महिलाओं में विटामिन डी की कमी हो सकती है घातक

Last Updated: Aug 12 2019 18:22
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विटामिन डी को धूप विटामिन भी कहते हैं, जिसका निर्माण हमारा शरीर धूप मिलने पर करता है। सूर्य की किरणों से मिलने वाला विटामिन हड्डियों के लिए फायदेमंद होता है और साथ ही शरीर में प्रतिरोधी तंत्र के लिए भी जरूरी है। भारत में 70 फीसदी महिलाएं पर्याप्त धूप न लेने की वजह से विटामिन डी की कमी का शिकार हो रही हैं। आज वह इसकी पूर्ति के लिए दवाइयों पर निर्भर हैं, लेकिन कई शोध में दावा किया गया है कि विटामिन डी के लिए किसी तरह के कोई सप्लीमेंट लेने का कोई फायदा नहीं होता है।

हड्डियों और दांतों की सेहत के लिए शरीर में विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में होना जरूरी है। इसके साथ ही यह कैंसर, टाइप 1 डायबिटीज और मल्टीपल स्क्लेरॉसिस जैसे कई रोगों से बचाव भी करता है। विटामिन डी हड्डियों और दांतों के स्वास्थ्य के अलावा प्रतिरक्षा प्रणाली, मस्तिष्क की सेहत के लिए भी महत्वपूर्ण होता है।

गर्भावस्था के दौरान, भ्रूण के विकास की वजह से शरीर में कैल्शियम घट जाता है, साथ ही पेशाब में कैल्शियम निकलने से भी इस महत्वपूर्ण तत्व की कमी आती है, जो कि गर्भावस्था के बढ़ने के साथ-साथ बढ़ने लगती है। बहुत से लोगों में यह पता भी नहीं लग पाता कि उनमें विटामिन डी की कमी है, क्योंकि अधिकतर इसकी कमी के लक्षण बहुत अस्पष्ट होते हैं और शरीर के अलग-अलग भागों को तथा मानसिक रूप से व्यक्ति को प्रभावित करते हैं।

विटामिन डी की कमी के लक्षण
- बार-बार बीमार पड़ना या संक्रमण का शिकार बनना
- थकान रहना
- हड्डियों तथा पीठ में दर्द
- अवसाद
- घाव भरने में परेशानी
- हड्डियों का क्षय
- बाल झड़ना
- मांसपेशियों में दर्द

इन बीमारियों का होता है खतरा
-मोटापा बढ़ना
-तनाव व अवसाद की स्थिति
-हड्डियों का बार-बार फ्रैक्चर होने की आशंका 
-अल्जाइमर 
-कई तरह के कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है 

बचाव के उपाय
- हर दिन सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के दौरान गोल्डन आवर होता है। इस दौरान धूप का सेवन जरूर करें।
-दूध और उससे बनने उत्पाद का सेवन करें
-संतरे को डाइट में शामिल करें।
-अंडे की जर्दी या मशरूम खाएं।
- अगर फिर भी विटामिन डी की कमी महसूस हो तो तत्काल डॉक्टर से मिलें।