किसान संघर्ष कमेटी के नेतृत्व में किसान सड़कों पर

Mahesh Kumar
Last Updated: Nov 03 2017 17:37

गेहूं व आलू की कीमतों में बढ़ौतरी की मांग को लेकर किसान संघर्ष कमेटी के सैंकड़ों किसानों ने पंजाब प्रधान सतनाम सिंह पन्नू की अध्यक्षता में बैठक करने के बाद रोष प्रदर्शन किया। किसान संघर्ष कमेटी के जिला जालंधर व कपूरथला अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह गोपी ने अपने संबोधन में कहा कि पंजाब सरकार की किसान विरोधी नीतियों के चलते किसानी का व्यवसाय घाटे में चल रहा है। किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम नहीं मिल रहा है, जबकि व्यापारी वर्ग उनकी फसलों को खरीदने के बाद मालामाल हो रहा है। उन्होंने गेहूं की फसल पर किसानों द्वारा खर्च में 50 फीसदी मुनाफा दर जोड़कर 3075 दाम करने की मांग के साथ आलू का रेट कम से कम 1200 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की। जिसका करीब 20 गांवों के किसानों ने नारों के साथ समर्थन किया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सतनाम सिंह पन्नू, जसवंत सिंह अमृतपुर, तरसेम सिंह विक्की ने कहा कि मोदी व कैप्टन सरकार की कारपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियों के चलते किसानी व्यवसाय पूरी तरह से तबाह हो चुका है। कर्ज के बोझ तले दबकर किसान निरंतर आत्महत्या कर रहे हैं। उन्होंने कैप्टन सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार बनने के बाद किसानों का कर्ज माफ कनरे का वायदा पूरा नहीं किया जा रहा है। दूसरी ओर केंद्र की मोदी सरकार हर वर्ष कार्पोरेट घरानों से संबंधित एक लाख करोड़ से अधिक का कर्ज एनपीए में डालकर खत्म कर रही है और जब किसानों और मजदूरों के कर्ज माफी की मांग की जाती है तो उसे देश की अर्थव्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ने का हवाला देकर टाल दिया जाता है। उन्होंने केंद्र सरकार से ट्रैक्टरों पर लगाए गए कर के फैसले को रद करने और कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा बिजली बिल बढ़ौत्तरी के फैसले को वापिस लेने की मांग को भी उठाया।