क्या आप जानते हैं तल के मध्य में बने इस जलमहल का इतिहास ???

Last Updated: Apr 30 2019 13:52

राजस्थान भारत गणराज्य का क्षेत्रफल के आधार पर सबसे बड़ा राज्य है। इसके पश्चिम में पाकिस्तान, दक्षिण-पश्चिम में गुजरात, दक्षिण-पूर्व में मध्यप्रदेश, उत्तर में पंजाब, उत्तर-पूर्व में उत्तरप्रदेश और हरियाणा है। रंग-रंगीला राजस्थान अपनी नायाब खूबसूरती व रजवाडी शान के प्रतीक किलों और महलों के कारण सदा ही पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा है। इसी के चलते आज हम आपको ऐसी जगह ले जाएंगे जो शायद आपको कहीं न मिले। जी हाँ आज हम बात करने जा रहें हैं जलमहल की। जलमहल भारत के राजस्थान राज्य की राजधानी जयपुर के मान सागर सरोवर के बीच में बना हुआ है। 18 वी शताब्दी में आमेर के महाराजा जय सिंह द्वितीय ने यहां पैलेस और जलमहल का निर्माण किया था।

इस महल का ये है इतिहास
जयपुर-आमेर मार्ग पर मानसागर झील के बीच में बने इस महल का निर्माण सवाई जयसिंह ने अश्वमेध यज्ञ के बाद अपनी रानियों और पंडित के साथ स्‍नान के लिए करवाया था। इस महल के निर्माण से पहले जयसिंह ने जयपुर की जलापूर्ति हेतु गर्भावती नदी पर बांध बनवाकर मानसागर झील का निर्माण करवाया। इस अनोखे महल का निर्माण 1799 में हुआ था। इसके निर्माण के लिए राजपूत शैली से तैयार की गई नौकाओं की मदद ली गई थी। राजा इस महल को अपनी रानी के साथ ख़ास वक्‍त बिताने के लिए भी इस्‍तेमाल करते थे। 

जलमहल से जुड़ी कुछ ख़ास बातें....
इस महल की ख़ासियत ये है कि यहां कभी गर्मी नहीं लगती, क्‍योंकि इसके कई तल पानी के अंदर बनाए गए हैं। यहां से पहाड़ और झील का ख़ूबसूरत नज़ारा भी देखने को मिलता है।जयपुर-आमेर मार्ग पर मानसागर झील के मध्‍य स्थित इस महल का निर्माण सवाई जयसिंह ने अश्वमेध यज्ञ के बाद अपनी रानियों और पंडित के साथ स्‍नान के लिए करवाया था।
इससे पूर्व जयसिंह ने जयपुर की जलापूर्ति हेतु गर्भावती नदी पर बांध बनवाकर मानसागर झील का निर्माण करवाया। जलमहल मध्‍यकालीन महलों की तरह मेहराबों, बुर्जो, छतरियों एवं सीढीदार जीनों से युक्‍त दुमंजिला और वर्गाकार रूप में निर्मित भवन है।
इसकी ऊपरी मंज़िल की चारों कोनों पर बुर्जो की छतरियाँ व बीच की बरादरिया, संगमरमर के स्‍तम्‍भों पर आधारित हैं। जलमहल अब पक्षी अभ्‍यारण के रूप में भी विकसित हो रहा है।