हाथियों की यात्रा जो अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है।

चरैवेति - चरैवेति अर्थात चलते रहो, चलते रहो ! हालांकि यह मंत्र कभी इंसानों के लिए कहा गया होगा लेकिन फिलहाल लगता है कि चीन में हाथियों के एक झुंड ने इसे दिल दिमाग में उतार लिया है।। धरती पर सबसे बड़े स्तन जीवी समझे जाने वाले हाथियों के सम्बन्ध में माना जाता है कि इनकी याददाश्त और सुनने की क्षमता इंसानों से कई गुना अधिक होती है तथा स्वभाव से इन्हे अपने निवास स्थान से बहुत लगाव होता है।

आमतौर पर हाथी झुंड बनाकर रहते है और विशेष विषम परिस्थितियों में ही अपना इलाका छोड़कर जाते है किन्तु यदि कभी दूसरे क्षेत्र में चले भी जाए तो भी वापिस अपने घर की ओर अवश्य लौटते हैं।। जिस गिरोह की चर्चा चल रही है ये कुल 16 हाथी 15 महीने पहले युहान से चले थे किन्तु उनमें से दो वापिस लौट गए तथा 14 ने यात्रा जारी रखी जिसके दौरान एक बच्चे ने भी जन्म लिया इस प्रकार फिलहाल इनकी संख्या 15 हैं।। अभी तक ये लगभग 500 किमी की यात्रा पूरी कर चुके है और लगातार आगे की ओर बढ़ रहे हैं हालांकि इनके अंतिम गंतव्य का कोई अनुमान नहीं लगाया जा सका है।

चीन सरकार ड्रोन कैमरों एवम् अन्य साधनों के माध्यम से इनपर निरंतर निगाह रखे हुए हैं तथा इनके लिए रास्ते के प्रबन्ध का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।। एक अनुमान के अनुसार अभी तक रास्ते में यह झुंड लगभग एक लाख डॉलर मूल्य की फसलें खराब चुका है किन्तु किसी जानहानि का कोई समाचार नहीं है।। रास्ते में पड़ने वाले गांव एवम् कस्बे के निवासियों को पहले से सचेत कर दिया जाता है कि वो घरों के अंदर रहे एवम् बाहर मक्का या नमक न रखे।। हाथियों की इस चर्चित यात्रा के कारण तथा लक्ष्य के बारे में तो हाथी ही बेहतर बता सकते हैं

किन्तु इनसे यह जरूर पूछा जाना चाहिए कि *तुसी चीन विच जम्मे ता फिर पंजाबी किन्वे हो गए* ਜੰਮੇ ਪਲੇ ਚੀਨ ਵਿਚ ਤਾਂ ਹਾਥੀਆਂ ਨੇ ਪੰਜਾਬੀਅਤ ਸਿੱਖ ਲਈ, ਛੜ ਆਪਣਾ ਮੁਲਕ ਮੇਰਾ ਹਾਥੀ ਪਰਦੇਸੀ ਹੋਇਆ।।।

विदेशो में जाने वाले भारतीय युवाओं के लिए विशेष ध्यान देने योग्य घटना।

विदेशो में बहुत बड़ी संख्या में भारत से स्टूडेंट वीजा पर युवक जाते है उनके बेहतर भविष्य के लिए किस प्रकार उनके मां बाप अपनी कुर्बानियां देकर पैसे का इंतजाम करते हैं इसको ध्यान रखें बगैर उनके द्वारा की गई गलतियां किस प्रकार भारी पड़ती हैं। ...

भारतीय अर्थ्यवस्था और बैंकिंग सेक्टर को सम्भावित चोट पहुंचने का संदेह !

भारतीय समाज में अक्सर यह चर्चा का विषय रहता है कि भारत के प्रधानमन्त्री अपने निजी सम्बन्धों एवम् मित्रता को बहुत सम्मान देते हैं और उसी कड़ी में उसका लाभ नीरव मोदी, मेहुल चोकसी जैसे भगोड़ों ने तो उठाया ही है लेकिन अंबानी, अड़ानी, रामदेव जैसे पूंजीपतियों पर फायदा उठाने के आरोप लगते रहे हैं। ...

Tribute to Flying Sikh by Principal Sarvan Singh

ਸਾਊਥ ਏਸ਼ੀਅਨ ਸਿਤਾਰੇ ਸਰਦਾਰ ਮਿਲਖ਼ਾ ਸਿੰਘ ਜੀ ਆਪਣੇ ਸਵਾਸਾ ਦੀ ਬਖਸ਼ਿਸ ਪੂਰੀ ਕਰ ਕੇ ਚਲਾਣਾ ਕਰ ਗਏ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਬਾਰੇ ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਸਰਵਨ ਸਿੰਘ ਜੀ ਦੀ ਕਿਤਾਬ ਦਾ ਕੁਛ ਹਿੱਸਾ ...

भारत के आर्थिक परिपेक्ष्य में विजय शंकर सिंह ( आईपीएस ) का विश्लेषण

भारत की आर्थिक स्थिति और गरीबों को बढ़ती संख्या के कारण भारत की तुलना नाइजीरिया जैसे निर्धनतम देशों से होने लगी है। इसी विषय पर पूर्व आईपीएस विजय शंकर सिंह का विश्लेषण ...

Rahul Gandhi ! Quite different personality among Indian politicians

भारतीय राजनीति में कांग्रेस के नेता एवम् नेहरू गांधी परिवार के अहम व्यक्तित्व राहुल गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाए ...

ईरान के राष्ट्रपति चुनावों और सम्भावित राष्ट्रपति का प्रभाव !

