आपकी निजी डाटा का दुरुपयोग कर सकती हैं टेक कंपनियां

Last Updated: Oct 07 2019 13:46
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बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और सर्च इंजन द्वारा अपने उपभोक्ताओं की निजी जानकारी का दुरुपयोग करने के मुद्दा एक बार फिर से तूल पकड़ लिया है। इस सिलसिले पर एक बार फिर परेशान होने से पहले आपको यह समझना होगा कि भविष्य में युद्ध भौतिक संपत्तियों पर नहीं बल्कि अरबों लोगों की निजी जानकारी इकट्ठी करने के मुद्दे पर होंगे। अनुमान है कि साल 2025 तक दुनियाभर में प्रतिदिन 463 एक्साबाइट (ईबी) डाटा बनने लगेगा। यह डाटा 22 करोड़ डीवीडी के बराबर है।

डिजिटल दुनिया के 2020 तक 44 जेटाबाइट्स तक पहुंचने की उम्मीद जताई गई है। एक जेटाबाइट में लगभग 1,000 ईबी, 10 लाख टेराबाइट (टीबी) या एक लाख करोड़ जीबी के बराबर डाटा होता है। अगर हम आज के हिसाब से देखें तो दुनियाभर में प्रतिदिन 50 करोड़ ट्वीट्स किए जाते हैं और 29.4 करोड़ मेल भेजे जाते हैं।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) की वेबसाइट पर प्रकाशित वेंकूवर की मीडिया साइट विजुअल केपिटलिस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, फेसबुक पर प्रतिदिन चार पेटाबाइट्स (1,000 टीबी) डाटा तैयार हो रहा है, वहीं व्हाट्स एप पर 65 अरब मैसेज भेजे जा रहे हैं और पांच अरब बार सर्च किया जा रहा है।