लंबी हाईट वालों के मुकाबले शोर्ट हाईट वालों को होता है टाइप 2 डायबिटीज़ का अधिक खतरा

Last Updated: Sep 17 2019 18:54
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कम हाइट होना सोसाइटी में कई तरह की समस्याओं का कारण बनता है। एक नई स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है कि लंबे लोगों की तुलना में कम हाइट वालों को टाइप 2 डायबीटीज का खतरा अधिक रहता है। इस स्टडी में बताया गया है कि हाइट में औसतन हर 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी डायबिटीज के खतरे को 30 प्रतिशत तक कम कर देती है। पुरुषों की हाइट में औसतन हर 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी होने पर डायबिटीज का खतरा 41 प्रतिशत कम हो जाता है जबकी महिलाओं में हर 10 सेंटीमीटर लंबाई बढ़ने पर डायबिटीज का खतरा 33 प्रतिशत कम हो जाता है। इसका मतलब ये है कि औसतन अमेरीकी पुरुष जिनकी हाइट 177.1 सेंटीमीटर होती है उनमें डायबीटीज होने का खतरा भारतीय पुरुषों की तुलना में 50 प्रतिशत कम होता है क्योंकि भारतीय पुरुषों की औसतन हाइट 164.9 सेंटीमीटर होती है।

वहीं इस शोध की मानें तो लंबे लोगों में लीवर फैट कंटेट छोटी लंबाई वालों की तुलना में कम होता है। इसके साथ ही छोटे लोगों में इंसुलिन भी कम बनता है और वसा के जमा होने की प्रवृत्ति भी अधिक होती है, इसलिए कम लंबाई वाले लोगों में दिल से जुड़ी बीमारी होने का भी खतरा बना रहता है। इसके अलावा जिन पुरुषों या महिलाओं के पैर धड़ की अपेक्षा ज्यादा लंबे होते हैं, उनमें डायबिटीज का खतरा उतना कम होता है।