प्रो. सुखपाल सिंह थिंद की कहानी 'कालख कोठड़ी' साल की बेहतरीन कहानियों में शामिल

Last Updated: Aug 01 2020 19:09
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नवाब जस्सा सिंह आहलूवालिया सरकारी कॉलेज के पंजाबी विभाग में बतौर प्रोफेसर व प्रभारी के तौर पर कार्य कर रहे प्रो. सुखपाल सिंह थिंद ने साहित्यक क्षेत्र में एक और सफलता प्राप्त की है। उनकी कहानी 'कालख कोठड़ी' को 2019 की बेहतरीन कहानियों में शामिल किया गया है। चर्चित शायर व 'हुन' रसाले के संपादक सुशील दोसांझ ने एक किताब का संपादन किया है और कुकनस प्रकाशन जालंधर ने उसका प्रकाशक किया है।

उल्लेखनीय है कि प्रो. थिंद की कहानी फूलों की फसल को वर्ष 2018 की बेहतरीन कहानियों में शामिल किया गया था और उक्त किसान का संपादन सुकीरत आनंद ने किया था। प्रो. थिंद ने अपनी प्राप्ति पर खुशी का इजहार करते हुए कहा कि पाठकों व विद्वानों का सहयोग अपने सिरजनात्मक कार्य को भविष्य में और भी तनदेही से निभाने के लिए प्रेरणा देता है।

उल्लेखनीय है कि प्रो. थिंद की दो कहानियां पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के एमए पंजाबी के पाठ्यक्रम का हिस्सा है। उसके अलावा दो सफरनामे व तीन आलोचना पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वह फूलों की फसल नामक कहानी पुस्तक तैयार कर रहे हैं और उम्मीद है कि कुछ माह तक पुस्तक पाठकों को पढ़ने के लिए मिल जाएगी। इस अवसर पर प्रिंसीपल आसा सिंह घुम्मण, रोशन खैड़ा, कंवर इकबाल सिंह, प्रोमिला अरोड़ा, डॉ. भूपिंदर कौर, आशू कुमरा, केवल सिंह रत्तड़ा, सहिबाज खान, अवतार भंडाल, सनोबर, मलकीत सिंह शामिल थे।