उड़ते बादलों के बीच बस्ती है ये जगह, ज़रूर घूमने जाएं

Last Updated: Oct 14 2019 18:31
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आज हम आपको भारत की उस जगह के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां देश-विदेश से लोग यहां की वादियों का आनंद उठाने के लिए आते हैं। लेकिन लोग सिर्फ कुल्लू, मनाली, शिमला, धर्मशाला, स्पीति वैली और तीर्थन वैली तक ही जाते हैं। ये सभी जगह खूबसूरत तो हैं, लेकिन इनसे अलग भी हिमाचल में एक ऐसी जगह है जहां जाकर आप जन्नत जैसा महसूस करेंगे। हिमाचल के इस नगीने का नाम है 'नारकंडा'।  

हाटू पीक
नारकंडा की सबसे फेमस जगह है हाटू पीक, जिसे नारकंडा हिल स्टेशन की सुंदरता का नगीना कहा जा सकता है। ये नारकंडा की सबसे ऊंचाई पर स्थित है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई करीब 12,000 फुट है। इस चोटी पर हाटू माता का मंदिर है, जिसको रावण की पत्नी मंदोदरी ने बनवाया था। यहां से लंका बहुत दूर थी लेकिन मंदोदरी हाटू माता की बहुत बड़ी भक्त थी और वे यहां हर रोज पूजा करने आती थीं। हाटू पीक नारकंडा से 6 कि.मी. की दूरी पर है। 

भीम का चूल्हा
हाटू मंदिर से 500 मीटर आगे चले तो तीन बड़ी चट्टानें मिलीं। इनके बारे में कहा जाता है कि ये भीम का चूल्हा है। पांडवों को जब अज्ञातवास मिला था तो वे चलते-चलते इस जगह पर रूके थे और यहां खाना बनाया था। 

ठानेधार 
कोटगढ़ और ठानेधार नारकंडा से 17 कि.मी. की दूरी पर हैं। कोटगढ़, सतलुज नदी के किनारे बाएं तरफ बसा है। ठानेधार सेब के बगीचों के लिए मशहूर है। कोटगढ़ घाटी को देखने वो लोग आते हैं जिनको बर्फ और पहाड़ों के बीच अच्छा लगता है। यहां से कुल्लु घाटी और बर्फ से ढंके पहाड़ों के नजारों को देखकर आनंद लिया जा सकता है। 

नारकंडा पहुंचने के लिए सभी साधन उपलब्ध हैं। अगर आप फ्लाइट से जाना चाहते हैं तो निकटतम एयरपोर्ट भुंतर में है। भुंतर एयरपोर्ट से नारकंडा हिल स्टेशन की दूरी 82 कि.मी. है। अगर आप ट्रेन से आने की सोच रहे हैं तो सबसे नजदीक रेलवे स्टेशन शिमला है। शिमला से नारकंडा की दूरी 60 कि.मी. है। अगर आप बस से आना चाहते हैं तो वो भी उपलब्ध है।