अर्थशास्त्र क्षेत्र में नोबेल विजेता पॉल रोमर ने की Aadhaar योजना की तारीफ

Riya Bawa
Last Updated: Oct 10 2018 16:19

अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार विजेता पॉल माइकल रोमर भारत के आधार योजना के फैन हैं।  पिछले साल मार्च में समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि आधार का बायोमीट्रिक डेटा सिस्टम उनके सामने आई अब तक की सबसे उन्नत व्यवस्था है। उन्होंने इसको दुनिया भर में लागू करने की वकालत की थी। 

रोमर ने कहा था कि इसे (आधार को) यदि व्यापक तौर पर अपनाया जाए तो यह दुनिया भर के लिए अच्छा हो सकता है, हालांकि, लोगों को अपने डेटा और उस डेटा के इस्तेमाल पर कुछ नियंत्रण की व्यवस्था देनी चाहिए। गौरतलब है कि हाल में सुप्रीम कोर्ट ने आधार के इस्तेमाल को सीमित करते हुए इसे सिर्फ कुछ सरकारी सेवाओं के लिए जरूरी रखने का आदेश दिया हैम। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने आधार व्यवस्था को संवैधानिक बताया है। 

रोमर ने कहा था कि एक मानक व्यवस्था तैयार करना बेहतर होता है, ताकि लोग दुनिया में कहीं भी रहने पर अपने साथ एक ID कार्ड रखें। उन्होंने कहा था कि ‘आधार’ वित्तीय लेनदेन सहित सभी तरह के संपर्क का आधार हो सकता है.रोमर ने कहा था, ‘इसे (आधार को) यदि व्यापक तौर पर अपनाया जाए तो यह दुनिया भर के लिए अच्छा हो सकता है। हालांकि, लोगों को अपने डेटा और उस डेटा के इस्तेमाल पर कुछ नियंत्रण की व्यवस्था देनी चाहिए।’

जानकारी के मुताबिक आपको बता दें कि रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ इकोनॉमिक्स ने सोमवार को जलवायु परिवर्तन और आर्थिक विकास पर खोज के लिए विलियम द नोर्डहॉस और पॉल एम. रोमर को 2018 का अर्थशास्त्र का नोबेल सम्मान देने की घोषणा की। विलियम नोर्डहॉस येल यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं।  उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) येल यूनिवर्सिटी से ही की है। उन्होंने प्रतिष्ठित मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलजी (एमआईटी) से अपनी पीएचडी पूरी की है. वहीं पॉल रोमर न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय के स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस जुड़े हुए हैं।