ठंडे कमरों से निकल आम लोगों के बीच पहुंचेगी दिल्ली पुलिस

Hemant
Last Updated: May 15 2018 18:07

पुलिस और जनता के बीच संवाद बढ़ाने और लोगों के मन से पुलिस का डर मिटाने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक नई पहल की है। इसके तहत थानों के वातानुकूलित कमरे में बैठकर अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों से दिनभर के कामों का ब्योरा (ब्रीफिंग) लेने वाले थानेदार अब सड़क, पार्क और मेट्रो स्टेशनों के बाहर या फिर ऐसी जगह काम करेंगे, जहां आम लोगों की भागीदारी हो। कभी थाने में बैठकर पुलिसकर्मियों के काम का जायजा लेने वाले थानेदार अब सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) के साथ बीट वाले पुलिसकर्मियों के इलाके में पहुंचकर सामूहिक रूप से बैठक कर रहे हैं। पुलिसवालों को अधिकारियों के साथ मिलकर काम करते देख इलाके के लोग भी पुरसुकून नजर आते हैं।

इस बाबत जब शाहदरा जिले की पुलिस उपायुक्त नुपुर प्रसाद से पूछा गया तो उनका कहना था कि थाने से बाहर निकलकर इलाके में ब्रीफिंग करने की वजह आम लोगों में पुलिस की दोस्ताना छवि बनाने के साथ-साथ आपराधिक प्रवृति के लोगों पर लगाम लगाना है। नुपुर प्रसाद कहती हैं कि एसएचओ और एसीपी ही नहीं, बल्कि वे खुद उपायुक्त के तौर पर गश्त में शामिल होकर आम लोगों में पुलिस का डर दूर करने और आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश करती हैं।