World Blood Donor Day: किसी को नया जीवन देने में देरी न करें, रक्तदान करें

Last Updated: Jun 13 2019 15:58
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रक्तदान को महादान कहा जाता है। ब्लड डोनेट करने से आप किसी को नया जीवन दे सकते हैं, साथ ही कई बीमारियों को दूर भी भगा सकते हैं। बहुत सारे लोगों को लगता है कि ब्लड डोनेट करने के बाद शरीर में कमजोरी आ जाती है, लेकिन ऐसा नहीं है। ब्लड डोनेट करने के 21 दिन बाद यह दोबारा बन जाता है। हर साल 14 जून के दिन वर्ल्ड ब्लड डोनर डे मनाया जाता है। हम आपको बताएंगे कि बल्ड डोनेट करने से पहले और बाद में आपको किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए:

-सबसे पहली यह बात जान लें कि आप रक्त दान करने के योग्य हैं भी या नहीं। 
-उसके बाद यह जान लें कि आपका ब्लड हेल्दी है या नहीं। हेल्दी ब्लड के लिए खून में हीमॉग्लोबिन का लेवल कम से कम 12.5 पर्सेंट होना चाहिए।
-जिन लोगों को किसी तरह का संक्रमण नहीं है वो ही रक्तदान कर सकते हैं।
-अगर आप हाई ब्लड प्रेशर, किडनी या फिर डायबीटीज के मरीज हैं तो रक्तदान न करें।
-जिन महिलाओं का मिसकैरेज हुआ उन्हें छह महीने तक ब्लड डोनेट नहीं करना चाहिए।
-अगर आप रक्तदान करने का सोच रहे हैं तो एक दिन पहले से स्मोक करना बंद कर दें। इसके अलावा रक्तदान करने के तीन घंटे बाद ही धुम्रपान करें।
-रक्तदान करने के बाद हर तीन घंटे में हैवी डाइट लें। इसमें आप ज्यादा से ज्यादा हैल्दी खाना ही लें।
-ज्यादातर रक्तदान करने के बाद रक्तदाता को खाने के लिए जूस, चिप्स, फल आदि दिए जाते हैं, इन्हें लेने से परहेज नहीं करना चाहिए।
-रक्तदान करने के 12 घंटे बाद तक आप हैवी एक्सरसाइज न करें। खून देने के तुरंत बाद गर्मजोशी अच्छी नहीं होती। 
-रक्तदान करने से 48 घंटे पहले से शराब का सेवन बंद कर दें। 
-एक बार में किसी के शरीर से भी 471 एमल से ज्यादा रक्त नहीं लिया जा सकता।
-लोगों को गलतफहमी होती है कि रक्तदान करने से हीमोग्लोबिन में कमी आती है, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है।
-कोई भी हेल्दी व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। बात करें पुरुष की तो वह 3 माह में एक बार रक्तदान कर सकते हैं वहीं महिलाएं 4 माह में एक बार ब्लड डोनेट कर सकती हैं।