डीजीपी दिनकर की तरह अजीत डोभाल के इशारे पर विन्नी महाजन को लगाया सीएसः सुखपाल खैरा

Last Updated: Jun 28 2020 18:51
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पूर्व नेता प्रतिपक्ष व भुलत्थ विधानसभा से विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने प्रेस बयान में आरोप लगाया कि पंजाब की अहम नियुक्तियां करने के समय कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भाजपा के सामने सरेंडर कर दिया है। सियासी गलियारों में यह चर्चा आम है कि पांच आईपीएस अधिकारियों की वरिष्ठता को ताक पर रखकर दिनकर गुप्ता को प्रधानमंत्री नरिंदर मोदी के एनएसए अजीत डोभाल के इशारे पर डीजीपी नियुक्त किया गया। उसी तरह ही अब भी पांच सीनियर आईएएस अफसरों की वरिष्ठता को कुचलकर डीजीपी दिनकर गुप्ता की पत्नी विन्नी महाजन को सूबों की मुख्य सचिव भाजपा के कहने पर बनाया गया है।

सुखपाल खैरा ने कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर अपने मौजूदा कार्यकाल दौरान कैप्टन अमरिंदर सिंह की कार्यशैली स्पष्ट तौर पर उनकी सत्ताधारी पार्टी भाजपा विशेष तौर पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री अमित शाह से नज़दीकियों को दिखाती है। उन्होंने कहा कि भाजपा के कदमों की हिमायत करने के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह का रवैया अक्सर ही कांग्रेस हाईकमान के स्टैंड के उलट होता है। श्री करतारपुर साहिब कॉरीडोर के मुद्दे या सरहदी टकराव पर कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ से बार-बार पाकिस्तान पर हमला किया जाना, उनकी भाजपा के इशारे पर काम करने की ताजा मिसाल है।

शायद भाजपा सरकार की तरफ से पाकिस्तान की डिफेंस एनालिस्ट और कैप्टन अमरिंदर सिंह की नज़दीकी मित्र अरुसा आलम को लगातार पंजाब में रहने और यहां तक कि सीएम की सरकारी रिहायश में रहने की मंज़ूरी दिया जाना इसका कारण हो सकता है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब में सरकार चलाने के अपने सभी अधिकार दिल्ली स्थित अपने भाजपा आकाओं को सौंप दिए हैं।

खैरा ने कहा कि ताज्जुब की बात है कि करतारपुर साहिब कॉरीडोर के रास्ते से आए सिक्ख श्रद्धालुओं को पाकिस्तान की तरफ से प्रशिक्षण प्राप्त आतंकवादी कहने वाले दिनकर गुप्ता को सजा देने की बजाय कैप्टन ने उनकी पत्नी को मुख्य सचिव पंजाब नियुक्त करके इनाम दे दिया है। इन गैर-कानूनी नियुक्तियों पर शिरोम‌णि अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल और आम आदमी पार्टी की ओर से कोई विरोध न करना दोनों के भाजपा की बी टीम साबित होने की ओर इशारा करते हैं।