29 करोड़ की मशीन से रेलवे ढूंढ रहा चूहों के बिल

Last Updated: Feb 13 2018 16:10

भारतीय रेलवे इन दिनों चूहों के बिल खोजने में लगा हुआ है। जरूर इस बात से आपको हैरानी होगी लेकिन यह बात सच है। दरअसल रेलवे जीपीआर तकनीक के जरिए पटरी के नीचे बने चूहों, खरगोश जैसे छोटे जीवों के बिल खोज रहा है। यह बिल बरसात के दिनों में पानी से भर जाते हैं और काफी खतरनाक हो जाते हैं। इससे रेल दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक 29 करोड़ रुपए की कीमत वाली यह रडार मशीन प्रतिदिन 160 किमी ट्रैक का सर्वे कर सकती है। सर्वे के दौरान यह रडार ट्रैक पर गिट्टियों को भी संतुलित करते हुए जमीन के नीचे सुरंगों और बिलों को स्कैन करती है। फिलहाल रेलवे के पास 16 रडार हैं जिनके जरिए नार्दन रेलवे में सर्वे कराया जा रहा है।