रोमांटिक रिश्ते में न रहने से टीनएजर बच्चों में हो सकता है डिप्रेशन

Last Updated: Sep 08 2019 19:39
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आजकल छोटे-छोटे बच्चों के हाथ में मोबाइल और इंटरनेट की सुविधा पहुंच जाने से वे समय से पहले ही बड़े हो जा रहे हैं। सोशल मीडिया और तरह-तरह के डेटिंग ऐप की वजह से किशोर उम्र के बच्चे भी रोमांटिक रिश्ते में रहते हैं। लेकिन शोधकर्ताओं द्वारा किए एक शोध में इस बात का पता चला है कि जो बच्चे किसी तरह के रोमांटिक रिश्ते में नहीं रहते, उनमें तनाव और अवसाद की समस्या कम देखी गई है। 

शोध के नतीजों के अनुसार जो किशोर कभी भी रोमांटिक रिश्ते में नहीं रहें उनमें सामाजिक कौशल और संवाद की बेहतर समझ होती है। वहीं जो टीनएजर किसी से डेट कर रहे थे उनमें डिप्रेशन की मात्रा ज्यादा थी। जार्जिया विश्वविद्यालय द्वारा किए अध्ययन में निष्कर्ष निकला कि स्कूल में स्वास्थ्य के बारे में बताने वाले शिक्षकों को छात्रों के समक्ष यह बात रखनी चाहिए कि किशोर-किशोरियों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता जरूरी है। जिससे वे इस बात का निर्णय स्वयं ले सके कि डेट किया जाना चाहिए या नहीं।

इस अध्ययन को स्कूल हेल्थ पत्रिका में प्रकाशित किया गया। जिसमें कक्षा दस के विद्यार्थियों को शामिल किया गया था। शोधकर्ताओं ने इन्हें चार श्रेणियों में बांट दिया था और टीचर रेटिंग्स व उन्हें दी गई प्रश्नावली का उपयोग कर उनकी तुलना की गई।