18 जून 2021 और ईरान में राष्ट्रपति चुनाव ! यद्धपि ईरान की शासन व्यवस्था के अनुसार राष्ट्रपति को एक्सक्यूटिव अफसर ही समझा जा सकता है लेकिन फिर भी इसका भविष्य में क्या प्रभाव पड़ सकता है ? ...

अफगानिस्तान ! अमेरिकी तथा नाटो फोर्सेज की वापसी के बाद क्या ? तालिबान प्रवक्ता सुहैल शहीन से बातचीत

जिस तेजी से अमेरिकी सैनिकों की वापसी अफगानिस्तान से हो रही है और तालिबान द्वारा अफ़गान जमीन पर अपना कब्ज़ा कायम किया जा रहा है उससे सम्भावित भविष्य के हालात पर तालिबानी प्रवक्ता सुहैल शाहीन से एक बात।। ...

भारत जो विभिन्न संस्कृतियों एवम् सभ्यताओं का देश है वहां के बनारस की बनारसी

कोस कोस पर पानी बदले, बीस कोस पर वाणी। भारत के लिए ही यह पंक्तियां कहीं गई है क्योंकि विभिन्न संस्कृतियों एवम् सभ्यताओं के फूलो से सजा ऐसा बगीचा नुमा देश इस धरती पर शायद ही कोई दूसरा हो। ...

विभाजन और विभाजन करते करते एक दिन प्रत्येक मकान के सामने सरहद होगी और इंसान अकेला उसके अंदर रह रहा होगा।

किसी भी विचारधारा की अपनी सीमाएं होती है और अवैज्ञानिक सोच रखने वाले संगठनों से जुड़े व्यक्तियों को उनकी हठधर्मिता से हटाना असम्भव होता है।। ...

बाइडन पुतिन बैठक ! किसने क्या खोया, क्या पाया।।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन तथा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बहू प्रतीक्षित मुलाकात पर दुनिया की निगाहे लगी हुई थी और अंततः यह निर्विघ्न सम्पन्न हुई।। ...

पत्रकारिता ! दो धारी तलवार पर असूलो के साथ टकराव लेने वाला व्यवसाय।

भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के गाजियाबाद से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई जिसमे किसी बुज़ुर्ग व्यक्ति से मारपीट की जा रही थी, उसके सन्दर्भ मे उस वीडियो को लेकर निजी पत्रकारों एवम् भारतीय वेब पोर्टलस ने खबर चलाई जिसके कारण भारत सरकार द्वारा ट्विटर सहित कई पोर्टल प्रबन्धन के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करा दी गई। ...

सोने के अंडे देने वाली मुर्गी को हलाल करने की रिवायत

विदेशो में कार्य कर रहे भारतीयों के साथ भारत में समाज एवम् सरकार द्वारा किए जाने वाले दुर्व्यवहार एवम् कानूनी दांव पेज के कारण पैदा होने वाली दिक्कतों का सरकार द्वारा ध्यान रखना जरूरी है। ...

ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की शादी और ब्रिटिश समाज में उठे सवाल!

ब्रिटेन के प्रधानमन्त्री बोरिस जॉनसन ने अपनी मंगेतर से बिना किसी सार्वजनिक समारोह या सूचना के शादी कर ली। यद्धपि यह उनके जीवन का निजी निर्णय है लेकिन इसको लेकर ब्रिटेन के समाज में एक मजेदार बहस शुरू हो गई है जिसका अंत कहां होगा कह नहीं सकते।। ...

जेनेवा में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन तथा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की होने वाली मुलाकात विश्व को दिशा देने वाली होगी !

रसियन टीवी के प्रसारण के सन्दर्भ में रूस के राष्ट्रपति वल्डीमिर पुतिन अपनी बहुचर्चित अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए भारतीय समयानुसार 1610 hrs ( +5:30 ) पर जेनेवा पहुंच चुके हैं।। ...

पवन गुरु पानी पिता, माता धरत महत्त........

पांच नदियों की धरती कभी इस लिए आक्रमणकारियों से बची रहती थी क्योंकि पानी की बहुलता के कारण जमीन इतनी दलदली थी कि शत्रुओं के घोड़े चल नहीं सकते थे।। ...

अमेरिकी राष्ट्रपति के तूफानी दौरे और नाटो चार्टर में महत्वपूर्ण बदलाव के साथ विश्व एक नए प्रकार के ब्रह्माण्ड युद्ध की ओर !

नाटो संगठन का सम्मेलन समाप्त हुआ और इसी के साथ जारी प्रेस रिलीज तथा चार्टर में बदलाव के साथ दुनिया ने भविष्य के विश्व युद्ध की ओर कदम बढ़ा लिया।। ...

नोटबंदी, जीएसटी के बाद भारत में महामारी के कारण बिगड़ी अर्थव्यवस्था क्या किसी बड़े खतरे का संकेत हो सकता है ?

सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार महंगाई दर में भयावह वृद्धि क्या भारतीय अर्थवयवस्था के किसी बुरे दौर से जाने का संकेत है । ...

हैदराबाद की चारमीनार और दिल्ली का गुरुद्वारा बंगला साहिब! एक अनोखी समानता।

ईश्वर का अस्तित्व और उसके प्रति इंसान की आस्था बेशक किसी का भी निजी मामला हो सकता है लेकिन जब भी कष्ट आते है तो अंतिम सहारा ईश्वर ही नजर आता है और उसके प्रतीक स्वरूप भारत के दो अहम भवन। ...

गलवान घाटी में हुई सैनिकों की शहादत के एक साल बाद कौन कहां खड़ा है ?

एक साल पहले आज ही के दिन बीस भारतीय सैनिकों की गलवान घाटी में शहादत हुई थी लेकिन आज एक साल बाद भारत की क्या स्थिति है और क्या अब भी चीन की चुनौती कायम है ? ...