शौर्य दिवस पर छह दिसंबर को भगवा रैली निकालेगा बजरंग दल

Last Updated: Dec 05 2017 13:40

छह दिसम्बर 1992 को अयोध्या में देश की बहादुर जनता ने देश के माथे पर लगा गुलामी के कलंक का टीका हमेशा के लिए हटा दिया था। उस दिन के बाद से देश के लोग खुद को राम का वंशज और भारत की संतान मानते हुए छह दिसम्बर को गौरव का दिवस मानते हैं। इसलिए देश की जनता को यह दिन दूसरी दिवाली के रूप में मनाना चाहिए और इस दिन को राष्ट्रीय गौरव का दिन घोषित किया जाना चाहिए। ये शब्द विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की मंदिर धर्म सभा में आयोजित संयुक्त बैठक को सम्बोधित करते हुए विहिप के पंजाब प्रदेश के वरिष्ठ नेता संजीव बजाज व बजरंग दल के ज़िला अध्यक्ष संजय शर्मा बॉबी ने कहे।

इन नेताओं की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में छह दिसंबर को शौर्य दिवस पर आयोजित होने वाली वाहन रैली की तैयारियों पर चर्चा की गई और अधिक से अधिक रामभक्तों से रैली में शामिल होने का आह्वान किया गया। बजरंग दल के ज़िला उपाध्यक्ष आनंद यादव एवं बजरंग दल नेता सोमनाथ शर्मा ने संयुक्त रूप से बताया कि शौर्य दिवस के उपलक्ष्य पर 6 दिसंबर दोपहर तीन बजे मंदिर धर्म सभा से दीप प्रज्जवलित कर विहिप के प्रदेश नेता संजीव बजाज, बजरंग दल के वरिष्ठ ज़िला प्रभारी जतिंदर छाबड़ा, ज़िला अध्यक्ष संजय शर्मा व जीवन वालिया के नेतृत्व में एक विशाल बाइक रैली निकालकर अयोध्या में श्रीराम जन्म भूमि पर विवादित ढांचे को ध्वस्त करने वाले कार सेवकों को नमन करने का निर्णय लिया गया है। 

इसके साथ ही रामभक्तों से इस दिन घर-घर दीप प्रज्वलित करने पर बल दिया। बजाज व बॉबी ने कहा कि विश्व में शायद भारत ही ऐसा अभागा देश है, जहां अपनी सांस्कृति विरासत और उसके मूल्यों के प्रति सम्मान दर्शाने पर विवाद खड़ा किया जाता है। इस बैठक में सोमनाथ शर्मा, ईशांत मेहरा, राज कुमार अरोड़ा, आनंद यादव, कुलदीपक धीर, परमजीत, राजपूत, रूबल धीर, गुरचरण व नितिन राजपूत उपस्थित थे।