क्षेत्रीय राजनीतिक में बदलाव भारत पाकिस्तान सम्बन्धों में बदलाव ला सकते हैं।।

हम तो रकीब से दुश्मनी निभाते रहे और वो बेवफा होकर उसी के हो गए। भारत की विदेशनीति में गत कुछ वर्षो से आमूल चूल परिवर्तन देखे जा सकते जिनकी सफलता या असफलता पर अभी कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।। अपने शुरुआती कार्यकाल में वर्तमान भारतीय प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान से सामान्य प्रोटोकॉल तोड़कर भी सम्बन्ध स्थापित करने के प्रयत्न किए ( वैसे तो अपनी अधिकांश विदेश यात्राओं अथवा विदेशी मेहमानों के आने पर प्रोटोकॉल तोड़े गए) लेकिन पाकिस्तान को हमेशा विशेष महत्व दिया जाता है।

सत्ता संभालते ही फिर से पाकिस्तान शत्रु देशों की सूची में सबसे उपर तथा एकमात्र देश बन गया और हमेशा की तरह दोनों देश एक दूसरे पर आरोप लगाते रहे बेशक पर्दे के पीछे कुछ लोगो के तथा कुछ व्यापारियों के सम्बन्ध ज्यादा मजबूत हुए।। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोलांड ट्रंप के चुनाव हारने तथा अफगानिस्तान से विदेशी फोर्सेज की वापसी से माहौल में बदलाव आया तथा चीन द्वारा भारतीय भूमि पर अतिक्रमण एवम् रूस की पाकिस्तान से मित्रता ने भी कुछ नया सोचने को मजबूर किया।

पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईन युसूफ एक गैर राजनीतिक स्कॉलर है और अक्सर सरकार के विरूद्ध अपने विचार व्यक्त करते रहे हैं और उन्हें लिबरल दृष्टिकोण वाली मानसिकता का व्यक्ति समझा जाता है।। भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डॉबाल पेशे से नौकरशाह रहे है और पुलिस सेवा की पृष्ठभूमि से आते हैं, यद्धपि इनके जीवन के अनुभवों का लाभ मिलना चाहिए किन्तु कभी कभी पुरानी लीक पर चलने वाले व्यक्ति को समय के साथ बदलना कठिन होता है। यदि बच्चे भी कारोबार में स्थापित हो चुके हो तो जेनेरेशन गैप के कारण या तो अनुभवी व्यक्ति पूर्णतया समर्पण कर देता है नहीं तो अपनी सोच पर अड़ जाता हैं।

सम्बन्धों की इसी ऊंच नीच के बीच आने वाले सप्ताह में दोनों देशों के सुरक्षा सलाहकारों की बैठक की संभावना जताई जा रही है और इस बार मुलाकात तजाकिस्तान की राजधानी दुशांबे है।। हमेशा की तरह एक अच्छे भविष्य की कामना करनी चाहिए क्योंकि अमन अमान से ही बेहतर मुस्तकबिल बन सकता नहीं तो फिर ढाक के तीन पात ! तू, मै और वो।।

अफ़ग़ानिस्तान कार्यवाहक सरकार की घोषणा और इसका भारत पर असर !

अंतरराष्ट्रीय राजनीति और दुनियां के बदलते समीकरण की बात करते ही सबसे महत्वपूर्ण घटना अमेरिकी एवम् नाटो फोर्सेज का बीस साल की जद्दोजहद के बाद अफगानिस्तान को छोड़ कर निकल जाना है। ...

काबुल से अंतिम अमेरिकी सैनिक की विदाई के साथ अफ़गान समस्या समाप्त या शुरुआत ?

20 साल तक जमीन के छोटे से टुकड़े और क़बीलाई संस्कृति वाले दिलेर लोगो की बस्ती पर विश्व के 40 देशों एवम् महाशक्ति अमेरिका की फोर्सेज कोशिश करती रही कि वहां भी पश्चिमी जगत बना दिया जाए। उसी समय ( 2001) पाकिस्तान के हामिद गुल ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि इस प्रयास में अमेरिका को अमेरिका द्वारा ही हराया जाएगा और वही हुआ। ...

दक्षिण एशिया और मध्य एशिया का पुल जो graveyards of empires कहलाती हैं आजकल दुनियां की नजरों में है।

स्लतनतों की कब्रगाह के नाम से प्रसिद्ध धरती का ऐसा भूभाग जिसकी मिट्टी में युद्ध और अशांति जंगली घास की तरह उपजती है। दक्षिण एशिया और मध्य एशिया को जोड़ने वाले इस सामरिक महत्व के प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर हिस्से को अफगानिस्तान के नाम से जाना जाता है। मैथोलॉजी और किवदंतियों में महाभारत से लेकर चन्द्रगुप्त मौर्य तक का सम्बन्ध तत्कालीन गांधार देश से जोड़ा जाता हैं तो अलेक्जेंडर और रोमन साम्राज्य से भी टकराने के लिए याद किया जाता है किन्तु क्या इसका वास्तविक इतिहास ऐसा ही था ? ...

तालिबान अफगानिस्तान के बढ़ते कदम पाकिस्तान और ईरान के लिए एक बड़ा खतरा !

