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कुर्बानियों के कुछ निशान जिन्हे न सरहदों में बांटा जा सकता है ना ही छुपाने की कोशिश कामयाब हो सकती हैं।

धन गुरु नानक देव, बाबा बुल्लेशाह, शेख फरीद, महाराजा रणजीत सिंह, भगत सिंह, सर गंगाराम सहित कभी खत्म न होने वाली लिस्ट बन सकती है जिन्हे भारत पाकिस्तान की सरहदों में नहीं बांटा जा सकता। इसी प्रकार ननकाना साहिब, करतारपुर, हसन अब्दाल, लायलपुर, लाहौर, अमृतसर, दिल्ली, अजमेर जैसे बहुत से शहर है जो इस पार से उस पार दिलों में परवाज़ करते रहते है क्योंकि आंखो का वीज़ा नहीं लगता। ...

18 जुलाई नेल्सन मंडेला दिवस के रूप में विश्व के उस महामानव के नाम जिसने रंगभेद के विरूद्ध अपने जीवन को दांव पर लगा दिया।

सभे की जात एके पहचानबो, और एक नूर से सब जग उपज्यो जैसे महामंत्रों को जीवन में उतारने और इनके लिए संघर्ष करने वाले यदि किसी महामानव का वर्तमान काल में उल्लेख किया जाना चाहिए तो निसंदेह वो नेल्सन मंडेला ही है जिन्हे पहले विदेशी नायक के रूप में भारत सरकार ने भारत रत्न सम्मान से सम्मानित किया था उनके जीवन चरित्र पर कुछ शब्द उर्मिलेश उर्मिल साहब के सहयोग से। ...

एक ऐसे जांबाज योद्धा के जन्मदिन पर बधाई जिसने 1971 के युद्ध में दशम पिता की वाणी को सत्य कर दिखाया।

1971 का भारत पाक युद्ध और श्रीनगर पर पाकिस्तानी वायुसेना का हमला जिसकी उम्मीद नहीं थी लेकिन लुधियाना में जन्मे गुरसिख ने इतिहास कायम करके दिखा दिया। ...

छद्म विश्व युद्ध का एशियाई थियेटर और भारत सरकार की नीतियां !

वर्तमान स्थितियों में चल रहे छद्म विश्व युद्ध के मैच में फिलहाल कोशिश की जा रही है कि बाल दूसरे के पाले में कैसे धकेली जाए और कैसे नए सहयोग संगठन खड़े किए जाए जिनका अंत इस क्षेत्र में भारत में ही होने की सम्भावना है। ...

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