मस्तिष्क की तीसरी आंख खोले शक्तिपान मुद्रा

Last Updated: Aug 12 2019 18:45
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दोनों भौहों के बीच स्थित तीसरी आंख को अतीन्द्रिय ज्ञान देने वाला माना गया है। इसकी सक्रियता से कई घटनाओं का पूर्वाभास हो जाता है और आध्यात्मिक यात्रा में दिव्य अनुभव होते हैं। आंतरिक शक्तियां जगती हैं और संभावनाओं के अनेक द्वार खुलते हैं। शक्तिपान मुद्रा तीसरी आंख खोलती है। इससे अवसाद दूर होता है और एकाग्रता भी बढ़ती है, इसलिए यह मुद्रा विद्यार्थियों और दिमागी काम करने वालों के लिए चमत्कारिक है।

ऐसे करें शक्तिपान मुद्रा
दोनों हाथों के अंगूठों और तर्जनी उंगलियों के अग्रभाग को आपस में मिलाएं। मध्यमा, अनामिका और कनिष्ठा उंगलियों को मोड़कर हथेली पर हल्का दबाव बनाएं। इसे लगभग 45 मिनट करें।