12 जून विश्व बाल मजदूरी दिवस, चेतना से मिला 120 बच्चों को नया जीवन

Bhawna Sharma
Last Updated: Jun 12 2018 19:35

पूरी दुनिया में 12 जून बाल मजदूरी दिवस के रूप में मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन ने 2002 में विश्व बाल श्रम विरोध दिवस की शुरुआत की थी। बाल मजदूरी के खिलाफ जागरूकता फैलाने का मकसद आज भी जारी है। पूरी दुनिया में करीब 21 करोड़ 80 लाख बच्चे बाल मजदूरी करते है जबकि भारत में इनकी संख्या 26 लाख 66 हजार के करीब है। 

सामाजिक संस्था चेतना के संस्थापक संजय गुप्ता ने बताया कि हमारा मकसद सड़क पर जीवन बसर कर रहे बच्चों के लिए एक विशेष कार्यक्रम चलाना और उनका विकास करना है। सामाजिक संस्था कॉरपोरेट डिवाइस बुक ऑनलाइन सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, स्थानीय पुलिस और लोगों के साथ मिलकर बादशाहपुर और जलवायु टावर के पास स्लम में रहने वाले 95 बच्चों को सरकारी स्कूल से जोड़ा गया। इनमें से 45 के बैंक एकाउंट और आधार कार्ड भी बनवाया गया। गुड़गांव में 120 हाशिये पर जीवन यापन कर रहे 7 से 16 साल के किशोरों की पहचान कर उन्हें इस यूनिक कार्यक्रम के तहत शिक्षा, सुरक्षा और सशक्त बनाना है। इस कार्यक्रम के तहत चुने गए 120 बच्चों में से 95 बच्चों का एमसीडी और सरकारी स्कूलों में दाखिला कराया गया है।

संस्था की ओर से बच्चों को पुलिस से मिलवाया गया ताकि उनके अंदर पुलिस की बिगड़ी छवि में सुधार आए। डिवाइस बुक ऑनलाइन के अमित डे ने बताया कि यह एक अनोखा प्रोजेक्ट है और यह सफल होगा। उन्होंने कहा कि हम कंपनियों तथा स्थानीय लोगों को भी इस कार्यक्रम से जुड़ने की अपील कर रहे हैं।