जानिए हैदराबाद की हुसैन सागर झील के बारे में कुछ रोचक बातें, आखिर क्यों है ये इतनी ख़ास

Last Updated: Mar 03 2019 17:22

हुसैन सागर, तेलंगाना, भारत में एक कृत्रिम झील है जो हैदराबाद में है। हैदराबाद के भूगोल और इतिहास में इस झील का विशेष महत्व है। इस मानव निर्मित झील को हजरत हुसैन शाह वली ने 1562 में बनवाया था। ये झील मूसी नदी की एक सहायक नदी पर बनी है। इस झील को बनाने का मूल उद्देश्य शहर को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवाना था। इस झील की खासियत यह है कि यहां वर्ष भर पानी रहता है और साथ ही यह हैदराबाद और सिकंदराबाद को जोड़ने का भी काम करती है। झील के चारों ओर प्रसिद्ध नेकलेस रोड है जो रात को खूब चमचमाता है। नेकलेस रोड के बीच में बने हुसैन सागर से रात के समय यहां का नाजारा देखने लायक होता है। 1992 में झील के बीच में भगवान बुद्ध की एक विशाल प्रतिमा खड़ी की गई। 

हुसैन सागर झील के बीच में स्थित "रॉक ऑफ गिब्राल्टर" पर स्थापित महात्मा बुद्ध की है, इस प्रतिमा की उचाई 18 मीटर है, जिसके चलते ये पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद बन गया है। 350 टन की इस प्रतिमा को यहां स्थापित करना कठिन काम था। जब यह प्रतिमा नाव से यहां लाई जा रही थी, तो वह नाव पलट गई थी और प्रतिमा झील में जा गिरी। यहाँ का सबसे बड़ा आकर्षण झील के बीच स्थित भगवान बुद्ध की 17.5 मी. लंबी पत्थर की प्रतिमा है। यह एक ही पत्थर को तराश कर बनाई गई विश्व की सबसे बड़ी मूर्तियों में से एक है। 1990 में यह प्रतिमा पानी में डूब गई थी और दो साल तक झील में ही पड़ी रही। दो साल बाद 350 टन की इस मूर्ति को पुन: झील के मध्य में स्थापित किया जा सका।


इस झील से जुड़ी कुछ अहम बातें 
1.  ये झील एशिया में सबसे बड़ी कृत्रिम झील है। 
2.  जहां हुसैन सागर झील स्थित है उसे Tank Bund कहा जाता है। 
3.  झील में स्थित बुद्ध की मूर्ति को 200 मूर्तिकारों ने 2 शाल में तैयार किया था।
4. झील में स्थित बुद्ध की मूर्ति को ग्रेनाइट चट्टान से बनाया गया।
5.  यह झील Water sports का एक मुख्य केंद्र है।