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संसार किसी स्त्री को कुरूप कह सकता है.. क्योंकि वह उसे अपनी तन की आँखों से देखता है.. परन्तु संतान उसी माता को संसार में सबसे सुंदर समझता है.. क्योंकि वो भाव से देखता है.. तन की आँखों से देखोगे तो वैसे भी पहचान नहीं पाओगे.. जैसे राधा मुझे पहचानी.. इसीलिए यदि प्रेम को समझना है.. तो मन की आंखें खोलो.. और प्रेम से कहो राधे राधे..

Last Updated: Aug 10 2020 12:10
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संसार किसी स्त्री को कुरूप कह सकता है.. क्योंकि वह उसे अपनी तन की आँखों से देखता है.. परन्तु संतान उसी माता को संसार में सबसे सुंदर समझता है.. क्योंकि वो भाव से देखता है.. तन की आँखों से देखोगे तो वैसे भी पहचान नहीं पाओगे.. जैसे राधा मुझे पहचानी.. इसीलिए यदि प्रेम को समझना है.. तो मन की आंखें खोलो.. और प्रेम से कहो राधे राधे..