भारतीय नागरिकों विशेषकर सोशल मीडिया पर एक्टिव लोगो के लिए विशेष संदेश।।

बुराई और जहर जितनी तेजी से असर करती हैं उतनी तेजी से उसकी एंटी डॉट नहीं करती। नीचे दिए गए दो चित्र है जिनमे से एक अफगानिस्तान के लिए है और दूसरा भारत के सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर वायरल हो रहा है।। दोनों चित्र देखने से सवाल उठता है कि इन दोनों के बीच क्या साम्यता है ? राष्ट्रपति ट्रंप ने अफ़गान तालिबान के साथ समझौता किया था जिसके अनुसार अमेरिकी सैनिकों को अफगानिस्तान से एक मई 2021 तक निकल जाना था लेकिन वहां जो बाइडेन जीत गए और उन्होंने किन्तु परन्तु शुरू कर दी।

अफ़गान शांति वार्ता के सम्बन्ध में बाइडन प्रशासन का अंतिम व्यक्तव्य यह आया है कि अमेरिकी तथा नाटो फोर्सेज यदि अफगानिस्तान छोड़ दें तो वहां और क्षेत्र में "गृह युद्ध" शुरू हो सकता है।। विचारणीय प्रश्न यह है कि कोई भी इंसान अपने ही पड़ोसी का दुश्मन और हत्यारा कैसे हो सकता है या कोई समाज कैसे गृह युद्ध में शामिल हो जाता हैं ? इसके लिए समाज दुश्मन ताकतें पहले से भूमिका तैयार करती रहती हैं और धीरे धीरे लोगो के दिलों में इतनी नफरत का जहर घोल देती हैं कि वो समाज को तोड़ने वालो को अपना मित्र समझने लगता है तथा पड़ोसी को केवल इस डर के कारण मार देता है कि कहीं पड़ोसी उसको पहले न मार दे।। भारत के समाज में भी यह बुराई तेजी से फैलती जा रही है और अधिकांश युवा जल्दीबाजी में तथ्यों की पड़ताल किए बिना कुछ भी पोस्ट कर देते है।

दूसरे चित्र के संदर्भ में बताया जा रहा है कि किसी 76 वर्षीय मरीज़ ने अस्पताल से केवल इसलिए छुट्टी ले ली क्योंकि वो मुस्लिम डॉक्टर से इलाज नहीं कराना चाहता था और उसकी डिस्चार्ज स्लिप पर यही लिखा हुआ प्रचारित किया जा रहा है।। जिस अस्पताल का नाम लिखा हुआ है उसकी चेन भारत के दक्षिणी राज्य तमिलनाडु के चेन्नई में है और वहां के समाज में कभी सांप्रदायिक शक्तियों को स्थान नहीं मिला।। भारतीय समाज में नफरत फैलाने वाली एजेंसी ने जानबूझकर ऐसे स्थान का संदर्भ दिया है जहां सम्पर्क न किया जा सके।

अपने सूत्रों के माध्यम से News Number द्वारा जब कथित अस्पताल से सम्पर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि उनकी जानकारी में ऐसी कोई घटना नहीं है एवम् उनके यहां इलाज डॉक्टर्स की टीम करती हैं तथा डॉक्टर केवल डॉक्टर होता हैं, हिन्दू या मुस्लिम नहीं होता।। News Number सभी सोशल मीडिया एक्टिविस्ट्स से अपील करता है कि विश्वसनीय माध्यम से प्राप्त सूचना पर ही भरोसा करे तथा किसी भी समाचार को रिपोस्ट करने से पहले तथ्यों की जांच पड़ताल कर ले।। कृपया अफवाहों से दूर रहे एवम् सामाजिक सौहार्द बनाए रखे।।