रोहतक गैंगरेप केस: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सातों दोषियों की मौत की सजा को रखा बरकरार

Last Updated: Mar 20 2019 17:32
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हरियाणा के लोगों की नींद उड़ा देने वाला मामला, जिमसे 9 दोषियों ने मानसिक रूप से बीमार युवती के साथ हैवानियत की सारे हदें पार की थी। उन दरिंदों ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से सज़ा में रियायत की मांग की। लेकिन हाईकोर्ट ने सातों दोषियों की मौत की सज़ा बरकार रखी है। जानकारी के अनुसार ये फैसला जस्टिस एबी चौधरी आधार डिविजन बेंच ने सुनाया है। हाईकोर्ट ने भी सातों दोषियों की हैवानियत को रेअर ऑफ रेअरेस्ट की श्रेणी में रखा है। हाईकोर्ट ने दोषियों की प्रॉपर्टी की ऑक्शन कर 50 लाख रुपए की राशि जमा करने के आदेश दिए है, जिसमें 25 लाख रुपए मृतका की बहन और 25 लाख रुपए हरियाणा सरकार को दिए जाने के आदेश दिए हैं। 

आपको बता दें कि फरवरी 2015 को एक नेपाली युवती का अपहरण हो गया था, जिसके बाद युवती के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया और बाद में बेरहमी के साथ उसकी हत्या कर दी गई थी। पीड़िता का शव पुलिस को चार फरवरी को बहु अकबरपुर के पास खेतों में नग्न हालत में मिला था। पुलिस जांच के बाद 8 आरोपियों को इस मामले में दोषी पाए जाने पर गिरफ्तार किया गया था। दोषियों को रोहतक कोर्ट ने 21 दिसंबर 2015 को फांसी की सजा सुनाई थी।