कपूरथला के 'लाल' के आगे झुकी अमेरिका सरकार

Mahesh Kumar
Last Updated: Dec 28 2017 19:06

कपूरथला के 'लाल' के संघर्ष के आगे अमेरिका की डोनाल्ड ट्रंप सरकार को झुकना पड़ा। अमेरिका में शिक्षा हासिल कर रहे ग्रैजुएट स्टूडेंट्स की ट्यूशन फीस पर 300 प्रतिशत टैक्स लगाने के प्रस्ताव का कपूरथला के सूर्यादेव अग्रवाल ने जमकर विरोध किया। अमेरिका में विभिन्न शिक्षक संगठनों के साथ मिलकर लगातार तीन माह विभिन्न सांसदों के समक्ष अपना जबरदस्त विरोध जताने और इस टैक्स के लागू होने से विद्यार्थियों के होने वाले नुकसान का हवाला देकर सूर्या ने अमेरिका सरकार को इस मामले में बैकफुट आने पर विवश कर दिया।

स्वर्गीय महिंदर कुमार अग्रवाल (मिंदी शाह) के बड़े पोते 27 वर्षीय सूर्यादेव अग्रवाल चार साल से अमेरिका की कारनैगी मैलन यूनिवर्सिटी में माइक्रो बायोलॉजी में पीएचडी कर रहे हैं। सूर्या वहां की नेशनल एसोसिएशन ऑफ ग्रैजुऐट प्रोफेशनल्स स्टूडेंट्स (एनएजीपीएस) की एडवाइजरी बोर्ड के चेयरमैन भी हैं। सूर्या के पिता पवन अग्रवाल ने बताया कि तीन माह पहले अमेरिका की डोनाल्ड ट्रंप सरकार द्वारा पीएचडी कर रहे विद्यार्थियों पर 300 प्रतिशत टैक्स लगाने के लिए संसद में बिल लाने की तैयारी की जा रही थी। इसका पता जब विद्यार्थियों को लगा तो एनएजीपीएस के चेयरमैन सूर्यादेव अग्रवाल के नेतृत्व में विद्‌यार्थियों ने ट्रंप सरकार के खिलाफ संघर्ष शुरू किया। इस बारे में संगठन के सदस्यों ने अपने क्षेत्रीय के नेताओं और सांसदों तक आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि यदि यह बिल संसद में पास हो जाता है तो हर विद्यार्थी पर करीब 10 हज़ार अमेरिकी डालर तक का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। जिससे करीब तीन मीलियन (लगभग तीस लाख) विद्यार्थी प्रभावित होते। इस वजह से विद्यार्थियों को पढ़ाई छोड़कर अपने देश वापिस जाना पड़ सकता था। इस संघर्ष में सूर्यादेव का विद्यार्थी नेता सामंथा हरनैंडीज़ लैजिसलेटिव डायरेक्टर ने भी बहुत साथ दिया। लगातार सांसदों से गुफ्तगू और इसके नुकसान के बारे में बताने पर आखिरकार विद्यार्थियों के संघर्ष के आगे डोनाल्ड ट्रंप सरकार को झुकना पड़ा और यह बिल वापिस ले लिया गया। इस बिल को वापिस लेने के साथ-साथ विद्यार्थियों की और मांगों को भी मान लिया गया, जिससे सूर्या की बदौलत लाखों विद्यार्थियों का भविष्य बर्बाद होने से बच गए।