भारत जो विभिन्न संस्कृतियों एवम् सभ्यताओं का देश है वहां के बनारस की बनारसी

कोस कोस पर पानी बदले, बीस कोस पर वाणी। भारत के लिए ही यह पंक्तियां कहीं गई है क्योंकि विभिन्न संस्कृतियों एवम् सभ्यताओं के फूलो से सजा ऐसा बगीचा नुमा देश इस धरती पर शायद ही कोई दूसरा हो। वर्तमान में भारत के प्रधानमन्त्री उत्तर प्रदेश राज्य के जिस संसदीय क्षेत्र से चुनकर आए हैं उसे विश्व का प्राचीनतम पक्का शहर मानने की आस्था वहां के निवासियों में हमेशा से रही है।

आजकल बनारस को विकास के नाम पर खंडहरों का शहर बना दिया गया जिसमे शहर के मूल तत्व वहां की गलियां एवम् प्राचीन मंदिरों तथा बिल्डिंग्स को बुलडोजरों की भेंट चढ़ा दिया गया।। सदैव से बनारस की अपनी अलग संस्कृति और भाषा अपना अलग महत्व रखती रही है और उसी की सुगन्ध तथा वर्तमान बनारस के हालात बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष चंचल बाबू ने अपने बनारसी अंदाज़ में पेश किए यद्धपि प्रचलित गालियां छुपा गए।

बनारस मोहल्ला क्योटो । अमरीकन प्रवासियों ने बहुत मेहनत , मसक्कत किया कि किसी तरह महान शहनाई वादक बिस्मिल्ला खान साहब अमरीका चले चलें । बिस्मिल्ला की सादगी भरी मांग थी - बनारस नही छूटता भाई - हम वहां बनारस बसा देंगे - लेकिन गंगा कहाँ से लाओगे बच्चू ? इसका जवाब नही बन सका और खान साहब यहीं बनारस में आखिरी सांस लिए और अलविदा कह गए । प्रवासियों को अगर हुनर मालूम रहता कि उनके जीते जी गली को सीवर नाली में बदल दो , खान साहब को जहाँ चाहते , उठा ले जाते या गंगा में कूद जाते ।

गुजरात में अपने आका केशु भाई को ठिकाने लगा कर , जब आडवाणी का सिपहसालार मोदी बनारस की ओर मुड़ा तो काशी की बाछे खिल गयी । जिस तरह सिकन्दर की तलवार का स्वागत पाखंडी दो मुहों ने किया था , उसी तरह मोदी का इस्तकबाल बनारस किया । हरहर महादेव की जगह हर हर मोदी , घर घर मोदी बनारस ने किया था । सियासत की गंध से ही जिसकी नाक सिकुड़ जाती रही और अपने पेशे की दुहाई देते मिलते वे कालीन बिछाए फर्सी सलाम में झुके मिले । काशी अनमोल है , ग्लोब का दस्तावेज कहता है ,।

उस काशी को उसने चंद सिक्के से खरीद लिया और तोड़ डाला। काशी की तमीज , तहजीब , जीवन शैली और आदिम सभ्यता को । क्योटो बनाएंगे काशी मुह बाए खड़ी , ताली बजाने लगी । औरंगाबाद से एक आवाज फिर सुनाई दी - काशी क्योटो का बाप है । एक नही अनेक क्योटो बन सकता है क्यों कि वह पूंजी से तामीर होता है , काशी पूंजी से नहीं पूजा से निकला निर्मल मन है । वास्तु शिल्प का अनूठा बसावट है , मौसम के मुताबिक हवा पानी के ताप और गति को यांत्रिक गलाजत से नही हल करता , यह गलियों के चढ़ान और ढलान से नियंत्रित करता रहा ।

इन्ही संकरी गलियों के तिलस्म का भूल भुलैया दुनिया को आकर्षित करता रहा । उसे तोड़ कर सपाट बना रहे हो ? काशी को जमीदोज कर कॉरिडोर नाम दे रहे हो ? वास्तु शिल्प पर स्पेंसर को पढ़ लेते - किसी शहर की सभ्यता और संस्कृति को खत्म करना हो तो उसके वास्तु शिल्प को खत्म कर दो । वैशाली , पाटलिपुत्र , दिल्ली , हस्तिनापुर , द्वारिका में उतने लोग नही मारे गए जितनी बार ये नगर तबाह हुए । जब तुमने अपाहिज और विकलांग को दिव्यांग बोले तभी काशी को समझ लेना था इसके क्योटो का मतलब क्या होगा ? धूसर गंगा सीवर के रास्ते गली मोहल्ले में हैं और जहां धारा में बहती रहीं , वहां जल कुम्भी ओढ़े चुपचाप खड़ी हैं । ( गांगा को उपहार दे रही हैं गोमती )

तालिबान अफगानिस्तान के बढ़ते कदम पाकिस्तान और ईरान के लिए एक बड़ा खतरा !

