विश्व रक्तदान दिवस: हर साल तेजी से घट रहे रक्तदाता, नही हो रही खून की कमी पूरी

Last Updated: Jun 14 2019 14:10
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आज पूरी दुनिया विश्व रक्तदान दिवस मना रही है। जिसका उद्देश्य लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करना है। लेकिन, खून की कमी से अकेले भारत में ही हर साल लगभग 1.36 लाख महिलाओं की मौत हो जाती है। जो पूरी दुनिया में गर्भावस्था और प्रसव के दौरान हुई मौतों का 25.7 फीसदी है। 

नेशनल हेल्थ सर्विस ब्लड एंड ट्रांसप्लांट के आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच साल में लगातार रक्तदाताओं की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, पुरुष रक्तदाताओं में 24.8 और महिला रक्तदाताओं में 6 फीसद की कमी हुई है। देश में हर साल लगभग 1.20 करोड़ यूनिट खून की जरूरत होती है। लेकिन, रक्तदाताओं से केवल 90 लाख यूनिट ही रक्त एकत्रित हो पाता है। जिससे हर साल 30 लाख यूनिट रक्त की कमी रह जाती है।

देश में तेजी से कम होते रक्तदाताओं का कारण रक्तदान को लेकर फैलीं कई तरह की अफवाहें हैं। सर्वे के अनुसार, शाकाहारी लोग यह मानते हैं कि उनके शरीर में आयरन की कमी होती है इसलिए वह रक्तदान नहीं कर सकते जबकि कई शाकाहारी खानों में आयरन भरपूर होता है।

कई लोग यह मानते हैं कि शरीर पर टैटू बनवाने के बाद रक्तदान करना ठीक नहीं होता। जबकि मामला इसके ठीक उलट है। टैटू या पियर्सिंग करवाने के चार से पांच महीने बाद आसानी से रक्तदान किया जा सकता है।