संयुक्त शिक्षक मोर्चे ने निकाली विरोध रैली

Mahesh Kumar
Last Updated: Oct 24 2017 13:22

पंजाब सरकार की ओर से पंजाब के 800 स्कूलों को बंद करने के रोष के तौर पर संयुक्त अध्यापक मोर्चे पंजाब के प्रांतीय आह्वान पर डी.टी.एफ., एस.एस.ए. व रमसा यूनियन, शिक्षा प्रोवाइडर यूनियन और कंप्यूटर अध्यापक यूनियन की ओर से डी.टी.एफ. के ज़िला कनवीनर कर्म सिंह, एस.एस.ए. व रमसा यूनियन से हरविंदर सिंह, गवर्नमेंट अध्यापक यूनियन से राजेश मंगी, शिक्षा प्रोवाइडर यूनियन से पंकज बाबू आदि के नेतृत्व में संयुक्त तौर पर शालीमार बाग़ में विशाल रैली की गई। इसके बाद पंजाब सरकार का पुतला फूंककर रोष जताया गया। इस दौरान अध्यापकों ने पंजाब भर में 800 स्कूलों को बंद करने के नादिरशाही फ़रमान की कापियां भी जलाई। 

रैली को संबोधन करते हुए नेताओं ने कहा कि केंद्र व पंजाब सरकार साम्राज्य के दबाव में वैश्वीकरण, उदारीकरण और निजीकरण की नीतियों के तहत सरकारी विभागों के ख़ात्मे पर तुली हुई है। संविधान में से 73वीं व 74वीं संशोधन के बाद पंजाब में ज़िला परिषद अलग-अलग प्रोजेक्टों और सोसायटियों की ओर से भर्ती, गैर-शिक्षक कार्यों और अनावश्यक डाक के माध्यम से सरकारी विभागों को ख़त्म करने की साज़िश बेनक़ाब हो गई है। अब जब आधा वर्ष बीत जाने के बाद भी सरकारी स्कूलों को पाठ्य-पुस्तकें अभी तक नहीं दी गई और ऊपर से 800 स्कूलों को बंद करने का लोग विरोधी नादरशाही फ़रमान जारी कर दिया गया। नेताओं ने कहा कि प्राइमरी स्कूलों के बाद मिडिल, हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों की सूचियों भी तैयार की जी रही है।

सरकार के कथित फ़ैसले से जहां ग़रीब बच्चों से शिक्षा का हक़ छीना जा रहा है, वहीं निजी स्कूलों की ओर से लोगों को अपनी लूट का शिकार बनाया जा रहा है। नेताओं ने चेतावनी दी कि जहां अध्यापक वर्ग एकजुट होकर सरकार की इन चुनौतियों का जवाब देगा, वहीं मेहनती लोगों को जागृत और जत्थे बंद करके लोक विरोधी मामलों के ख़िलाफ़ डट कर लड़ने के लिए तैयार करेगी। इस अवसर पर क्रम सिंह, सुखदेव सिंह सीनियर, जैमल सिंह, हरविंदर, अश्वनी टिब्बा, सुखचैन सिंह, बलविंदर सिंह भुल्लर, पंकज व अन्य सदस्य उपस्थित थे।