जिस तेजी से और सामरिक योजना से तालिबान आगे बढ़ रहे है और सम्भावना जताई जा रही है कि वो काबुल फतह कर लेंगे तो क्या इसके बाद क्षेत्र में शांति स्थापित हो जाएगी या एक नया खतरा बढ़ जाएगा। ...

अपनी अस्मिता और भारतीयों की सुरक्षा के लिए प्रयासरत भारतीय विदेशमंत्री !

एक ओर तो अफगानिस्तान में गृहयुद्ध की आशंका बढ़ रही हैं तो दूसरी ओर सभी पक्ष अपनी अपनी सुरक्षा के लिए चिंतित है। ...

अचानक कनाडा के पुराने स्कूलों में मिले कंकाल की चर्चा के बीच हिंदुस्तान किसको माफी मांगने के लिए कहेगा ?

विकास, आधुनिकता और मानवीयता की लंबी लम्बी बाते करने वाला भारतीय समाज क्या कुछ वर्ष पहले तक की इस हकीकत से आंखे मिला पाएगा ? लेखक द्वारा उसके जीवन की हकीकत लिखी गई है। ...

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के शताब्दी समारोह पर क्षी जिंगपिंग का संबोधन।

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के शताब्दी समारोह के अवसर पर थियानमेन चौक पर आयोजित समारोह में प्रीमियर शीं जिंगपिग ने अपने संबोधन में विश्व को एक प्रकार से चेतावनी देते हुए बहुत आक्रमक रुख से भाषण दिया। ...

गुरुदत्त और वहीदा रहमान ! चांद और चकोरी सा रिश्ता जो मौत के साथ ख़त्म हुआ।।

भारतीय सिनेमा के कुछ चेहरे जिन्हे कभी नहीं भुलाया जा सकता और उनमें एक नाम गुरुदत्त का है। गुरुदत्त का निजी वैवाहिक जीवन कांटो भरा भी कहा जा सकता है लेकिन वहीदा रहमान को वो जीवन भर भूल नहीं पाए।। ...

दक्षिण एशिया का टाइम बम जिसकी सुईयां तेजी से घूम रही हैं।

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1 July कनाडा दिवस या Confederation day of Canada

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कहते हैं कि आम फलो का राजा होता है और साथ ही राजाओं का फल भी होता है।

फलों के राजा आम या राजाओं के फल आम का मुगलई रसोई में किस प्रकार उपयोग किया जाता था इसकी जानकारी दे रहे हैं डॉ शारीक अहमद खान। ...

किसान आंदोलन स्थल गाजीपुर बॉर्डर पर बीजेपी कार्यकर्ताओं एवं किसानों के बीच अप्रिय स्थिति।

दिल्ली यूपी सीमा पर स्थित गाजीपुर बॉर्डर स्थित किसान आंदोलन स्थल पर बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा हंगामा एवम् नारेबाजी किए जाने पर दोनों पक्षों में अप्रिय विवाद खड़ा हो गया। ...

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भारत सरकार द्वारा घोषणा की गई थी कि एक जुलाई से प्रतिदिन एक करोड़ व्यक्तियों को वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएगी लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। ...

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Logical analysis about food habits by a doctor

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तीन दिन तक चलने वाले चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के समारोह की पहली शुभकामनाए रूस के राष्ट्रपति वाल्डिमिर पुतिन द्वारा दी गई जिसके धन्यवाद में चीन ने रूस से अपने ऐतिहासिक सम्बन्धों का हवाला दिया। ...

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15 जून 1846, United States of America तथा British Canada के बीच एक संधि हुई थी जिसे ओरेगन ट्रीटी कहा जाता है। दोनों देश उसका कैसे सम्मान करते हैं यह दक्षिण एशिया के नागरिकों के लिए किसी अजूबे से कम नहीं होगा। ...

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