आत्मविश्वास हर व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास का अहम हिस्सा है।

आज के समय में किसी भी व्यक्ति से बात कर लें सबके पास किसी न किसी चीज को लेकर तनाव है।

पार्टनर्स के बीच थोड़े बहुत झगड़े तो होते रहते हैं और उसके बाद एक दूसरे के बिना रहना मुश्किल होता है।

चिकित्सकों का कहना है कि पैकेट में बंद दूध से नवजातों या बच्चों में बड़ी आसानी से 'डेवलपमेंट डिसऑर्डर' भी हो सकता है।

खाने में बहुत सारे लोगों का किवी पसंदीदा फल होता है।

हम जीवन में इतने व्यस्त हो चुके हैं कि खाना खाने तक की फुर्सत नहीं होती।

बहुत सारे लोगों के दिन की शुरुआत ही चाय से होती है।

फाइबर और विटामिन से भरपूर आम न सिर्फ सेहत बनाता है बल्कि स्वाद का भी ख्याल रखता है।

ज्यादातर महिलाएं मेकअप करने की शौकीन होती हैं।

पर्याप्त मात्रा में सब्जी और फल नहीं खाने से दुनिया भर में लाखों लोग हर वर्ष हृदय और आघात संबंधी बीमारियों की वजह से मौत का शिकार हो जाते हैं।

योग कई तरह से शरीर और मस्तिष्क को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) अब आयुर्वेद को नया रूप देने जा रहा है।

मनुष्य के लिए अच्छी नींद लेना बहुत ही जरूरी है। नींद लेने से न सिर्फ आपकी सेहत अच्छी होती है बल्कि मेंटल हेल्थ में भी यह सहायक है।

ऐसा माना जाता है कि सफेद मांस की जगह रेड मीट का सेवन कोलेस्ट्राल के लिए ज्यादा खराब है, लेकिन ऐसा नहीं है कि ये दोनों कोलेस्ट्राल के लिए समान रूप से खराब हैं।

अक्सर आपने लोगों को आश्चार्य या चौंकने के भाव में 'भैंस की आंख' बोलते हुए देखा होगा।

वजन बढ़ने की समस्या से छुटकारा पाने के लिए लोग पानी की तरह पैसा बहा देते हैं।

कलर किए हुए बालों को गर्मी में खास देखभाल की जरूरत पड़ती है क्योंकि एक्सपर्ट का कहना है कि इन दिनों ये कलर्स जल्द ही छूटने लगते हैं।

अनुसंधानकर्ताओं ने स्मार्टफोन आधारित एक एप विकसित किया है जो माइग्रेन से पीड़ित लोगों के सिरदर्द को घटाने में मदद कर सकता है।

वैज्ञानिकों ने इमेजिंग तकनीक पर आधारित एक सामान्य नेत्र जांच विकसित की है जिससे अल्माइमर बीमारी के शुरुआती संकेतों का पता लगाया जा सकता है।

बच्चे के जन्म लेने से लेकर सालों साल परिवार का ख्याल रखने की जिम्मेदारियों के बीच भागती-दौड़ती मांएं सुपरहीरोज होती हैं।

भारत में तकनीक की लत खतरनाक दर से बढ़ रही है और इस कारण युवा नोमोफोबिया का शिकार तेजी से हो रहे हैं।

आज की युवा पीढ़ी जो की गैजेट्स का इस्तेमाल अधिक करते हैं और लंबे समय तक एक ही पोजीशन में बैठकर काम करते हैं, उन्हें 'रिपिटिटिव इन्जरी' होने की आशंका बढ़ जाती है।

वट सावित्री व्रत 3 जून को मनाया जा रहा है। इस दिन शादीशुदा महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं।

पेट दर्द को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर (पेट की आंतों या पेट के कैंसर) भारत में चौथा सबसे ज्यादा संख्या में लोगों को होने वाला कैंसर बन गया है।

जब-जब हम स्‍मोकिंग की बात करते हैं, तब-तब एक्टिव और पैसिव स्‍मोकिंग से होने वाले नुकसान की बात की जाती है।

Drinking coffee keeps the bowels moving because it changes gut bacteria and improves ability of intestines to contract, find researchers.

ये विटामिन, कैल्शियम, प्रोटीन, नियासिन, फॉस्फोरस और पोटैशियम का खजाना होता है।

लेकिन क्या आपको मालूम है कि तेज धूप में शरीर को ताजगी देने के लिए जिस कोल्ड ड्रिंक का आप इस्तेमाल कर रहे हैं वो शरीर के लिए कितनी हानिकारक है।

अगर आप भी अपने रोते हुए बच्चे को चुप कराने के लिए उसके हाथ में मोबाइल थमा देते हैं तो आपकी यह आदत उसके लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

ज्यादातर लोगों का लगता है कि बिना करी पत्ते के दक्षिण भारतीय व्यंजन जैसे ही डोसा, सांभर, वाडा जैसी चीजें अधूरी होती हैं।

रोजाना सुबह मेट्रो, बसों और लोकल ट्रेनों में धक्के खाते हुए ऑफिस जाने का नजारा आम है, लेकिन परेशानी यहां नहीं बल्कि ऑफिस पहुंचने के बाद शुरू होती है।

मध्य प्रदेश की राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों को 'राइट टु हेल्थ' (स्वास्थ्य का अधिकार) पर विचार करना शुरू कर दिया है।

एक नए अध्ययन में इस बात के संकेत मिले हैं कि जो कर्मचारी कार्यस्थल पर अनहेल्दी भोजन खाते हैं, ऐसे लोगों में डायबिटीज और दिल की बीमारियों का खतरा अधिक होता है।

जर्नल ऑफ बायोबिहेवरल मेडिसिन में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक रिलेशनशिप में झगड़ने वाले कपल की लव लाइफ ज्यादा स्ट्रॉन्ग होती है।

लोग किसी भी उम्र के हों लेकिन पोषण की जरूरत लोगों को हर उम्र में पड़ती है और जब शरीर को पूर्ण मात्रा में पोषण नहीं मिल पाता तो उसमें कई तरह के विकार उत्पन्न हो जाते हैं।

आज-कल की भागदौड़ की ज़िन्दगी में लोग मोटापे और जल्दी तबीयत खराब होने की समस्या से परेशान रहते हैं।

एक अनुमान के अनुसार दुनिया भर में 20 करोड़ लोग थायराइड डिसऑर्डर से पीड़ित हैं।

सेहतमंद रहने के लिए सही समय पर हेल्दी चीजों का सेवन करना बहुत जरूरी है।

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