जिस तेजी से और सामरिक योजना से तालिबान आगे बढ़ रहे है और सम्भावना जताई जा रही है कि वो काबुल फतह कर लेंगे तो क्या इसके बाद क्षेत्र में शांति स्थापित हो जाएगी या एक नया खतरा बढ़ जाएगा। ...

अपनी अस्मिता और भारतीयों की सुरक्षा के लिए प्रयासरत भारतीय विदेशमंत्री !

एक ओर तो अफगानिस्तान में गृहयुद्ध की आशंका बढ़ रही हैं तो दूसरी ओर सभी पक्ष अपनी अपनी सुरक्षा के लिए चिंतित है। ...

अचानक कनाडा के पुराने स्कूलों में मिले कंकाल की चर्चा के बीच हिंदुस्तान किसको माफी मांगने के लिए कहेगा ?

विकास, आधुनिकता और मानवीयता की लंबी लम्बी बाते करने वाला भारतीय समाज क्या कुछ वर्ष पहले तक की इस हकीकत से आंखे मिला पाएगा ? लेखक द्वारा उसके जीवन की हकीकत लिखी गई है। ...

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के शताब्दी समारोह पर क्षी जिंगपिंग का संबोधन।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के शताब्दी समारोह के अवसर पर थियानमेन चौक पर आयोजित समारोह में प्रीमियर शीं जिंगपिग ने अपने संबोधन में विश्व को एक प्रकार से चेतावनी देते हुए बहुत आक्रमक रुख से भाषण दिया। ...

गुरुदत्त और वहीदा रहमान ! चांद और चकोरी सा रिश्ता जो मौत के साथ ख़त्म हुआ।।

भारतीय सिनेमा के कुछ चेहरे जिन्हे कभी नहीं भुलाया जा सकता और उनमें एक नाम गुरुदत्त का है। गुरुदत्त का निजी वैवाहिक जीवन कांटो भरा भी कहा जा सकता है लेकिन वहीदा रहमान को वो जीवन भर भूल नहीं पाए।। ...

दक्षिण एशिया का टाइम बम जिसकी सुईयां तेजी से घूम रही हैं।

अमेरिकी सैनिकों की वापसी के साथ साथ अफ़गान राष्ट्रपति अशरफ गनी को कोई सकारात्मक आश्वासन न मिलना क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। ...

1 July कनाडा दिवस या Confederation day of Canada

एक जुलाई , कनाडा वासियों के लिए स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर सुदूर बसे देश और भारत की जानकारी। ...

कहते हैं कि आम फलो का राजा होता है और साथ ही राजाओं का फल भी होता है।

फलों के राजा आम या राजाओं के फल आम का मुगलई रसोई में किस प्रकार उपयोग किया जाता था इसकी जानकारी दे रहे हैं डॉ शारीक अहमद खान। ...

किसान आंदोलन स्थल गाजीपुर बॉर्डर पर बीजेपी कार्यकर्ताओं एवं किसानों के बीच अप्रिय स्थिति।

दिल्ली यूपी सीमा पर स्थित गाजीपुर बॉर्डर स्थित किसान आंदोलन स्थल पर बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा हंगामा एवम् नारेबाजी किए जाने पर दोनों पक्षों में अप्रिय विवाद खड़ा हो गया। ...

भारत सरकार द्वारा की गई घोषणा और वेक्सिनेशन की वास्तविक स्थिति।

भारत सरकार द्वारा घोषणा की गई थी कि एक जुलाई से प्रतिदिन एक करोड़ व्यक्तियों को वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएगी लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। ...

सिकलीगर ! सिख समुदाय का एक ऐसा वर्ग जिसे एकदम पराया कर दिया गया।

अक्सर किसी भी बाज़ार के कोने पर सिंह चाबी वाला एक छोटा सा ठिकाना देखा जा सकता है जो सिख होते हुए भी समाज से अलग थलग पड़ गए है। ...

Logical analysis about food habits by a doctor

ਇਨਸਾਨ ਨੂੰ ਕਯੋਂ ਕੋਈ ਖਾਸ ਖੁਰਾਕ ਪਸੰਦ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਕੀ ਵਜਹ ਹੈ ਕਿ ਕਿਸੀ ਖਾਸ ਵਕਤ ਤੇ ਭੁੱਖ ਵੱਧ ਜਾਉਂਦੀ ਹੈ ? ਇਕ ਡਾਕਟਰ ਦੇ ਇਸ ਬਾਰੇ ਕੀ ਵਿਚਾਰ ਹੋ ਸਕਦੇ ਹਨ। ...

अफ़गान राष्ट्रपति की अमेरिका यात्रा

इस प्रकार बहुचर्चित अफ़गान राष्ट्रपति अशरफ गनी की अमेरिकी यात्रा खत्म हुई । वापसी के बाद अफगानिस्तान एवम् दक्षिण एशिया के भविष्य की क्या स्थिति हो सकती हैं। ...

चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का शताब्दी समारोह और इसके प्रभाव !

तीन दिन तक चलने वाले चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के समारोह की पहली शुभकामनाए रूस के राष्ट्रपति वाल्डिमिर पुतिन द्वारा दी गई जिसके धन्यवाद में चीन ने रूस से अपने ऐतिहासिक सम्बन्धों का हवाला दिया। ...