सिर्फ भारत में हर मिनट होते हैं 1852 साइबर अटैक

Last Updated: Sep 14 2019 15:52
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आज देश के लोग जितना डिजिटली एडवांस हो रहे हैं उन पर साइबर अटैक का खतरा भी बढ़ रहा है। किसी दूर देश में बैठकर आपके मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप में सेंध लगाकर आपको लाखों-करोड़ों की चपत लगाई जा रही है। आप जानकर हैरान हो जाएंगे के दिनभर में हर मिनट 1852 साइबर अटैक हो रहे हैं। साइबर हमलों के निशाने पर देश के 4 बड़े शहर दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता शहरों को सबसे ज्यादा साइबर हमले झेलने पड़ रहे हैं। बड़ी बैंकिंग  और फाइनेंशियल कंपनियों को हर दिन हजारों साइबर हमले झेलने पड़ रहे हैं।

भारत में फाइनेंशियल लेनदेन के लिए भीम, गूगल पे, फोनपे और पेटीएम जैसे कई सारे एप्स का इस्तेमाल हो रहा है। ऐसे में बैंकों पर साइबर अटैक का सबसे बड़ा खतरा है। साइबर सिक्योरिटी रिसर्च की साल 2019 की एनुअल थ्रेट रिपोर्ट के मुताबिक साल 2018 में पूरी दुनिया में करीब 20 लाख साइबर हमले हुए और इस वजह से 3,222 अरब रुपये का नुकसान हुआ है।

गुरुग्राम के रहने वाले डीके जोशी और परिवार 23 जुलाई के मनहूस दिन को याद कर दुखी हो उठते हैं। महज एक फोन कॉल के जरिए उनकी मेहनत की गाढ़ी कमाई कोई अनजान शख्स लूट गया। डी के जोशी, NHPC से रिटायर्ड हैं और अभी नेपाल के लिए हाइड्रो पॉवर के कंसलटेंट के तौर पर काम करते हैं। इनके बैंक में रखे 5 लाख रुपए एक झटके में बैक अकाउंट से निकल गए।

इंडियन साइबर सिक्योरिटी रिसर्च की साल 2019 की एनुअल थ्रेट रिपोर्ट की मानें तो...

- विंडोज़ डिवाइसेज़ में पिछले साल 9 लाख 73 हज़ार साइबर अटैक हुए। 

- साइबर अटैक से दुनिया को 3,222 अरब रुपये का नुकसान हुआ ।

- हैकर्स की पहली पसंद बैंक है।

- इसका मतलब पूरे साल हर मिनट 1,852 विंडोज़ डिवाइस साइबर अटैक से इफेक्ट हुईं।

- भारत में  साइबर अटैक ट्रोजन्स वायरस (Trojans) से किए गए।

- इसमें दूसरे नंबर पर स्टैंडअलोन (Standalone) और तीसरे पर इंफेक्टर्स (Infectors) है, जिससे 2019 में भारत में साइबर हमले किए गए।

- वहीं रैंसमवेयर से हर 14 मिनट में एक कंप्यूटर टार्गेट किया गया है। हैकर्स सबसे ज्यादा रैंसमवेयर अटैक्स कर रहे हैं और इस रैंसमवेयर अटैक की वजह से ही फाइनेंशिंयल सेक्टर को 60 फीसदी का चूना लगा है।

- रैंसमवेयर अटैक साइबर अटैकर की पहली पसंद है और साल 2018 में इस अटैक से पूरी दुनिया में 6 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। वहीं इंटरनेट सोसाइटी ऑनलाइन ट्रस्ट अलाइंस की रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 2021 तक रैंसमवेयर अटैक से 20 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है।

- साइबर अटैक करने वाले 10 टूल में से 6 ट्रोजंस वायरस के हैं।

- वहीं एंड्रॉयड फोन कम से कम हर तीन मिनट में साइबर हमले झेल रहा है।