हमेशा और ज़रुरत से ज्यादा शॉपिंग करना हो सकता है एक बीमारी

Last Updated: Oct 07 2019 19:35
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त्योहारों के मौसम में खरीददारी करना आम बात है। घर की जरूरत का सामान हो या फिर अपने और परिवार के लिए कुछ लेना हो। इस समय तो हर कोई शॉपिंग करना चाहता है लेकिन अगर आप उन लोगों में शुमार हैं जिन्हें किसी त्योहार की जरूरत नहीं पड़ती और वो हमेशा शॉपिंग के लिए तैयार रहते हैं तो जान लीजिए कि ये भी एक तरह की बीमारी है।

इंग्लैंड के हेल्थकेयर ग्रुप ने ज्यादा शॉपिंग करने को उन बीमारियों की फेहरिस्त मे शामिल किया है जिसके लिए इलाज की जरूरत है। बिना वजह के या जरूरत से ज्यादा शॉपिंग करने को एक तरह की बीमारी माना गया है। जिसे मेडिकल की दुनिया में कंपल्सिव बाइंग डिसऑर्डर या ओनियोमेनिया कहा जाता है। दुनिया भर में बहुत से ऐसे लोग हैं जो इस बीमारी के शिकार रहते हैं लेकिन वो इसे पहचान नहीं पाते हैं। 2015 के लेखों के अनुसार विकासशील देशों में हर 20 में से 1 व्यक्ति इस बीमारी का शिकार होता है।  

पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में ये बीमारी की संभावना तीन गुना ज्यादा होती है। कंपल्सिव बाइंग डिसऑर्डर की शुरुआत कम उम्र से ही शुरु हो जाती है और ऐसा कम ही देखा गया है कि तीस साल की उम्र के बाद किसी में ये लक्षण पैदा हों। शोध में यह भी पता चला है कि ये समस्या समय के साथ बढ़ती जाती है।