प्लाज्मा थेरेपी ने मौलवी मोहम्मद अमानउल्ला को दी नई ज़िंदगी

Last Updated: Aug 01 2020 19:31
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कपूरथला की बीबी पीरो वाली मस्जिद के मौलवी के लिए प्लाज्मा इलाज विधि किसी वरदान से कम नहीं। कोरोना पॉजिटिव आने के बाद जब उसकी हालत गंभीर थी तो उसका गुरू नानक देव अस्पताल अमृतसर में प्लाज्मा थेरेपी से इलाज किया गया, जोकि बिल्कुल सफल रहा और मौलवी मोहम्मद अमानउल्ला को नई ज़िंदगी मिल गई।

शालामार बाग नज़दीक बीबी पीरो वाली मस्जिद के मुख्य मौलवी 41 वर्षीय मोहम्मद अमानउल्ला पिछले 30 साल से कपूरथला में रह रहे हैं। मौलवी अमानउल्ला चाहे पश्चिमी बंगाल के भागलपुर से संबंधित हैं, परंतु वह पंजाब के लोगों की दया भावना व गुरू साहिबानों की शिक्षाओं के लिए लोगों का आभार अभिव्यक्त करते हैं।

उन्होंने बताया कि गला खराब होने पर बहुत ज्यादा थकावट की शिकायत थी और फिर तेज बुखार ने उनके स्वास्थ्य को और खराब कर दिया। पहले तो उन्होंने कपूरथला के अलग-अलग निजी अस्पतालों से बुखार की दवा खाई, परंतु कोई सुधार न होने के कारण उन्होंने सिविल अस्पताल कपूरथला से कोरोना का टेस्ट करवाया, जोकि पॉजिटिव आया। मौलवी अमानउल्ला ने कहा कि टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद उनकी हालत गंभीर होती देख उनको गुरू नानक अस्पताल अमृतसर में रैफर किया गया, जहां किसी दानी की तरफ से दान किए प्लाज्मा से उनका इलाज किया गया।

मौलवी अमानउल्ला ने कहा कि वह 14 दिन अस्पताल रहे और इस दौरान जो सेवा भावना पंजाब के लोगों विशेषकर डाक्टरों और अन्य स्टाफ में देखने को मिली, वह शायद देश के किसी ओर हिस्से में नहीं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों की सेवा भावना ने उनको ज़िंदगी भर के लिए कर्जदार कर लिया है और वह पूर्ण जीवन पंजाब के ऋणी रहेंगे। उन्होंने कहा कि वह ईद के अवसर पर बंगाल जरूर आए हैं, परन्तु जिस प्लाज्मा विधि के माध्यम से पंजाब के डॉक्टरों ने उनको नया जीवन दिया है, वह भी उसका कर्ज उतारने के लिए अपना प्लाज्मा जरूर दान करेंगे।