही कि वहां भी पश्चिमी जगत बना दिया जाए। उसी समय ( 2001) पाकिस्तान के हामिद गुल ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि इस प्रयास में अमेरिका को अमेरिका द्वारा ही हराया जाएगा और वही हुआ। ...

दक्षिण एशिया और मध्य एशिया का पुल जो graveyards of empires कहलाती हैं आजकल दुनियां की नजरों में है।

स्लतनतों की कब्रगाह के नाम से प्रसिद्ध धरती का ऐसा भूभाग जिसकी मिट्टी में युद्ध और अशांति जंगली घास की तरह उपजती है। दक्षिण एशिया और मध्य एशिया को जोड़ने वाले इस सामरिक महत्व के प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर हिस्से को अफगानिस्तान के नाम से जाना जाता है। मैथोलॉजी और किवदंतियों में महाभारत से लेकर चन्द्रगुप्त मौर्य तक का सम्बन्ध तत्कालीन गांधार देश से जोड़ा जाता हैं तो अलेक्जेंडर और रोमन साम्राज्य से भी टकराने के लिए याद किया जाता है किन्तु क्या इसका वास्तविक इतिहास ऐसा ही था ? ...

तालिबान अफगानिस्तान के बढ़ते कदम पाकिस्तान और ईरान के लिए एक बड़ा खतरा !

जिस तेजी से और सामरिक योजना से तालिबान आगे बढ़ रहे है और सम्भावना जताई जा रही है कि वो काबुल फतह कर लेंगे तो क्या इसके बाद क्षेत्र में शांति स्थापित हो जाएगी या एक नया खतरा बढ़ जाएगा। ...

अपनी अस्मिता और भारतीयों की सुरक्षा के लिए प्रयासरत भारतीय विदेशमंत्री !

एक ओर तो अफगानिस्तान में गृहयुद्ध की आशंका बढ़ रही हैं तो दूसरी ओर सभी पक्ष अपनी अपनी सुरक्षा के लिए चिंतित है। ...

अचानक कनाडा के पुराने स्कूलों में मिले कंकाल की चर्चा के बीच हिंदुस्तान किसको माफी मांगने के लिए कहेगा ?

विकास, आधुनिकता और मानवीयता की लंबी लम्बी बाते करने वाला भारतीय समाज क्या कुछ वर्ष पहले तक की इस हकीकत से आंखे मिला पाएगा ? लेखक द्वारा उसके जीवन की हकीकत लिखी गई है। ...

गुरुदत्त और वहीदा रहमान ! चांद और चकोरी सा रिश्ता जो मौत के साथ ख़त्म हुआ।।

भारतीय सिनेमा के कुछ चेहरे जिन्हे कभी नहीं भुलाया जा सकता और उनमें एक नाम गुरुदत्त का है। गुरुदत्त का निजी वैवाहिक जीवन कांटो भरा भी कहा जा सकता है लेकिन वहीदा रहमान को वो जीवन भर भूल नहीं पाए।। ...

दक्षिण एशिया का टाइम बम जिसकी सुईयां तेजी से घूम रही हैं।

अमेरिकी सैनिकों की वापसी के साथ साथ अफ़गान राष्ट्रपति अशरफ गनी को कोई सकारात्मक आश्वासन न मिलना क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। ...

1 July कनाडा दिवस या Confederation day of Canada

एक जुलाई , कनाडा वासियों के लिए स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर सुदूर बसे देश और भारत की जानकारी। ...

कहते हैं कि आम फलो का राजा होता है और साथ ही राजाओं का फल भी होता है।

फलों के राजा आम या राजाओं के फल आम का मुगलई रसोई में किस प्रकार उपयोग किया जाता था इसकी जानकारी दे रहे हैं डॉ शारीक अहमद खान। ...

किसान आंदोलन स्थल गाजीपुर बॉर्डर पर बीजेपी कार्यकर्ताओं एवं किसानों के बीच अप्रिय स्थिति।

दिल्ली यूपी सीमा पर स्थित गाजीपुर बॉर्डर स्थित किसान आंदोलन स्थल पर बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा हंगामा एवम् नारेबाजी किए जाने पर दोनों पक्षों में अप्रिय विवाद खड़ा हो गया। ...

भारत सरकार द्वारा की गई घोषणा और वेक्सिनेशन की वास्तविक स्थिति।

भारत सरकार द्वारा घोषणा की गई थी कि एक जुलाई से प्रतिदिन एक करोड़ व्यक्तियों को वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएगी लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। ...

सिकलीगर ! सिख समुदाय का एक ऐसा वर्ग जिसे एकदम पराया कर दिया गया।

अक्सर किसी भी बाज़ार के कोने पर सिंह चाबी वाला एक छोटा सा ठिकाना देखा जा सकता है जो सिख होते हुए भी समाज से अलग थलग पड़ गए है। ...

Logical analysis about food habits by a doctor

ਇਨਸਾਨ ਨੂੰ ਕਯੋਂ ਕੋਈ ਖਾਸ ਖੁਰਾਕ ਪਸੰਦ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਕੀ ਵਜਹ ਹੈ ਕਿ ਕਿਸੀ ਖਾਸ ਵਕਤ ਤੇ ਭੁੱਖ ਵੱਧ ਜਾਉਂਦੀ ਹੈ ? ਇਕ ਡਾਕਟਰ ਦੇ ਇਸ ਬਾਰੇ ਕੀ ਵਿਚਾਰ ਹੋ ਸਕਦੇ ਹਨ। ...

अफ़गान राष्ट्रपति की अमेरिका यात्रा

इस प्रकार बहुचर्चित अफ़गान राष्ट्रपति अशरफ गनी की अमेरिकी यात्रा खत्म हुई । वापसी के बाद अफगानिस्तान एवम् दक्षिण एशिया के भविष्य की क्या स्थिति हो सकती हैं। ...

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का शताब्दी समारोह और इसके प्रभाव !

तीन दिन तक चलने वाले चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के समारोह की पहली शुभकामनाए रूस के राष्ट्रपति वाल्डिमिर पुतिन द्वारा दी गई जिसके धन्यवाद में चीन ने रूस से अपने ऐतिहासिक सम्बन्धों का हवाला दिया। ...

28 जून 1921 कांग्रेस नेता एवम् भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय पी वी नरसिंहराव का जन्म दिन।

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री पी वी नरसिंहराव जिनके कार्यकाल में अयोध्या काण्ड हुआ था, उनके जन्मदिन पर विशेष ...