दुर्गा पूजा पंडालों को 28 करोड़ देने पर HC ने ममता के हक़ में दिया फैसला

Last Updated: Oct 10 2018 16:36

पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को दुर्गा पूजा पंडालों को पैसे देने के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। बुधवार को हाईकोर्ट ने इस मामले में दखल देने से इंकार करते हुए कहा कि सरकार के खर्च की आलोचना के लिए विधानसभा ही उचित जगह है। 

इस योजना के तहत राज्य की प्रत्येक दुर्गा पूजा समिति को 10 हजार रुपये का अनुदान दिए जाने की घोषणा की गई है। ममता सरकार ने कुल 28 करोड़ रुपये के अनुदान का ऐलान किया है। हाई कोर्ट ने मंगलवार तक दुर्गा पूजा से जुड़ी अपनी भुगतान योजना को रोककर रखने के लिए कहा था।

याचिका दायर करने वाले वकील ने प्रदेश की दुर्गा पूजा समितियों को 28 करोड़ रुपये देने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए दावा किया था कि यह सिर्फ दुर्गा पूजा समितियों को दान है और इसका कोई सार्वजनिक उपयोग नहीं है। महाधिवक्ता किशोर दत्ता में खंडपीठ के समक्ष दलील दी थी कि इस धन का उपयोग यातायात सुरक्षा अभियान के तहत पुलिस की सहायता करने के लिए किया जाना है। 

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दुर्गा-पूजा आयोजित करने वाले पंडालों को 28 करोड़ रुपये बतौर गिफ्ट देने की घोषणा की थी।  ममता ने कहा था कि राज्य सरकार की ओर से पश्चिम बंगाल में 28 हजार पूजा पंडालों में से सभी को 10-10 हजार रुपये दिए जाएंगे। इस पर आने वाला खर्च राज्य सरकार के विभिन्न विभाग उठाएंगे। इनमें पर्यटन और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय भी शामिल थे। इस फैसले को ममता सरकार का हिंदुओं को लुभाने के लिए लिया गया फैसला बताया जा रहा था।

 आपको बता दें कि 19 सितंबर को मुख्यमंत्री के इस फैसले पर कोलकाता हाईकोर्ट कोर्ट में चुनौती दी गई थी।  कोर्ट की डिविजन बेंच ने इस मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा था कि राज्य सरकार किस आधार पर पब्लिक का पैसा पूजा समिति को दे रही है। कोर्ट ने यह भी जानना चाहा था कि क्या इसके लिए कोई दिशा निर्देश भी है।