रेलवे सुपरवाइजर्स ने रेल मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

Mahesh Kumar
Last Updated: Aug 24 2017 15:17

आई.आर.टी.एस.ए की केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर रेल कोच फैक्टरी में सैकड़ों की संख्या में शामिल जे.ई, सी.एम.ए, डी.एम.एस, एस.एस.ई, सी.एम.एस, सी.डी.एम.एस और सीनियर इंजीनियर (आई.टी) समेत तमाम सुपरवाइजर्स ने अपनी प्रमुख मांगों को लेकर माननीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु भारत सरकार के नाम एक ज्ञापन मुख्य यांत्रिक इंजीनियर पी.सी गुप्ता को सौंपा।

आई.आर.टी.एस.ए के जोनल प्रधान इंजी. दर्शन लाल ने बताया कि रेलवे बोर्ड लगातार रेलवे के सुपरवाइजर्स की मांगों को अनदेखी कर रहा है, जिसको और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर रेलवे बोर्ड ने सुपरवाइजर्स की इन मांगों को और अधिक नज़रअंदाज किया तो आने वाले समय में रोष को और अधिक तीव्र किया जाएगा। उन्होंने रेल मंत्री भारत सरकार से सुपरवाइजर्स की प्रमुख मांगों जिनमें रेलवे बोर्ड के 11 जून 2010 के मुताबिक़ जे.ई, सी.एम.ए, डी.एम.एस के लिए ग्रेड पे - 4600 और सातवें वेतन आयोग की सिफ़ारिशों में संशोधन करते हुए पे लेवल- 8 और एस.एस.ई, सी.एम.एस, सी.डी.एम.एस और सीनियर इंजीनियर (आई.टी) के लिए ग्रेड पे- 4800, और सातवें वेतन आयोग की सिफ़ारिशों में संशोधन करते हुए पे लेवल– 10 दिया जाए। सभी एस.एस.ई, सी.एम.एस, सी.डी.एम.एस और सीनियर इंजीनियर (आईटी) को छठे वेतन आयोग और डी.ओ.पी.टी की सिफ़ारिशों के अनुसार ग्रुप- बी गजटेड का दर्जा दिया जाए। वर्ष -2014 से रेलवे मंत्रालय की तरफ से स्वीकृत, लेकिन लंबित पड़े 3335 सीनियर सुपरवाइजर्स के पदों को शीघ्र ग्रुप बी गजटेड का दर्जा दिया जाए।
  
इस अवसर पर मयंक भटनागर जोनल सचिव, जोनल कोषाध्यक्ष अमृत चौधरी, बलदेव राज, जगतार सिंह, हरमिंदर सिंह, राजेश जटाना, दलजीत थिंद , बाबू सिंह, संजीव वर्मा, कमल शर्मा, संजीव भारती, राम प्रकाश, हरिंदर सिंह, कुलदीप राय व अन्य सदस्य उपस्थित थे।