इंजीनियरिंग कालेज के प्रिंसिपल और कमेटी प्रधान पर धोखाधड़ी का मुक़द्दमा दर्ज

Avtar Gill
Last Updated: Dec 07 2017 14:36

एक विद्यार्थी द्वारा अपने हक और सरकार की ओर से दी जाने वाली सहूलियत को पाने के लिए 7 साल तक संघर्ष किया गया और आखिरकार उसकी जीत हुई जिसके बाद पुलिस ने एक इंजीनियरिंग कालेज कमेटी के प्रेसिडेंट और कालेज प्रिंसिपल के खिलाफ कथित तौर पर धोखाधड़ी का मुक़द्दमा दर्ज किया है। मामला विद्यार्थी को तीन वर्ष का वजीफा नहीं देने का है।

जानकारी मुताबिक जलालाबाद के जीवन ज्योति पोलिटेक्निक इंजीनियरिंग कालेज में वर्ष 2008 से 2010 तक इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले सुखबीर सिंह पुत्र अर्जुन सिंह वासी फारु वाला, गुरुहरसहाये ने उसको सरकार द्वारा मिलने वाली स्कॉलरशिप कालेज प्रबंधकों द्वारा नहीं दिए जाने से 7 साल तक लम्बी लड़ाई लड़ी और अब जाकर कहीं पुलिस ने प्रबंधक कमेटी के प्रधान मलकीत राए और तब के प्रिंसिपल सुभाष चंदर खिलाफ अधीन धारा 409/420 और 120 बी के तहत पुलिस थाना सदर जलालाबाद में मुक़द्दमा दर्ज किया है। शिकायतकर्ता सुखबीर सिंह ने बताया कि उसको कालेज द्वारा तीन वर्ष की स्कॉलरशिप 66 हजार रुपए दी जानी थी लेकिन कालेज द्वारा इसको स्कॉलरशिप देने से इनकार कर दिया गया। वह कालेज प्रबंधक कमेटी सहित तब के प्रिंसिपल सुभाष चंदर के पास चक्कर काटता रहा लेकिन उसकी कोई बात नहीं सुनी गई और इसके बाद उसने आर.टी.आई के जरिए जानकारी मांगी लेकिन कालेज ने जानकारी भी तोड़-मरोड़ कर दी।

सुखबीर सिंह ने बताया कि उसने हिम्मत नहीं हारी और अपने हक के लिए लड़ाई लड़ने का मन बनाकर एस.सी/एस.टी कमीशन के समक्ष पेश होकर अपनी शिकायत दर्ज करवाई। कमीशन ने कालेज को तलब किया और कमीशन के सामने कालेज प्रबंधक ने दो वर्ष का वजीफा देने की बात कबुल कर ली लेकिन उसको एक वर्ष का वजीफा देने पर वह अड़े रहे। लेकिन वह इस बात पर डटा रहा कि तीन वर्ष की स्कॉलरशिप उसका हक है इसलिए वह तीन वर्ष की स्कॉलरशिप लेकर ही दम लेगा। शिकायतकर्ता अनुसार जब कालेज प्रबंधक ने उसको कुछ नहीं दिया तो उसने इसकी शिकायत 11 जनवरी 2017 को जिला शिक्षा अधिकारी के पास की जिन्होंने इस पर कार्रवाई करते हुए मामला पुलिस को रैफर कर दिया। एस.पी (डी) द्वारा इसकी जांच की गई और उसके बाद अब पुलिस ने कालेज प्रबंधक कमेटी के प्रधान और तब रहे कालेज के प्रिंसिपल पर मुक़द्दमा दर्ज किया है।