लखनऊ की शान हैं ये पकवान

Last Updated: Mar 31 2019 19:27

नवाबों की नगरी लखनऊ जहां खूबसूरत इमारतें देखने के साथ-साथ खाने का जायका आपको यहां की याद बार-बार दिलाता रहेगा। लखनऊ शहर अपनी खास नज़ाकत और तहजीब वाली बहुसांस्कृतिक खूबी, दशहरी आम के बाग़ों तथा चिकन की कढ़ाई के काम के लिए जाना जाता है। कानपुर के बाद यह शहर उत्तर-प्रदेश का सबसे बड़ा शहरी क्षेत्र है। शहर के बीच से गोमती नदी बहती है, जो लखनऊ की संस्कृति का हिस्सा है। लखनऊ केवल बडे़-बडे़ नावाबों के नाम से ही नहीं बल्‍कि यहां के खानपान की शैली की वजह से ज्‍यादा मशहूर है। अगर आप मांसाहारी (नॉन वेजिटेरियन) हैं, तो आपको यहां विभिन्न तरह की बिरयानियां, कबाब, कोरमा, नाहरी कुल्चे, शीरमाल, ज़र्दा, रुमाली रोटी और ऐसे ही हजारों किसम की वैराइटियां मिल जाएंगी। तो इसी के साथ आज हम आपको बतायंगे की आप यहाँ पर कौन सा खाना मिस नहीं करना चाहिए। 

1: गिलौटी कबाब

ये यहां का सबसे प्रसिद्ध कबाब है। इसे उस समय निजात किया गया जब नवाबों को लगने लगा कि अब उनके दांत कमजोर हो चुके हैं और अब वह किसी भी कठोर मांस के टुकड़े को चबा पाने में असमर्थ हैं। तब उन्‍होनें अपने खास शाही बावर्ची को निर्देश दिया कि वह उनके लिये कोई ऐसी चीज़ बनाए जो मुंह में डालते ही गल जाए। तभी इस गिलौटी कबाब का निजात हुआ और इसका नाम पड़ा गिलौटी कबाब।

2: टुंडे कबाब

टुंडे कबाब एक बेहद ही दिलचस्प डिश है और इसके पीछे बहुत ही अलग कहानी है। टुंडे का मतलब होता है विकलांग। इसका मतलब यह हुआ कि जिस इंसान ने टुंडे कबाब बनाने शुरू किए थे वह विकलांग थे। ऐसा कहा जाता है कि टुंडे कबाब को बनाने के लिए लगभग 100 मसाले यूज़ किए जाते हैं।

3: टोकरी चाट

लखनऊ के हजरतगंज रायल कैफे की टोकरी चाट चटपटा खाने वालों की पहली पसन्द है। पूरे लखनऊ में आपको इससे अच्छी चाट नहीं मिल सकता। वैसे इस टोकरी चाट के बारे में ऐसा कहा जाए कि पूरी इंडिया में ऐसी टोकरी चाट कहीं और नहीं मिल सकती तो गलत नहीं होगा। अनार के दानों से सजी टोकरी चाट बनाने के लिए इसमें खास तरीके के मसालों का यूज़ किया जाता है।

4: लखनवी बिरयानी 

मसलों के साथ पहले पके हुए चावल को जब पहले से मैरीनेट किये मटन में मिक्‍स किया जाता है, तब जा कर तैयार होती है लखनवी बिरयानी। बिरयानी पकाने का अंदाज यहां पर सबसे जुदा माना जाता है। यहां कि बिरयानी खाने के बाद आपको कहीं और कि बिरयानी पसंद ही नहीं आएगी।

5: पाया की नहारी

लखनऊ के पाया की निहारी एक ऐसी जबरदस्त डिश है जिसे रात में 6 से 7 घंटों तक धीरे-धीरे धीमी आंच पर पकाया जाता है। नाहर एक उर्दू शब्द है जिसका अर्थ होता है सुबह और इसीलिए ये डिश सुबह-सुबह लखनऊ में धड़ल्ले से बिकता है। निहारी को कुल्‍चे के साथ खाया जाता है।

6: रोगन जोश

रोगन जोश एक प्रसिद्ध कश्मीरी डिश है जिसे नॉनवेज खाने वाले लोग बड़े ही शौक के साथ खाते हैं। इसे कई खुशबूदार मसालों के साथ पकाया जाता है। अगर लखनऊ की बात करें तो यहां के रोगन जोश को एक बार खाने के बाद आप उसका टेस्ट जिंदगी भर भूल नहीं पाएंगी। 

7:ज़र्दा पुलाव

ज़र्दा शब्‍द उर्दू शब्‍द जर्द से लिया गया है, जिसका नाम होता है पीला। इसलिये यह पुलाव पीले रंग का होता है। यह मीठा पुलाव बासमती चावल, शक्‍कर, मेवे और केसर को डाल कर बनाया जाता है। शादियों में यह एक पॉपुलर डेजर्ट के रूप में खाया जाता है।