Me Too के आरोपों से घिरे विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर दे सकते हैं इस्तीफा

Last Updated: Oct 11 2018 13:07

आजकल MeToo की वजह से बहुत लोगों पर आरोप लगने की खबरे सामने आ रही है। आपको बता दें कि MeToo के आरोपों से घिरे विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर को इस्तीफा देना पड़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस मामले में सख्त कदम उठा सकती है,वह व्यक्तिगत कारणों के हवाले से इस्तीफा दे सकते हैं। एमजे अकबर पर कम से कम चार महिलाओं ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। सबसे पहले इस क्रम में जर्नलिस्ट प्रिया रमानी ने पिछले साल मैग्ज़ीन के लिए एक स्टोरी में बिना उनका नाम लिए उस गलत व्यवहार के बारे में लिखा था अब उन्होंने एक ट्वीट के ज़रिए अकबर का नाम लिखकर उन पर आरोप लगाए हैं।

माना जा रहा है कि नाइजीरिया की आधिकारिक यात्रा से लौटने के बाद केंद्र सरकार उनसे इस्तीफे की मांग कर सकती है। सूत्रों का कहना है कि एमजे अकबर पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद सरकार में भारी बेचैनी है और उनका असमर्थनीय बचाव नहीं किया जा सकता है। सूत्रों ने कहा कि बेशक, उनके (एमजे अकबर) खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इस्तीफे की मांग से पहले अकबर को इतनी रियायत जरूर दी जाएगी कि वो अपने ऊपर लगे सभी तरह के आरोपों पर सफाई दे सकें। जानकारी के मुताबिक आपको बता दें कि वहीं एक और वरिष्ठ पत्रकार शूमा राहा ने ट्वीट में लिखा कि 1995 में कोलकाता के ताज पैलेस में उसके सामने अकबर ने ऐसे ऑफर दिए थे. जिसके बाद उन्होंने नौकरी का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। 

बता दें कि प्रिया रमानी और प्रेरणा सिंह बिंद्रा नाम की दो महिला पत्रकारों ने एमजे अकबर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। प्रिया रमानी का कहना है कि एमजे अकबर ने होटल के एक कमरे में इंटरव्यू के दौरान कई महिला पत्रकारों के साथ आपत्तिजनक हरकतें की हैं। एमजे अकबर पर लगे इन आरोपों के बाद अब भाजपा सांसद उदित राज उनके बचाव में उतर गए हैं। 

प्रेरणा सिंह बिंद्र ने भी अकबर के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ट्वीट में लिखा, 'वो एम जे अकबर थे, मैं इसे हल्के में नहीं कह रही हूं. मैं जानती हूं कि गलत आरोप के क्या परिणाम हो सकते हैं. 17 साल हो गए और मेरे पास ठोस सबूत नहीं है. लेकिन मैं युवा थी, और मुझे फीचर एडिटर बना दिया गया. उन्होंने आगे लिखा मैं उनके बातों से प्रभावित थी, लेकिन इसका मतलब कतई नहीं है कि मैं उपलब्ध थी,जब मैने होटल में जाने से इनकार कर दिया तब बात बिगड़ गई।' फिलहाल, विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को लेकर कोई स्टेटमेंट जारी नहीं किया है। जब महिला पत्रकारों ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से जवाब मांगा कि क्या वह अकबर पर लगे आरोपों की आंतरिक जांच कराएंगी तो उन्होंने इस पर कोई जवाब नहीं दिया।