शिवराज सरकार की किरकिरी: भ्रष्टाचार पर अपने ही विधायकों ने विधानसभा में घेरा

Hemant
Last Updated: Mar 13 2018 19:47

मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार की उस वक्त किरकिरी हो गई, जब विधायकों ने अपनी ही सरकार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कटघरे में खड़ा कर दिया। हालात ये हो गए कि मंत्रियों को भ्रष्टाचार के आरोपी अफसरों को सदन में ही बर्खास्त करना पड़ा, जिसके बाद स्थिति थोड़ी संभली। राज्य की बदहाल शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए एक भाजपा विधायक इतने नाराज हो गए कि उन्होंने आगे से सदन में कोई भी प्रश्न नहीं पूछने की बात कह दी। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने भी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए राज्य में भ्रष्टाचार बढ़ने का कारण सरकार के पास कोई दूरगामी नीति का नहीं होना बताया।

सदन की कार्यवाही के दौरान भाजपा विधायक सूबेदार सिंह राजौधा ने किसानों को बंड फार्मर अनुदान बांटे जाने में हुई अनियमितता पर सवाल उठाए। राजौधा ने आरोप लगाते हुए कहा कि बंड फार्मर के लिए अफसरों ने फर्जी सूची विधानसभा में भेजी है। इसके लिए 3 बार आरोपी अफसर का तबादला हो चुका है, लेकिन उसने अपना तबादला रुकवा लिया। इस पर कृषि राज्यमंत्री ने सदन में ही आरोपी अफसर को बर्खास्त कर दिया। इसके बाद एक और भाजपा विधायक आरडी प्रजापति ने छतरपुर के ईशानगर स्कूल में 14 लाख रुपए की धांधली पर सवाल उठाए। इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए मंत्री विजय शाह ने सदन में घोषणा करते हुए कहा कि दोषी अफसरों को शाम तक सस्पेंड कर दिया जाएगा।