साडा हक, एत्थे रख ।। अक्सर जंगली जानवरों के मानव बस्तियों में घुस आना एक खबर होती हैं लेकिन हकीकत में यह झूठ है।।

अक्सर समाचार देखते हैं कि जंगली जानवर मानव बस्ती में घुस आए। कई जगह तो पार्कों में वुल्फ से सावधान रहने की चेतावनी वाले बोर्ड भी देखे जा सकते हैं ( गोएल्फ, ग्रेटर टोरंटो कनाडा ) लेकिन यह हकीकत नहीं है क्योंकि वो मानव बस्तियों में नहीं घुसते अपितु मानव ही उनकी बस्ती में घुसा हुआ है और उनके हरे भरे घरों को उजाड़ कर अपना कंक्रीट का जंगल बसा कर खुद को विकसित समझता है।। गत दिनों संयुक्त राज्य अमेरिका के केलिफोर्निया में एक परिवार शाम को बाहर गया और जब वापिस आया तो उनके घर के अंदर जंगली पक्षियों ने कब्ज़ा किया हुआ था।। उनके प्रत्येक कमरे तथा बाथरूम तक के अंदर पक्षी घुसे हुए थे।

परिवार ने पुलिस को सूचना दी और सबने मिलकर उन्हें खिड़कियां दरवाजों से बाहर निकाला। इसी के साथ मकान मालिक ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से खिड़की दरवाजे न केवल बन्द कर दिए अपितु उन्हे पेपर्स तथा चादरों से ढक दिया।। लेकिन अचानक उन्हीं पंक्षियो के झुंड ने उसी मकान पर दोबारा हमला कर दिया और खिड़की दरवाजे बंद होने के कारण मकान की चिमनी से प्रवेश करना शुरू कर दिया।

घर में रहने वाले परिवार के अनुसार 800 तक गिनने के बाद उन्होंने गिनती बन्द कर दी थी और उस रात उन्हे घर से बाहर होटल में रुकना पड़ा क्योंकि उनके सभी कमरों, रसोई तथा वाश रूम्स पर प्रकृति का कब्ज़ा था।। अगले दिन सुबह पुलिस, फायर एवम् वन विभाग की टीमों के साझा प्रयासों के बाद ही घर को पक्षियों से मुक्त कराया जा सका किन्तु अभी तक किसी के पास इस सवाल का जवाब नहीं है कि पक्षियों की डार को वो घर ही क्यों पसंद आया ?